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US: ट्रंप ने उठाया ऐसा कदम, खत्म हो जाएगी रूस-यूक्रेन जंग! पुतिन से मिलेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति के ये खास 'दूत'
Tue, 02 Dec 2025 05:45 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 02 Dec 2025 05:45 PM IST
सार
Putin-Witkoff Meeting In Moscow: करीब तीन साल से ज्यादा वक्त से जारी रूस-यूक्रेन जंग को रोकने के लिए अमेरिका की तरफ से प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इस कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।
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अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में एक नया मोड़ आया है। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ मंगलवार को रूस की राजधानी मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि वे एक शुरुआती शांति प्रस्ताव लेकर आए हैं, जिसे अमेरिका युद्ध खत्म करने की दिशा में एक अवसर के रूप में देख रहा है। इसी दौरान, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की यूरोप के देशों के दौरे पर निकले हैं और मंगलवार को वे आयरलैंड पहुंचे। यह दौरा यूरोपीय समर्थन को मजबूत करने के लिए है, क्योंकि यूरोप यूक्रेन की लड़ाई में बड़ा सहयोगी रहा है।
यह भी पढ़ें - अब थमेगा रूस-यूक्रेन युद्ध?: जेलेंस्की का दावा- बदलाव के साथ बेहतर दिख रही ट्रंप की शांति योजना, लेकिन...
दो मोर्चों पर अमेरिका की कूटनीति
पिछले कुछ महीनों से शांति प्रयासों में सफलता न मिलने पर, अमेरिका ने अब तेजी से पहल शुरू की है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो यूक्रेन अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। वहीं अब विटकॉफ रूस से बातचीत करेंगे। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका दोनों पक्षों को एक मध्य मार्ग पर लाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है और बहुत कम जानकारी सार्वजनिक हुई है।
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यूरोप भी चाहता है समाधान
यूरोपीय देश इस प्रक्रिया को ध्यान से देख रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर रूस को ज्यादा रियायतें मिलीं, तो आगे उसके और भी विस्तारवादी कदम उठाने का खतरा रहेगा। इसके साथ ही यूरोपीय नेताओं के सामने यह सवाल भी है कि यूक्रेन की आर्थिक और सैन्य मदद आगे कैसे जारी रखी जाए, क्योंकि संसाधन सीमित हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बताया कि उन्होंने, जेलेंस्की ने और विटकॉफ ने आठ यूरोपीय नेताओं, ईयू और नाटो प्रमुखों के साथ एक संयुक्त बातचीत की है। मैक्रों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम होने वाले हैं।
सीमाएं और सुरक्षा हैं सबसे बड़ी बाधा
कूटनीतिज्ञों के मुताबिक मुख्य टकराव दो बातों पर है। जिसमें पहला ये कि कौन सा क्षेत्र किसके नियंत्रण में रहेगा? जबकि दूसरा यह है कि भविष्य में यूक्रेन की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? इन दोनों सवालों पर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है।
यह भी पढ़ें - Canada: यूरोपीय संघ के रक्षा फंड में शामिल हुआ कनाडा, अमेरिका से बढ़ रही दूरी
जेलेंस्की पर दबाव बढ़ा
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। एक तरफ युद्ध जारी है, वहीं दूसरी ओर सरकार में भ्रष्टाचार के आरोप उभर रहे हैं। इसके साथ-साथ यूक्रेनी अर्थव्यवस्था मुश्किल में है और रूस सैन्य रूप से दबाव बढ़ा रहा है। सोमवार देर रात रूस ने दावा किया कि उसने पूर्वी यूक्रेन के महत्वपूर्ण शहर पोक्रोव्स्क पर कब्जा कर लिया है। लेकिन जेलेंस्की ने कहा कि लड़ाई अभी भी जारी है।
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दो मोर्चों पर अमेरिका की कूटनीति
पिछले कुछ महीनों से शांति प्रयासों में सफलता न मिलने पर, अमेरिका ने अब तेजी से पहल शुरू की है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो यूक्रेन अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। वहीं अब विटकॉफ रूस से बातचीत करेंगे। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका दोनों पक्षों को एक मध्य मार्ग पर लाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है और बहुत कम जानकारी सार्वजनिक हुई है।
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यूरोप भी चाहता है समाधान
यूरोपीय देश इस प्रक्रिया को ध्यान से देख रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर रूस को ज्यादा रियायतें मिलीं, तो आगे उसके और भी विस्तारवादी कदम उठाने का खतरा रहेगा। इसके साथ ही यूरोपीय नेताओं के सामने यह सवाल भी है कि यूक्रेन की आर्थिक और सैन्य मदद आगे कैसे जारी रखी जाए, क्योंकि संसाधन सीमित हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बताया कि उन्होंने, जेलेंस्की ने और विटकॉफ ने आठ यूरोपीय नेताओं, ईयू और नाटो प्रमुखों के साथ एक संयुक्त बातचीत की है। मैक्रों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम होने वाले हैं।
सीमाएं और सुरक्षा हैं सबसे बड़ी बाधा
कूटनीतिज्ञों के मुताबिक मुख्य टकराव दो बातों पर है। जिसमें पहला ये कि कौन सा क्षेत्र किसके नियंत्रण में रहेगा? जबकि दूसरा यह है कि भविष्य में यूक्रेन की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? इन दोनों सवालों पर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है।
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जेलेंस्की पर दबाव बढ़ा
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। एक तरफ युद्ध जारी है, वहीं दूसरी ओर सरकार में भ्रष्टाचार के आरोप उभर रहे हैं। इसके साथ-साथ यूक्रेनी अर्थव्यवस्था मुश्किल में है और रूस सैन्य रूप से दबाव बढ़ा रहा है। सोमवार देर रात रूस ने दावा किया कि उसने पूर्वी यूक्रेन के महत्वपूर्ण शहर पोक्रोव्स्क पर कब्जा कर लिया है। लेकिन जेलेंस्की ने कहा कि लड़ाई अभी भी जारी है।
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