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भीषण गर्मी से अमेरिका बेहाल: क्या 250वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में पड़ेगा खलल? इन शहरों के लिए अलर्ट जारी
Thu, 02 Jul 2026 02:33 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:33 AM IST
सार
अमेरिका के उत्तर-पूर्वी शहरों में भीषण गर्मी और हीट डोम के कारण स्वतंत्रता दिवस के जश्न पर संकट मंडरा रहा है। न्यूयॉर्क और बोस्टन में तापमान 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। प्रशासन ने कूलिंग सेंटर खोले हैं और लोगों को लू से बचने की सलाह दी है।
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अमेरिका में गर्मी का कहर
- फोटो : PTI
विस्तार
अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भीषण गर्मी का कहर जारी है। न्यूयॉर्क, बोस्टन और फिलाडेल्फिया जैसे बड़े शहरों में अत्यधिक गर्मी की चेतावनी जारी की गई है। यह मौसम ऐसे समय में आया है जब पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के जश्न की तैयारी कर रहा है। इस क्षेत्र में आजादी के जश्न का ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन चिलचिलाती धूप ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हीट डोम का असर और बढ़ता तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूयॉर्क और बोस्टन में तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट (लगभग 38 डिग्री सेल्सियस) के पार जा सकता है। हवा में नमी यानी ह्यूमिडिटी की वजह से यह गर्मी और भी ज्यादा महसूस होगी। वैज्ञानिकों ने बताया कि 'हीट डोम' की वजह से यह स्थिति बनी है। हीट डोम एक ऐसी प्रणाली है जिसमें उच्च दबाव वाले क्षेत्र गर्मी और नमी को एक जगह रोक लेते हैं। यह गर्मी मिडवेस्ट से लेकर पूर्वी तट तक फैल गई है।
जश्न के कार्यक्रमों पर संकट
गर्मी की वजह से स्वतंत्रता दिवस पर होने वाली परेड, जहाजों की प्रदर्शनी और संगीत कार्यक्रमों में खलल पड़ सकता है। बोस्टन में एक ऐतिहासिक बालकनी से स्वतंत्रता की घोषणा पढ़ने का लोकप्रिय कार्यक्रम भी होना है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने लोगों को घरों के अंदर रहने और ठंडे स्थानों पर समय बिताने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर गर्मी को कम आंकते हैं, जो खतरनाक हो सकता है।
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सेहत पर मंडराता खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ता तापमान और ह्यूमिडिटी एक जानलेवा मेल है। न्यूयॉर्क के विशेषज्ञों के अनुसार, यहां के लोगों का शरीर दक्षिण के लोगों की तरह इतनी गर्मी सहने का आदी नहीं है। ऐसे में कम तापमान पर भी लोगों को हीट स्ट्रोक या लू लगने का खतरा रहता है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि शहरों में कंक्रीट, डामर और स्टील की वजह से गर्मी और ज्यादा बढ़ जाती है। फोन पर दिखने वाला तापमान असलियत से कम हो सकता है।
ये भी पढ़ें: Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में 5.5 तीव्रता का आया भूकंप, फिलहाल जान-माल के नुकसान की खबर नहीं
राहत के लिए किए गए इंतजाम
प्रशासन ने गर्मी से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। न्यूयॉर्क में बेघर लोगों की मदद के लिए 200 से ज्यादा टीमें तैनात की गई हैं। शहर में सैकड़ों कूलिंग सेंटर खोले गए हैं, जहां लोग जाकर आराम कर सकते हैं। न्यूयॉर्क के 'म्यूजियम ऑफ द डॉग' ने कुत्तों को भी अंदर आकर ठंडा होने की अनुमति दी है। वॉशिंगटन डीसी में पुलिस बच्चों को पानी की बोतलें बांट रही है ताकि उन्हें डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मियां लंबी और ज्यादा गर्म होती जा रही हैं।
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हीट डोम का असर और बढ़ता तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूयॉर्क और बोस्टन में तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट (लगभग 38 डिग्री सेल्सियस) के पार जा सकता है। हवा में नमी यानी ह्यूमिडिटी की वजह से यह गर्मी और भी ज्यादा महसूस होगी। वैज्ञानिकों ने बताया कि 'हीट डोम' की वजह से यह स्थिति बनी है। हीट डोम एक ऐसी प्रणाली है जिसमें उच्च दबाव वाले क्षेत्र गर्मी और नमी को एक जगह रोक लेते हैं। यह गर्मी मिडवेस्ट से लेकर पूर्वी तट तक फैल गई है।
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जश्न के कार्यक्रमों पर संकट
गर्मी की वजह से स्वतंत्रता दिवस पर होने वाली परेड, जहाजों की प्रदर्शनी और संगीत कार्यक्रमों में खलल पड़ सकता है। बोस्टन में एक ऐतिहासिक बालकनी से स्वतंत्रता की घोषणा पढ़ने का लोकप्रिय कार्यक्रम भी होना है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने लोगों को घरों के अंदर रहने और ठंडे स्थानों पर समय बिताने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर गर्मी को कम आंकते हैं, जो खतरनाक हो सकता है।
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सेहत पर मंडराता खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ता तापमान और ह्यूमिडिटी एक जानलेवा मेल है। न्यूयॉर्क के विशेषज्ञों के अनुसार, यहां के लोगों का शरीर दक्षिण के लोगों की तरह इतनी गर्मी सहने का आदी नहीं है। ऐसे में कम तापमान पर भी लोगों को हीट स्ट्रोक या लू लगने का खतरा रहता है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि शहरों में कंक्रीट, डामर और स्टील की वजह से गर्मी और ज्यादा बढ़ जाती है। फोन पर दिखने वाला तापमान असलियत से कम हो सकता है।
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राहत के लिए किए गए इंतजाम
प्रशासन ने गर्मी से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। न्यूयॉर्क में बेघर लोगों की मदद के लिए 200 से ज्यादा टीमें तैनात की गई हैं। शहर में सैकड़ों कूलिंग सेंटर खोले गए हैं, जहां लोग जाकर आराम कर सकते हैं। न्यूयॉर्क के 'म्यूजियम ऑफ द डॉग' ने कुत्तों को भी अंदर आकर ठंडा होने की अनुमति दी है। वॉशिंगटन डीसी में पुलिस बच्चों को पानी की बोतलें बांट रही है ताकि उन्हें डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मियां लंबी और ज्यादा गर्म होती जा रही हैं।