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US: कैलिफोर्निया में आव्रजन एजेंटों की मनमानी पर रोक का आदेश बरकरार, अमेरिकी अदालत ने खारिज की सरकार की अपील

Sun, 03 Aug 2025 01:32 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 03 Aug 2025 01:32 AM IST
सार

अमेरिकी अदालत ने फैसला सुनाया है कि कैलिफोर्निया में आव्रजन एजेंटों द्वारा बिना वजह लोगों को हिरासत में लेना गैरकानूनी है और इस पर रोक जारी रहेगी। अदालत ने संघीय सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें लॉस एंजेलिस में 'घूम-घूमकर गश्त' को रोकने के जुलाई के अस्थायी आदेश को पलटने की मांग की गई थी।
 

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US court upholds order barring indiscriminate targeting by immigration patrols in California
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

एक अमेरिकी अदालत ने कैलिफोर्निया में आव्रजन एजेंटों की मनमानी पर रोक लगाने के आदेश को बरकरार रखा है। ये अधिकारी लोगों को बिना किसी ठोस वजह के सिर्फ शक के आधार पर हिरासत में ले रहे थे, खासकर उन लोगों को जिनके पास कागजात नहीं होने का शक था।

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तीन न्यायाधीशों के पैनल द्वारा शुक्रवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) दिए गए इस फैसले ने संघीय सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें लॉस एंजेलिस में 'घूम-घूमकर गश्त' को रोकने के जुलाई के अस्थायी आदेश को पलटने की मांग की गई थी। आव्रजन अधिकार समूहों ने कहा था कि ये गश्त नस्लबेदी थीं, जिनमें लोगों को उनकी भाषा, उच्चारण या रंगरूप के आधार पर टारगेट किया जा रहा था। 
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कार्रवाई सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन
जिला न्यायाधीश मामे इवुसी-मेन्सा फ्रिम्पोंग ने पहले ही इन गिरफ्तारियों को रोकने का आदेश दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि एजेंटों द्वारा की गई ऐसी कार्रवाई व्यक्ति के सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है, जो उन्हें बिना वजह हिरासत में लिए जाने से बचाते हैं। उन्होंने कहा कि हिरासत 'केवल नस्ल के आधार पर' की जा रही थी, इस आधार पर कोई व्यक्ति स्पेनिश या अंग्रेजी उच्चारण के साथ बोल रहा था या अपने कार्यस्थल के कारण, और उन्होंने गिरफ्तारी रोकने का आदेश दिया। 
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अदालत ने जेसन गाविडिया के मामले का किया उल्लेख
नौवें सर्किट की अमेरिकी अपील अदालत ने शुक्रवार को दिए फैसले में वादी जेसन गाविडिया के मामले का उल्लेख किया। गाविडिया एक अमेरिकी नागरिक हैं, जिनका जन्म और पालन-पोषण पूर्वी लॉस एंजेलिस में हुआ था। उन्हें 12 जून को मोंटेबेलो में एक टो यार्ड के बाहर सैन्य राइफलें लिए एजेंटों ने गिरफ्तार किया था। एजेंटों ने गाविडिया से बार-बार पूछा कि क्या वह अमेरिकी हैं। गाविडिया ने बार-बार कहा कि मैं एक अमेरिकी हूं, लेकिन एजेंटों ने उनके इस जवाब को नजरअंदाज कर दिया। 

एजेंटों ने गाविडिया का पहचान पत्र नहीं किया वापस
एजेंटों ने पूछा कि उनका जन्म किस अस्पताल में हुआ था। इस पर गाविडिया ने जवाब दिया कि उन्हें नहीं पता, लेकिन उन्होंने कहा कि उनका जन्म 'पूर्वी लॉस एंजेलिस' में हुआ था। गाविडिया ने एजेंटों से कहा कि वह उन्हें अपनी सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र दिखा सकते हैं। एजेंटों ने गाविडिया का पहचान पत्र और उनका फोन ले लिया और 20 मिनट तक उनका फोन अपने पास रखा। उन्होंने उनका पहचान पत्र कभी वापस नहीं किया।


मानवाधिकार समूहों ने होमलैंड सुरक्षा विभाग पर दायर किया मुकदमा 
कैलिफोर्निया के निवासियों और मानवाधिकार समूहों ने इन गिरफ्तारियों को लेकर अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग पर मुकदमा दायर किया। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति काल में लॉस एंजेलिस और उसके आसपास के इलाके प्रवासी विरोधी कार्रवाइयों का केंद्र बन गए थे। सेना तक तैनात की गई थी और एजेंटों ने बस स्टॉप, दुकानें, खेत और कार वॉश जैसे स्थानों पर प्रवासियों को पकड़ा है। 

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फैसले में सरकार की ओर से ये दिया गया तर्क
अदालत के फैसले में कहा गया है कि सरकार की बचाव टीम ने यह तर्क दिया गया कि उन्होंने कार वॉश जैसी जगहों को इसलिए चुना, क्योंकि वहां अक्सर बिना कानूनी दस्तावेजों वाले लोग काम करते हैं। वहीं, एसीएलयू फाउंडेशन ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया के वकील मोहम्मद ताजसर ने इस आदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह फैसला दिखाता है कि सरकार की ये कार्रवाइयां संविधान के खिलाफ थीं और इससे पूरे क्षेत्र को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि सरकार को इन डर फैलाने वाली गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए।'

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