मानवाधिकार रिपोर्ट : अमेरिका ने माना- कश्मीर में हालात सुधार रही भारत सरकार, उइगुरों पर चीन को लगाई लताड़
- अमेरिकी रिपोर्ट में भारत की तारीफ भी और आलोचना भी
- रिपोर्ट में अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर की आलोचना
विस्तार
अमेरिका ने आखिरकार स्वीकार किया कि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर में सामान्य हालात वापस लाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। जम्मू-कश्मीर के हालात सुधर रहे हैं। वहीं चीन को उइगर मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर फटकार लगाई है।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बाइडन प्रशासन की पहली मानवाधिकार रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बाइडन प्रशासन ने माना कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में सामान्य हालात वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसी रिपोर्ट में उइगरों के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर चीन को कड़ी फटकार भी लगाई है। रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार द्वारा उठाए गए मानवहितों के लिए कदम की तारीफ की गई है, तो प्रेस की स्वंतंत्रता, गैर कानूनी हत्याएं, अभिव्यक्ति की आजादी और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भारत की आलोचना भी की गई है।
अमेरिकी मानवाधिकार रिपोर्ट में रूस की सरकार पर विरोधियों को निशाना बनाने और सीरिया के नेता बशर अल-असद पर भी अपने लोगों के खिलाफ अत्याचार किए जाने का आरोप लगाया है। यह रिपोर्ट अमेरिकी विदेश मंत्री ऐंटनी ब्लिंकेन ने जारी की।
जम्मू-कश्मीर में हालात सुधरे
भारत को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। सरकार ने संचार के माध्यमों पर लगे प्रतिबंधों को हटाया है, नजरबंद किए नेताओं को रिहा किया है। जनवरी में भारत सरकार ने इंटरनेट को आंशिक रूप से बहाल किया। हालांकि, जम्मू-कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में 4जी इंटरनेट की बहाली नहीं की गई।
इन मुद्दों को किया शामिल
विदेश विभाग ने अपनी रिपोर्ट में भारत में एक दर्जन से अधिक मानवाधिकारों से जुड़े अहम मुद्दों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें पुलिस की ओर से न्यायेत्तर हत्याओं समेत अवैध कत्ल, अधिकारियों की ओर से दी गई प्रताड़ना, क्रूरता, अमानवीयता या अपमानजनक व्यवहार या सजा के मामले, मनमानी गिरफ्तारियां और कुछ राज्यों में राजनीतिक कैदी प्रमुख शामिल हैं।
बता दें कि 5 अगस्त, 2019 को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था। साथ ही राज्य को दो प्रदेशों में बांट कर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था। इसके बाद से दुनिया भर में यह मुद्दा चर्चा में आ गया था।