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US News: स्टेन स्वामी को फंसाने के लिए कंप्यूटर में डाले गए थे सबूत, अमेरिकी फोरेंसिक फर्म का दावा
Tue, 13 Dec 2022 09:29 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, न्यूयॉर्क
पीटीआई, न्यूयॉर्क
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 13 Dec 2022 09:29 PM IST
सार
रिपोर्ट में दावा किया है कि स्टेन स्वामी की हार्ड ड्राइव पर 50 से अधिक फाइलें बनाई गई थीं, जिनमें उन दस्तावेजों को शामिल किया गया था, जो उनके और माओवादी विद्रोह के बीच संबंध थे।
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स्टेन स्वामी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भीमा-कोरेगांव हिंसा केस में फादर स्टेन स्वामी से जुड़े मामले में एक बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को एक अमेरिकी फोरेंसिक फर्म ने दावा किया कि फादर स्टेन स्वामी को फंसाने के लिए कंप्यूटर में आपत्तिजनक दस्तावेज डाले गए थे। 84 वर्षीय फादर स्वामी को 2020 में कथित आतंकी लिंक के लिए गिरफ्तार किया गया था जिनकी पिछले साल उनकी मौत हो गई।
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मैसाचुसेट्स स्थित एक डिजिटल फोरेंसिक फर्म ने स्टेन स्वामी के कंप्यूटर की एक इलेक्ट्रॉनिक कॉपी की जांच की जिसमें निष्कर्ष निकाला कि एक हैकर ने उनके कंप्यूटर में सबूत प्लांट किए थे। वहीं फर्म ने अपनी रिपोर्ट में पिछली रिपोर्टों का भी जिक्र किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेन स्वामी की हार्ड ड्राइव में 50 से अधिक फाइलें डाली गई थीं। ड्राइव में दस्तावेजों को उस तरीके से बनाया गया था कि उनके और माओवादी विद्रोह के बीच संबंध थे।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वामी पर छापे से एक हफ्ते पहले 5 जून, 2019 को अंतिम आपत्तिजनक दस्तावेज उनके कंप्यूटर पर लगाया गया था। इन दस्तावेजों के आधार पर ही उन्हें भीमा कोरेगांव मामले में पहली बार गिरफ्तार किया गया था, जबकि विशेषज्ञों ने दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर संदेह जताया है।
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क्या है एल्गार परिषद मामला
एल्गार परिषद मामला पुणे में 31 दिसंबर 2017 को एक सभा में कथित भड़काउ भाषण देने से संबंधित है। पुलिस का दावा है कि उक्त भाषण के बाद पश्चिमी महाराष्ट्र के बाहरी इलाकों में कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा भड़की थी। पुणे पुलिस ने दावा किया था कि सभा को माओवादियों का समर्थन प्राप्त था। मामले की जांच अब एनआईए कर रही है। इसमें कई कार्यकर्ताओं और अकादमिक जगत के लोगों को आरोपी बनाया गया है। वहीं स्वामी का पांच जुलाई 2021 को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था। उन्हें एक दिन पहले दिल का दौरा पड़ा था तथा उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। स्वामी को पिछले साल 29 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।