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क्या दरकने लगा MAGA का तिलिस्म?: ईरान में बमबारी पर US में ट्रंप की आलोचना, पश्चिम एशिया पर किसने क्या कहा?

Wed, 04 Mar 2026 11:54 PM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Shubham Kumar Updated Wed, 04 Mar 2026 11:54 PM IST
सार

ईरान युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस बार विपक्ष नहीं, बल्कि अपने ही समर्थक मीडिया चेहरों की आलोचना झेलनी पड़ रही है। टकर कार्लसन, मेगिन केली और मैट वॉल्श ने इस्राइल की भूमिका और अमेरिका के फैसले पर सवाल उठाए हैं, जिससे ‘अमेरिका फर्स्ट’ की राजनीति में दरार के संकेत मिल रहे हैं।

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US Cracks appear in Donald Trump MAGA base as leading figures criticise Iran war News In Hindi
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : PTI

विस्तार

ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस बार अपने ही समर्थक मीडिया चेहरों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि ये वही लोग हैं जो पहले अक्सर ट्रंप की खुलकर तारीफ करते थे। इनमें प्रमुख नाम टकर कार्लसन (अमेरिकी रूढ़िवादी टीवी होस्ट), मेगिन केली (अमेरिकी टीवी एंकर) और मैट वॉल्श (अमेरिकी रूढ़िवादी कमेंटेटर) का शामिल है, जिन्होंने ट्रंप के ईरान पर अमेरिकी हमले के फैसले पर खुलकर असहमति जताई है

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बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान पर जारी अमेरिकी हमलों को लेकर मशहूर टीवी एंकर टकर कार्लसन ने अपने पॉडकास्ट में कहा कि यह हमला बेहद गलत और बुरा था। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने यह फैसला नहीं लिया, बल्कि इसमें इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का प्रभाव रहा। 
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मेगन केली समेत इन पत्रकारों ने क्या कहा?
मेगन केली ने अपने शो में कहा कि किसी भी अमेरिकी सैनिक को किसी दूसरे देश के लिए नहीं मरना चाहिए। उनका कहना था कि मारे गए सैनिक अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि ईरान या इस्राइल के कारण मरे। वहीं मैट वॉल्श ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान से ऐसा लगा जैसे अमेरिका को इस्राइल के कारण युद्ध में जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गलत संदेश है।
हालांकि ट्रंप ने पत्रकार रैचल बाडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कार्लसन और केली की राय उनके समर्थकों की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 'अमेरिका फर्स्ट' ट्रंप है, बाकी नहीं।

कुछ अन्य रिपब्लिकन नेताओम ने भी की आलोचना
इसके साथ ही ट्रंप के इस फैसले की कुछ अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने भी आलोचना की। जॉर्जिया की रिपब्लिकन पूर्व प्रतिनिधि मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कहा कि 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' का मतलब अमेरिका पहले होना था, इस्राइल पहले नहीं। हालांकि अधिकांश रूढ़िवादी मीडिया अभी भी ट्रंप के साथ खड़ा है। फॉक्स न्यूज के प्रमुख होस्ट शॉन हानिटी, ब्रायन किलमीड और मार्क लेविन ट्रंप के समर्थन में हैं।

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मैट वॉल्श की आलोचना पर लेविट का जवाब
उधर, अमेरिकी व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने भी मैट वॉल्श की आलोचना का जवाब दिया। लेविट ने कहा कि ट्रंप का फैसला सही था क्योंकि ईरानी सरकार शांति के लिए तैयार नहीं थी। गौरतलब है कि ईरान पर हमले को लेकर ट्रंप के इस फैसले ने अमेरिका में एक नई राजनीतिक बयानबाजी को जन्म दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि कार्लसन और केली जैसी आलोचना ट्रंप के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन अधिकांश 'अमेरिका फर्स्ट' समर्थक अभी भी ट्रंप के साथ हैं। यह मामला अमेरिकी रूढ़िवादी मीडिया और ट्रंप समर्थकों के बीच मतभेद को साफ दिखाता है।

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