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US: अमेरिकी बंदरगाहों पर काम करने वाले 45 हजार मजदूरों ने हड़ताल की धमकी दी, हो सकती है आर्थिक अनिश्चितता

Tue, 07 Jan 2025 11:47 PM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 07 Jan 2025 11:47 PM IST
सार

यूनियन और उसके अध्यक्ष हेरोल्ड डैगेट अधिक स्वचालन की अनुमति देने के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि मशीनें मानव श्रम की तुलना में अधिक प्रभावी नहीं हैं। इसके विपरीत, पोर्ट ऑपरेटर और शिपिंग कंपनियां कहती हैं कि अमेरिकी बंदरगाह अन्य देशों की तुलना में पीछे हैं।

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US dockworkers threaten to strike against automation
US Flag - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका में बंदरगाहों पर काम करने वाले 45 हजार मजदूरों ने मशीनों के कारण नौकरियां छीने जाने के विरोध में हड़ताल की धमकी दी है। अगर यह हड़ताल होती है तो पूर्व और खाड़ी तट के बंदरगाह बंद हो जाएंगे, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। 

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यह मामला पिछले साल अक्तूबर में भी हुआ था, जब इन बंदरगाहों पर काम करने वाले मजदूरों ने तीन दिन की हड़ताल की थी। बाद में वे इस हड़ताल को 15 जनवरी तक टालने पर सहमत हो गए थे, क्योंकि बंदरगाहों और शिपिंग कंपनियों के साथ वे एक अस्थायी समझौते पर पहुंचे थे, जिसमें छह साल में 62 फीसदी वेतन बढ़ोतरी की बात की गई थी। इस समझौते को अंतिम रूप देने में यूनियन के सदस्यों को इसे मंजूरी देनी होगी।
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स्वचालन की अनुमति देने के खिलाफ यूनियन 
इंटरनेशनल लॉन्गशोरमेन एसोसिएशन (आईएलए) और यूएस मैरीटाइम एलायंस के बीच मंगलवार को बातचीत फिर से शुरू हुई, जो बंदरगाहों और शिपर्स का प्रतिनिधित्व करता है। यूनियन और उसके अध्यक्ष हेरोल्ड डैगेट अधिक स्वचालन की अनुमति देने के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि मशीनें मानव श्रम की तुलना में अधिक प्रभावी नहीं हैं। इसके विपरीत, पोर्ट ऑपरेटर और शिपिंग कंपनियां कहती हैं कि अमेरिकी बंदरगाह अन्य देशों की तुलना में पीछे हैं।
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15 जनवरी की समय सीमा में एक सप्ताह का समय
15 जनवरी की हड़ताल की समय सीमा के करीब आते हुए, दोनों पक्षों को एक समझौते पर पहुंचने के लिए केवल एक सप्ताह का समय है। अगर हड़ताल होती है, तो इसका असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। अर्थशास्त्री मार्क जांडी का कहना है कि एक सप्ताह से अधिक समय तक चलने वाली हड़ताल से आर्थिक नुकसान बढ़ सकता है, और यह 500 मिलियन डॉलर से दो बिलियन डॉलर प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। 

हड़ताल की स्थिति को लेकर कंपनियां पहले से तैयार
हड़ताल की स्थिति को लेकर कंपनियां पहले से ही तैयारी कर रही हैं। कुछ कंपनियां अपने शिपमेंट को पश्चिमी तट या कनाडा के लिए फिर से रूट कर रही हैं। मैरस्क जैसे बड़े शिपिंग कंपनियां ग्राहकों से हड़ताल से पहले कंटेनर उठाने का आग्रह कर रही हैं।


फिलहाल 39 डॉलर प्रति घंटा वेतन 
मौजूदा अनुबंध के तहत, बंदरगाहों पर काम करने वाले कर्मचारियों का सबसे ज्यादा वेतन प्रति घंटे 39 डॉलर या सालाना 81 हजार डॉलर है। लेकिन नए अनुबंध के तहत यह बढ़कर 60 डॉलर प्रति घंटे से अधिक हो जाएगा। 

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