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अमेरिका में भारतीय आमों जलवा: स्वाद चखने के लिए लंबी कतारों में खड़े हुए लोग; आपूर्ति बढ़ाने की मांग
Sun, 28 Jun 2026 05:36 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, न्यूयॉर्क।
एजेंसी, न्यूयॉर्क।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 28 Jun 2026 05:36 AM IST
सार
अमेरिकी अदालत ने अदाणी मामले को बंद करने की न्याय विभाग की मांग पर तुरंत फैसला देने से इनकार कर दिया है और सरकार से कारण स्पष्ट करने को कहा है। अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने के आरोप में 2024 में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, अदाणी समूह सभी आरोपों को खारिज कर चुका है। पढ़िए रिपोर्ट-
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अदाणी मामला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
अमेरिकी अदालत ने उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को बंद करने की न्याय विभाग (डीओजे) की मांग पर तत्काल फैसला देने से इन्कार कर दिया है। ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी जिला अदालत के न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने न्याय विभाग को 13 जुलाई तक यह बताने का निर्देश दिया है कि वह मामला वापस क्यों लेना चाहता है। अदालत ने कहा कि सरकार की ओर से दिया गया संक्षिप्त स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है। जब तक अदालत औपचारिक आदेश जारी नहीं करती, तब तक मामला लंबित रहेगा।
यह मामला 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के अंतिम दौर में दर्ज किया गया था। गौतम अदाणी पर आरोप है कि उन्होंने अपने समूह की एक कंपनी को भारत में सौर ऊर्जा परियोजना की मंजूरी दिलाने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश रची। इसके बाद कंपनी की भ्रष्टाचार-रोधी नीतियों को लेकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया गया। इन्हीं आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ प्रतिभूति धोखाधड़ी और वायर फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया था। पिछले महीने न्याय विभाग ने अदालत को बताया था कि वह अभियोजन संबंधी अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करते हुए इस मामले पर आगे संसाधन खर्च नहीं करना चाहता।
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शुरू से ही सभी आरोपों से इन्कार करता रहा है अदाणी समूह
अदाणी समूह शुरू से ही सभी आरोपों से इनकार करता रहा है। गौतम अदाणी अमेरिकी अदालत में पेश नहीं हुए हैं। उनके वकील रॉबर्ट जिउफ्रा ने कोर्ट को बताया कि यह मामला अमेरिकी कानून के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अदाणी व अन्य आरोपियों के वकीलों ने न्याय विभाग में कई बैठकें कीं और करीब 500 पन्नों के दस्तावेज सौंपे।
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यह मामला 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के अंतिम दौर में दर्ज किया गया था। गौतम अदाणी पर आरोप है कि उन्होंने अपने समूह की एक कंपनी को भारत में सौर ऊर्जा परियोजना की मंजूरी दिलाने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश रची। इसके बाद कंपनी की भ्रष्टाचार-रोधी नीतियों को लेकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया गया। इन्हीं आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ प्रतिभूति धोखाधड़ी और वायर फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया था। पिछले महीने न्याय विभाग ने अदालत को बताया था कि वह अभियोजन संबंधी अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करते हुए इस मामले पर आगे संसाधन खर्च नहीं करना चाहता।
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शुरू से ही सभी आरोपों से इन्कार करता रहा है अदाणी समूह
अदाणी समूह शुरू से ही सभी आरोपों से इनकार करता रहा है। गौतम अदाणी अमेरिकी अदालत में पेश नहीं हुए हैं। उनके वकील रॉबर्ट जिउफ्रा ने कोर्ट को बताया कि यह मामला अमेरिकी कानून के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अदाणी व अन्य आरोपियों के वकीलों ने न्याय विभाग में कई बैठकें कीं और करीब 500 पन्नों के दस्तावेज सौंपे।