अमेरिका: राष्ट्रपति चुनाव में बिडेन करेंगे ट्रंप से मुकाबला, उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बन सकती हैं हैरिस
वामपंथी विचारधारा वाले अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने जब राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से खुद को अलग कर लिया तब अमेरिका में तय हो गया कि रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप से अगला मुकाबला सीधे तौर पर जो बिडेन से ही होगा। ये वही शख्स हैं जिन्हें पहले से ट्रंप ने अपना प्रतिद्वंद्वी माना और यूक्रेन की मदद की बिला पर उनकी जांच की मांग करके महाभियोग प्रस्ताव का सामना किया।
हालांकि बर्नी सैंडर्स के पीछे हटने से डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से अब ट्रंप को टक्कर देने के लिए जो बिडेन की दावेदारी की राह आसान हो गई है। राष्ट्रपति पद की डेमोक्रेटिक दावेदारी की दौड़ में सैंडर्स शुरू से ही प्राइमरी चुनाव में वह बिडेन के मुकाबले लगातार पिछड़ रहे थे।
दावेदारी छोड़ने वाले 78 वर्षीय बर्नी सैंडर्स ने अपने घर से लाइवस्ट्रीम की, जिसमें उन्होंने कहा कि ‘मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि यह लड़ाई सफल नहीं होगी। अब बिडेन डेमोक्रेटिक उम्मीदवार होंगे। वह एक सज्जन व्यक्ति हैं। उनके साथ मैं अपने प्रगतिशील विचारों को आगे बढ़ाने के लिए काम करता रहूंगा।’ इससे पहले जब अमेरिकी चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की रिपोर्टें सामने आई थीं तब बर्नी सैंडर्स ने मुखर होकर ऐसी कोशिशों की निंदा की थी।
शुरुआती दौड़ में शामिल रहे भारतवंशी
अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के चुनाव की दावेदारी की दौड़ के शुरुआती दौर में दिग्गज भारतवंशी भी शामिल रहे थे। इनमें डेमोक्रेट सांसद और भारतीय मूल की कमला हैरिस शामिल रहीं। उनके अलावा अमेरिका में पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड भी इस दौड़ में रहीं। उनके अलावा 20 से अन्य दावेदारों ने भी भाग्य आजमाया। लेकिन राज्यों के प्राइमरी चुनाव में एक-एक कर सभी हटते गए।
उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बन सकती हैं कमला हैरिस
बर्नी सैंडर्स के मैदान से हटने के बाद 77 वर्षीय बिडेन ने भारतवंशी सांसद कमला हैरिस समेत 52 लोगों के साथ बैठक की। माना जा रहा है कि बिडेन उपराष्ट्रपति पद के लिए कमला हैरिस को उम्मीदवार बना सकते हैं। उन्होंने पिछले माह वादा भी किया था कि अगर वह उम्मीदवार बनने में सफल रहे तो उपराष्ट्रपति पद के लिए किसी महिला को प्रत्याशी बनाएंगे। 55 वर्षीय हैरिस ने बिडेन का समर्थन किया था।