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किस हाल में मोजतबा खामेनेई: US-इस्राइल के हमले में कितना हुआ शरीर को नुकसान; CIA-मोसाद ढूंढने में क्यों नाकाम?

Sat, 25 Apr 2026 12:23 PM IST
Kirtivardhan Mishra स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: Kirtivardhan Mishra Updated Sat, 25 Apr 2026 12:23 PM IST
सार

28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर हमला बोला गया था। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से लेकर ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख और कई अन्य सैन्य अफसरों की मौत हो चुकी है। हालांकि, इसके बावजूद ईरान की सेना और शासन पहले की तरह ही मजबूती से अमेरिका-इस्राइल का सामना करने में सक्षम रही है और उसका शासन भी अब तक सही-सलामत खड़ा है। 

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US Iran War Mojtaba Khamenei Supreme Leader circle in Tehran Mossad CIA Israel Attacks explained news
मोजतबा खामेनेई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस्राइल और अमेरिका ने जब 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, तब इन दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों की पहली उम्मीद यही थी कि अगले दो से तीन दिन में ईरान को नेस्तनाबूत कर दिया जाएगा। इसके अलावा ईरान के शासक अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके करीबी नेताओं और कमांडरों को सीधे हमले में मार गिराकर ईरान में सत्ता परिवर्तन की राह भी आसान कर ली जाएगी। हालांकि, अब पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हुए दो महीने पूरे होने वाले हैं। इसके बावजूद न तो अमेरिका अब तक ईरान में सत्ता परिवर्तन कराने में ही सफल रहा है और न ही वहां तख्तापलट करने में कामयाब हुआ है। अमेरिका-इस्राइल की इस नाकामी की एक बड़ी वजह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को माना जा रहा है, जो हमलों में भीषण रूप से घायल होने के बावजूद न सिर्फ जिंदा हैं, बल्कि अपनी सेना और अर्धसैनिक बलों को इन दोनों देशों के खिलाफ युद्ध में निर्देश भी दे रहे हैं। साथ ही ईरान की कूटनीति को लेकर हर तरह के फैसले ले रहे हैं। 
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हालांकि, जबसे यह युद्ध शुरू हुआ है तबसे लेकर अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि मोजतबा खामेनेई की हालत अभी कैसी है? अमेरिका और इस्राइल ने एक समय तो यहां तक दावा कर दिया था कि उनकी कोई खास जानकारी सामने नहीं आ रही और हो सकता है कि 28 फरवरी को हुए हमले में ही उनकी मौत हो गई हो। हालांकि, दिन बीतने के साथ ही यह साफ होने लगा कि मोजतबा अभी जिंदा हैं और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद सभी अहम फैसलों में शामिल हैं। इतना ही नहीं उनकी लोकेशन की जानकरी भी गुप्त रखी गई है। 

आइये जानते हैं कि मोजतबा खामेनेई के हालात, उनकी लोकेशन को लेकर क्या ताजा जानकारी सामने आई है? इसके अलावा उनकी स्थिति को लेकर कब-क्या दावे किए गए और कैसे यह दावे लगातार बदलते रहे हैं?
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कैसी है मोजतबा खामेनेई की हालत?

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने मोजतबा के स्वास्थ्य को लेकर एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट निकाली है। इसमें ईरान के कई शीर्ष अधिकारियों और सैन्य अफसरों के हवाले से नए खुलासे हुए हैं। खासकर मोजतबा के हालात के बारे में। 

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कैसे सीआईए और मोसाद जैसी खुफिया एजेंसियों से बचे हैं मोजतबा

मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर न सिर्फ सेना और ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) बेहद सावधानी बरत रही है, बल्कि उनके करीबी नेता भी इस मामले में सतर्क हैं। 

छिपने की स्थिति और सतर्कता

28 फरवरी को उनके पिता के परिसर पर हुए हवाई हमले के बाद से वह एक अज्ञात स्थान पर छिपे हुए हैं, और उन तक पहुंचना अब बेहद मुश्किल और सीमित है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ कमांडर और शीर्ष सरकारी अधिकारी भी उनसे मिलने उनके गुप्त ठिकाने पर नहीं जाते हैं। उन्हें इस बात का गहरा डर है कि इस्राइल इन अधिकारियों का पीछा करके मोजतबा की लोकेशन का पता लगा सकता है और उनकी हत्या कर सकता है।

संदेश भेजने और हासिल करने के लिए गुप्त तरीका

मोजतबा जिस जगह छिपे हैं, वहां इंटरनेट या नेटवर्क से जुड़ी चीजों के इस्तेमाल की इजाजत नहीं है। ऐसे में उनको भेजे जाने वाले सभी संदेश हाथ से लिखे होते हैं और उन्हें लिफाफों में पूरी तरह से सील करके भेजा जाता है। इन संदेशों को एक भरोसेमंद व्यक्ति से दूसरे भरोसेमंद शख्स तक एक मानव श्रृंखला के जरिए आगे बढ़ाया जाता है।

ईरानी शासन के यह वफादार कारों और मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करते हुए मुख्य राजमार्गों और अंदरूनी रास्तों से सफर करके उनके ठिकाने तक पहुंचते हैं। मोजतबा के निर्देश और उनके जवाब भी ठीक इसी प्रक्रिया और रास्तों से वापस भेजे जाते हैं।

दुनिया के सामने क्यों नहीं आ रहे ईरान के नए सुप्रीम लीडर?

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने अब तक कोई वीडियो या ऑडियो संदेश इसलिए रिकॉर्ड नहीं किया है क्योंकि वह बुरी तरह घायल हैं और इस स्थिति में अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में खुद को कमजोर या असहाय नहीं दिखाना चाहते हैं। 

इसके अलावा उनकी सुरक्षा को लेकर इतनी ज्यादा चिंता है कि उन्हें अज्ञात स्थान पर छिपाकर रखा गया है। इसके अलावा सिवाय कुछ बड़े सैन्य अफसरों और नेताओं के, किसी को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं है। 

ऐसे में उनकी तरफ से लिखित बयानों को गुप्त स्रोतों के जरिए भेजा जाता है और इन संदेशों को ही ईरान की सरकारी मीडिया में पढ़ा जाता है।

मोजतबा को लेकर क्या हैं विशेषज्ञों के दावे?

उनके स्वास्थ्य की जानकारी रखने वाले चार वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, मोजतबा मानसिक रूप से पूरी तरह तेज और सक्रिय हैं। ईरान के नेता और पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के वरिष्ठ सलाहकार रहे अब्दुलरेजा दावरी ने उनके काम करने के तरीके के बारे में कहा है, "मोजतबा देश को ऐसे चला रहे हैं जैसे कि वह किसी बोर्ड के निदेशक हों। वह बोर्ड के सदस्यों की सलाह और मार्गदर्शन पर बहुत अधिक निर्भर हैं, और वे सामूहिक रूप से सभी निर्णय लेते हैं। जनरल ही इस बोर्ड के सदस्य हैं।"

अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक चैथम हाउस से जुड़ीं सनम वकील का कहना है कि "मोजतबा अभी पूर्ण कमान या नियंत्रण में नहीं हैं। संभवतः उनके प्रति सम्मान है और वह औपचारिक रूप से निर्णय लेने की संरचना का हिस्सा हैं, लेकिन फिलहाल उनके सामने पहले से तय फैसले पेश किए जाते हैं।"

दूसरी तरफ इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के अली वाएज ने मोजतबा के सत्ता पर नियंत्रण को लेकर कहा है, "मोजतबा सर्वोच्च नहीं हैं; वह नाम के नेता हो सकते हैं, लेकिन वह अपने पिता की तरह सर्वोच्च नहीं हैं। मोजतबा रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अधीन हैं क्योंकि उन्हें अपना पद और व्यवस्था का अस्तित्व उन्हीं की बदौलत मिला है।"

मोजतबा के हालात को लेकर कैसे बदलते रहे हैं अमेरिका-इस्राइल के दावे?

अमेरिका और इस्राइल की आधिकारिक टिप्पणियों और खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद नाजुक है। यह स्थिति 28 फरवरी, 2026 को उनके पिता अली खामेनेई की मौत के बाद हुए हवाई हमलों के बाद बनी है।

1. अमेरिका-इस्राइल


2. ईरान का रुख

अमेरिका-इस्राइल के दावों के उलट ईरानी विदेश मंत्रालय इन दावों को खारिज करता रहा है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं। उनकी गैरमौजूदगी की वजह युद्ध के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया जाता रहा है।
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