Chinese Spy Facility: अमेरिका की जासूसी के लिए क्यूबा में स्पाई सेंटर खोलेगा चीन, यूएस इंटेलिजेंस का दावा
अमेरिकी खुफिया विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया था कि चीन और क्यूबा जासूसी केंद्र को लेकर सैद्धांतिक रूप से एक समझौते पर पहुंच गए हैं। इसके लिए चीन, क्यूबा को अरबों डॉलर का भुगतान भी करने को तैयार है।
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अमेरिका के खुफिया विभाग ने एक बड़ा खुलासा किया है। उसका कहना है कि चीन जल्द ही क्यूबा में एक जासूसी केंद्र खोलने जा रहा है। यह केंद्र अमेरिका के फ्लोरिडा से 100 मील की दूरी पर मौजूद एक द्वीप पर स्थापित किया जाएगा। खुफिया विभाग का कहना है कि इस इलेक्ट्रॉनिक ईव्सड्रॉपिंग फैसिलिटी को स्थापित करने के लिए क्यूबा और चीन के बीच गुप्त समझौता हुआ है। इसके जरिए चीन अमेरिका पर निगाह रखेगा।
सूत्रों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ने जासूसी केंद्र का निर्माण करना शुरू कर दिया है या नहीं। हालांकि, इन सारे दावों का क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने खंडन किया है। उनका कहना है कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
अमेरिकी तटों को होगा खतरा
वहीं, एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के दो प्रतिद्वंदियों के बीच समझौता बाइडन प्रशासन के लिए चिंता की बात है। ये दोनों देश साम्यवादी सरकारों के द्वारा शासित हैं, जो अमेरिका के तटों के करीब एक नया खतरा पैदा कर रहा है। यह सौदा तब हुआ है, जब अमेरिका और चीन ने तनाव कम करने के लिए कुछ अस्थायी कदम उठाए हैं।
फरवरी में भेजा था जासूसी गुब्बारा
गौरतलब है, ये पहली बार नहीं होगा, जब इस तरह की हरकत की खबर सामने आई है। इसी साल फरवरी में अमेरिका ने एक संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराया था। चीन ने इसे सामान्य मौसम वाला गुब्बारा बताया था। जबकि अमेरिका का दावा था कि इस गुब्बारे में जासूसी के लायक कई उपकरण तैनात थे।
क्यूबा को अरबों डॉलर का भुगतान
अमेरिकी खुफिया विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया था कि चीन और क्यूबा जासूसी केंद्र को लेकर सैद्धांतिक रूप से एक समझौते पर पहुंच गए हैं। इसके लिए चीन, क्यूबा को अरबों डॉलर का भुगतान भी करने को तैयार है।
रिपोर्ट का खंडन
इस पर व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा था कि मैं इस विशिष्ट रिपोर्ट पर बात नहीं कर सकता, लेकिन इसके बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। उन्होंने कहा कि हमने दुनियाभर में बुनियादी ढांचे में चीन के प्रयासों के बारे में कई बार बात की है, जिसमें उसके सैन्य उद्देश्य हो सकते हैं। हालांकि, अब उन्होंने ऐसी किसी भी रिपोर्ट का खंडन किया है।
अमेरिका रख रहा बारीकी से निगरानी
जॉन किर्बी ने यह भी कहा कि हम इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हमने इसका मुकाबला करने के लिए कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को आश्वस्त करते हैं कि हम घर, क्षेत्र और दुनियाभर में अपनी सभी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सक्षम हैं।
क्यूबा का US पर आरोप
वहीं, क्यूबा के उप विदेश मंत्री कोसियो ने अमेरिका पर पलटवार किया है। उन्होंने अमेरिका के अधिकारियों पर बदनामी करने का आरोप लगाया है। हवाना में एक कार्यक्रम में कोसियो ने कहा कि इस तरह की बदनामी अमेरिकी अधिकारियों द्वारा अक्सर गढ़ी गई है। वह ऐसा क्यूबा पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को वैध बनाने के लिए कर रहे हैं।
चीन जाएंगे ब्लिंकन!
अमेरिका चीन के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिश में लगा हुआ है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन चीन दौरे की योजना बना रहे हैं। उन्हें यह दौरा फरवरी में करना था, लेकिन तब जासूसी गुब्बारे वाले विवाद के कारण यात्रा रद्द कर दी थी। अब क्यूबा में जासूसी केंद्र खोलने को लेकर भी अमेरिका और चीन के बीच बवाल बढ़ रहा है। बाइडन प्रशासन ने चीन के साथ संबंधों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।