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इसरो: बंगलूरू की स्टार्टअप कंपनी को 1.2 अरब डॉलर देने का आदेश
Sat, 31 Oct 2020 01:27 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 31 Oct 2020 01:27 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
अमेरिकी अदालत ने इसरो की व्यावसायिक शाखा कंपनी एंट्रिक्स को करार तोड़ने के मामले में बंगलूरू की स्टार्टअप देवास मल्टीमीडिया को 1.2 अरब डॉलर (करीब 90 अरब रुपये) चुकाने का आदेश दिया है। एंट्रिक्स ने फरवरी 2011 में देवास के साथ सैटेलाइट निर्माण और लांच करने का करार तोड़ दिया था।
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देवास मल्टीमीडिया उसके बाद से लगातार कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर रही है। वाशिंगटन के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट सिएटल के जज थॉमस जिली ने 27 अक्तूबर को एक आदेश पारित किया, जिसमें एंट्रिक्स कारपोरेशन से देवास मल्टीमीडिया कॉर्पोरेशन को 56.25 करोड़ डॉलर का मुआवजा और ब्याज समेत कुल 1.2 अरब डॉलर चुकाने को कहा।
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एंट्रिक्स ने नवंबर 2018 में क्षेत्राधिकार का मुद्दा उठाते हुए इस मुकदमे को खारिज करने की दलील दी थी। सिएटल में मुख्यालय वाली एंट्रिक्स और स्पेसफ्लाइट इंडस्ट्रीज के बीच समझौता हुआ था, जिसमें भारत के पीएसएलवी रॉकेट के जरिये सैटेलाइट प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करने की योजना थी।
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वाशिंगटन के रेडमंड में मुख्यालय वाली एंट्रिक्स और आरबीसी सिग्नल्स के बीच एक वैश्विक समझौता हुआ था, जिसके तहत उपग्रह संचालकों को संचार सेवाएं प्रदान करने का करार था।