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चीन को हार्वर्ड का बड़ा झटका: भाषा कार्यक्रम बीजिंग से ताइपे स्थानांतरित, खराब बर्ताव बना कारण

Fri, 15 Oct 2021 01:16 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, बीजिंग।
एजेंसी, बीजिंग। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 15 Oct 2021 01:16 AM IST
सार

हार्वर्ड-बीजिंग अकादमी की निदेशक जेनिफर लियू ने बताया चीनी भाषा कार्यक्रम को बीजिंग से हटाने का सबसे बड़ा कारण वहां के संस्थान का गैर-मित्रता का व्यवहार है। यह कार्यक्रम बीजिंग लैंग्वेज एंड कल्चर यूनिवर्सिटी में चलाया जाता था। अब यह प्रोग्राम ताइवान की ईवी लीग अमेरिकन यूनिवर्सिटी के लिए स्थानांतरित किया गया है।

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US Harvard University Chinese language program shifted from Beijing to Taipei
यूएस और चीन का झंडा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने चीन को बड़ा झटका दिया है। उसने चीन के खराब बर्ताव को कारण बताते हुए चीनी भाषा के कार्यक्रम को बीजिंग से हटाकर ताइपे स्थानांतरित कर दिया है। यह मामला इसलिए विवाद का विषय बन सकता है क्योंकि ताइपे ताइवान की राजधानी है और चीन उसे अपना क्षेत्र होने का दावा करता है।

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हार्वर्ड-बीजिंग अकादमी की निदेशक जेनिफर लियू ने बताया कि चीनी भाषा कार्यक्रम को बीजिंग से हटाने का सबसे बड़ा कारण वहां के संस्थान का गैर-मित्रता का व्यवहार है। यह कार्यक्रम बीजिंग लैंग्वेज एंड कल्चर यूनिवर्सिटी में चलाया जाता था। अब यह प्रोग्राम ताइवान की ईवी लीग अमेरिकन यूनिवर्सिटी के लिए स्थानांतरित किया गया है।
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लियू ने बताया कि पिछले कई वर्षो से हार्वर्ड के प्रोग्राम को बीजिंग में कक्षाओं और छात्रावास के लिए परेशान होना पड़ रहा था। एक भी छात्र के लिए रहने का इंतजाम न होने की वजह से इस कार्यक्रम से जुड़े छात्रों को होटल में रखना पड़ रहा था। हार्वर्ड क्रिम्सन की रिपोर्ट के अनुसार शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद से चीन में अमेरिकी संस्थाओं के प्रति व्यवहार खराब हुआ है। 
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ताइवान से तनाव को लेकर चीन व अमेरिकी टकराव की आशंका बढ़ी
चीन के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर ताइवान को परेशान करने के लिए रिकॉर्ड संख्या में सैन्य विमान भेजने के बाद बीजिंग इन सैन्य अभ्यासों को उचित ठहरा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल सीधे संघर्ष की आशंका नहीं है लेकिन भविष्य में कभी भी हालात खतरनाक हो सकते हैं।‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ में ब्रितानी रक्षा विश्लेषक हेनरी बॉयड ने कहा कि अमेरिकी दृष्टिकोण से चीनी शक्ति प्रतिद्वंद्विता की अवधारणा इस आशंका को बल दे रही है। अमेरिका की इस मुद्दे पर चीन को दी गई चेतावनी स्पष्ट संकेत हैं कि दोनों में टकराव बढ़ रहा है।


चीन से युद्ध नहीं चाहते, लेकिन बचाव करेंगे : ताइवान
एशिया में चीन-ताइवान में बढ़ते तनाव के बीच ताइवान ने कहा है कि वह चीन के साथ युद्ध शुरू नहीं करना चाहता है लेकिन वह हमला होने पर अपना बचाव करेगा। रक्षामंत्री चीउ कुओ-चेंग ने बहस्पतिवार को दोहराया कि यदि चीन ने हमला किया तो ताइवान अपना बचाव करेगा लेकिन वह जल्दबाजी में खुद आगे नहीं बढ़ेगा। वह चीन के साथ यथास्थिति बनाए रखना चाहता है।

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