US Presidential Debate 2020: कोरोना, आयकर और नस्लीय हिंसा के इर्द-गिर्द रही पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट
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अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई। रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से जहां वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिस्सा लिया वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से जो बिडेन मैदान में आए। इस डिबेट के होस्ट अमेरिकी समाचार चैनल फॉक्स न्यूज के 72 वर्षीय न्यूज एंकर क्रिस वॉलेस थे।
दोनों ही नेता मंच पर चढ़े, लेकिन एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया, ऐसा कोरोना प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए किया गया। ट्रंप और बिडेन 90 मिनट तक चलने वाली इस बहस के लिए पूरी तैयारी के साथ आए। बिडेन ने ट्रंप को अपने आयकर रिटर्न को सार्वजनिक करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, ट्रंप ने अरबपति होने के बावजूद सालों से कर नहीं चुकाया है।
बिडेन ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हाथों की कठपुतली हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप की खराब नीतियों की वजह से देश में कोरोना वायरस का प्रभाव इतना ज्यादा बढ़ा। साथ ही अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर ट्रंप को घेरा।
ट्रंप ने कोरोना वायरस से दुनियाभर में हो रही मौतों को लेकर भारत पर बड़ा आरोप लगाया। बिडेन के एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत, रूस और चीन ने कोरोना मृतकों का सही आंकड़ा नहीं दिया है।
प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट की जज की नियुक्ति को लेकर हो रहे बवाल पर कहा कि हमने चुनाव जीता है, इसलिए हमें इस बात का अधिकार प्राप्त है कि हम जज एमी कोनी बैरेट को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त करें।
वहीं, इस पर डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन ने कहा, मैं न्याय का विरोध नहीं कर रहा हूं। दोनों ही नेताओं के बीच इस डिबेट में तीखी बहस भी देखने को मिली। क्लीवलैंड में 90 मिनट तक चलने वाली यह बहस भारतीय समयानुसार बुधवार की सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुई।
जज बैरेट के नामांकन पर ट्रंप और बिडेन में हुई बहस
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें दिवंगत उच्चतम न्यायालय की न्यायमूर्ति रूथ बदर गिंसबर्ग की जगह किसी दूसरे न्यायमूर्ति को चुनने का अधिकार है, जबकि पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ने जिन्हें चुना है उनकी उम्मीदवारी लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य कवरेज को समाप्त कर देगी।
प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति की नियुक्ति को लेकर हो रहे बवाल पर कहा कि हमने चुनाव जीता है, इसलिए हमें इस बात का अधिकार प्राप्त है कि हम न्यायमूर्ति एमी कोनी बैरेट को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त करें।
ओबामाकेयर पर हुई बहस
ओबामाकेयर को लेकर ट्रंप और बिडेन दोनों के बीच खासा बहस हुई। ट्रंप ने कहा कि आप इस योजना को कितने भी बेहतर तरीके से लागू करें, ओबामाकेयर एक आपदा है। कितना भी बेहतर तरीके से इस योजना को लागू किया जाए, इससे किसी को फायदा नहीं होता है।
जो बिडेन ने कहा, सब जानते हैं कि ट्रंप झूठे हैं
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झूठा करार दिया और उन्हें चुप रहने को कहा। पहली बहस की शुरुआत में दोनों नेता एक-दूसरे से टकरा गए। बिडेन ने कहा, तथ्य यह है कि अब तक वह जो कुछ भी कह रहे हैं, वह केवल एक झूठ है। मैं यहां झूठ सामने लाने के लिए नहीं हूं। हर कोई जानता है कि वह एक झूठे व्यक्ति हैं।
स्वास्थ्य के मुद्दे पर क्या बोले ट्रंप और बिडेन
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पूर्व डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के प्रतिद्वंद्वी बर्नी सैंडर्स के सामाजिक चिकित्सा प्रस्तावों को अपनाया है। ट्रंप ने कहा, यहां हर कोई जानता है कि वह झूठे हैं। आपने गलत रात में गलत आदमी को गलत समय पर चुन लिया है। दोस्तों, क्या आपको पता है कि इस मसखरे का क्या काम है?
ट्रंप द्वारा अपने स्वास्थ्य के प्रस्ताव को समझाने के बाद, बिडेन ने कहा, ट्रंप के पास स्वास्थ्य देखभाल के लिए कोई योजना नहीं है। तथ्य यह है कि इस आदमी को पता नहीं है कि वह किस बारे में बात कर रहा है।
एक मौके पर ट्रंप ने बिडेन को टोका, जिस पर पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा, क्या आप अपना मुंह बंद करेंगे। यह इतना असंवेदनशील है। आप चुप रहिए। उन्होंने कहा कि ट्रंप की खराब नीतियों की वजह से 70 लाख अमेरिकी कोरोना वायरस के संपर्क में आए हैं।
कोरोना वायरस के मुद्दे पर बिडेन ने ट्रंप को घेरा
बिडेन ने कहा, ये शर्म की बात है कि अमेरिका जैसे विकसित देश में दो लाख लोग महामारी की वजह से जान गंवा चुके हैं। सच्चाई तो ये है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन के पास इससे निपटने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा, फरवरी तो तक तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि ये कितना गंभीर मामला है। वे जनता से इसे छिपाना चाहते थे। मैं राष्ट्रपति होता तो हेल्थ केयर वर्कर्स और जनता दोनों को बचाता।
ट्रंप ने कहा, अगर मैं ये कहता हूं कि कोरोना चीन की वजह से फैला तो इसमें क्या गलत है? देश के ज्यादातर गवर्नर मेरा समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि मैंने शानदार काम किया। इसमें आपकी पार्टी की सरकारें और गवर्नर भी शामिल हैं। और यह मत भूलिए कि सिर्फ चंद हफ्तों में हमारे पास वैक्सीन होगी। उन्होंने कहा, अब बहुत कम लोगों की मौत हो रही है। मैं चैलेंज करता हूं कि अगर आप राष्ट्रपति होते तो जो मैंने कर दिखाया वो आप कभी नहीं कर पाते। आप राष्ट्रपति होते तो 20 करोड़ लोग मारे जाते।
ट्रंप ने भारत पर लगाया कोरोना मृतकों की संख्या छिपाने का आरोप
प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना से हुई मौतों को लेकर भारत पर बड़ा आरोप लगा दिया। जो बिडेन के सवालों पर ट्रंप ने कहा कि आप नहीं जानते हैं कि भारत, चीन और रूस में कितने लोग मारे गए हैं। इन देशों ने मौत के सही आंकड़े नहीं दिए हैं।
दरअसल, जो बिडेन ने ट्रंप पर अमेरिका में कोरोना महामारी से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और कहा कि ट्रंप प्रशासन ने कोई तैयारी नहीं की थी। बिडेन ने कहा कि अमेरिका में सबसे ज्यादा मौत इसलिए हुई क्योंकि सरकार महामारी के खतरों को लेकर बेफिक्र रही और कोई तैयारी नहीं की।
ट्रंप को बताया पुतिन की कठपुतली
पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन ने ट्रंप के ऊपर आरोप लगाया कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सामना करने से डरते हैं। उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह रूसी राष्ट्रपति के हाथ की कठपुतली हैं। बिडेन ने कहा, मैंने पुतिन से आमने-सामने बात की है और उन्हें यह स्पष्ट कर दिया है कि हम उनके किसी भी सामान को लेने वाले नहीं है। ट्रंप पुतिन की कठपुतली हैं।
ट्रंप ने कहा, मैंने लाखों डॉलर आयकर भरा
'अर्थव्यवस्था' सेगमेंट में क्रिस वैलेस ने दोनों प्रत्याशियों से पूछा कि वो कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर कैसे लाएंगे? इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, लॉकडाउन के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज्यादा तेजी से पटरी पर आ रही है। मैंने अमेरिकी इतिहास में सबसे बेहतर अर्थव्यवस्था खड़ी की है।
अर्थव्यवस्था पर बहस के दौरान आयकर का मुद्दा सामने आया। होस्ट क्रिस वॉलेस ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्रंप से पूछा, क्या ये सच है कि आपने 2016-17 में सिर्फ 750 डॉलर टैक्स भरा था?
इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, मैंने लाखों डॉलर का आयकर भरा है। एक साल मैंने 38 मिलियन डॉलर आयकर भरा और दूसरे साल 27 मिलियन डॉलर। ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट को 'फेक न्यूज' बताया।
नस्लीय भेदभाव और हिंसा पर क्या बोले ट्रंप और बिडेन
डिबेट के होस्ट क्रिस वॉलेस अमेरिका में काले अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की गोरे पुलिसकर्मियों के हाथों हत्या के बाद भड़की हिंसा और नस्लीय भेदभावों के बारे में में पूछा। इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, ओबामा-बिडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका में नस्लीय भेदभाव किया जाता था और इससे जुड़ी हिंसा होती थी, जो अब कम हो गई है।
वहीं बिडेन ने कहा कि हाल के वर्षों में अमेरिका में कानून व्यवस्था बिगड़ी है। इसके जवाब में ट्रंप ने, बिडेन कानून-व्यवस्था में विश्वास ही नहीं करते हैं। हम न्याय-व्यवस्था में यकीन करते हैं लेकिन आप नहीं। इस देश के लोग न्याय-व्यवस्था चाहते हैं।
अमेरिका में कई जगहों पर ब्लैक लाइव्स मैटर प्रदर्शनों के हिंसक होने के बारे में बिडेन ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों में कोई बुराई नहीं है लेकिन हिंसा स्वीकार्य नहीं है।
ट्रंप से होस्ट ने पूछा, अमेरिका के लोग आपको क्यों वोट दें?
होस्ट ने जब ट्रंप से पूछा कि अमेरिकी नागरिक आपको क्यों वोट दें? इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, हमारी सरकार सबसे बेहतर प्रशासनिक सरकार है। कोरोना आने से पहले हम विकास के रास्ते पर थे जिसे वायरस के कारण धक्का लगा है।
उन्होंने कहा, अपने कार्यकाल के खत्म होने से पहले हमने अधिक जजों की नियुक्ति की है। जब मुझे सरकार बनाने का मौका मिला था 128 जजों की जगहें खाली थीं। पिछली सरकार कमजोर थी जबकि हमारी सरकार मजबूत है।
बिडेन ने कहा कि ट्रंप के शासन में अमेरिका ज्यादा असुरक्षित और गरीब हो जाएगा। उन्होंने कहा, ट्रंप के शासन में अमीर अधिक अमीर होते जाएंगे, जबकि गरीब और गरीब होते जाएंगे।
डिबेट में 'शट अप' पर उतरे ट्रंप और बिडेन
डिबेट के दौरान एक बार जब बिडेन ने ट्रंप को बीच में टोका तो होस्ट ने कहा, उन्हें अपनी बात पूरा करने का मौका दीजिए। इस पर ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा, बिडेन को यह आता ही नहीं है। इतना ही नहीं, ट्रंप और बिडेन ने डिबेट के दौरान कई बार एक-दूसरे पर कटाक्ष किया और माखौल उड़ाया।
इस डिबेट का होस्ट कौन है?
डोनाल्ड ट्रंप और जो बिडेन के बीच इस डिबेट को अमेरिकी समाचार चैनल फॉक्स न्यूज के 72 वर्षीय न्यूज एंकर क्रिस वॉलेस ने होस्ट किया। वॉलेस पत्रिकारिता जगत में बड़ा नाम हैं और उनकी छवि अपने सहकर्मियों में काफी अलग मानी जाती है।
फॉक्स न्यूज के कई पत्रकारों पर ट्रंप की तरफ झुकाव रखने वाला माना जाता है। दूसरी तरफ, वॉलेस इस छवि से उलट व्यक्ति हैं। वॉलेस को एक गंभीर और सूझबूझ वाले पत्रकार के तौर पर देखा जाता है। वॉलेस इससे पहले 2016 में भी डिबेट को होस्ट कर चुके हैं। वह राष्ट्रपति डिबेट को होस्ट करने वाले फॉक्स न्यूज के पहले पत्रकार हैं।