Titan Submersible: दंपती ने ओसियनगेट के CEO पर दर्ज मुकदमे वापस लिए; जानें हादसे के बाद आखिर क्यों लिया फैसला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दंपती मार्क और शेरोन हेगल ने फरवरी में केस दर्ज करवाया था। उनका आरोप था कि टाइटैनिक का मलबा दिखाने वाली पनडुब्बी को उन्होंने बुक किया था, लेकिन कंपनी के सीईओ ने साल 2018 में कई बार यात्रा को रद्द किया।
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विस्तार
फ्लोरिडा के एक दंपती ने ओसियनगेट (OceanGate) कंपनी के खिलाफ किया गया मुकदमा वापस ले लिया है। उन्होंने ये फैसला कंपनी के सीईओ की मौत के बाद लिया है। गौरतलब है, अटलांटिक महासागर में 111 साल पहले टाइटैनिक जहाज डूबा था। टाइटैनिक का मलबा दिखाने गई पनडुब्बी भी अचानक से 19 जून को अटलांटिक महासागर में लापता हो गई थी। बाद में पनडुब्बी में सवार सभी पांचों लोगों की मौत की पुष्टि की गई। इन पांच लोगों में कंपनी के सीईओ स्टॉकटोन रश भी शामिल थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दंपती मार्क और शेरोन हेगल ने फरवरी में केस दर्ज करवाया था। उनका आरोप था कि टाइटैनिक का मलबा दिखाने वाली पनडुब्बी को उन्होंने बुक किया था, लेकिन कंपनी के सीईओ ने साल 2018 में कई बार यात्रा को रद्द किया।
ऑरेंज काउंटी में दायर मुकदमे में जोड़े ने कहा था कि बार-बार यात्रा रद्द करने के बाद हमें संदेह हुआ और जानकारी जुटाई। इससे सामने आया कि लोगों को जो समय दिया गया था, उस समय तक पनडुब्बी तैयार नहीं होने वाली थी। इसलिए उन्होंने फैसला लिया कि वह अभियान में हिस्सा नहीं लेंगे और कंपनी से वापस पैसे मांगे।
हेगल दंपती ने टाइटन का मलबा देखने के लिए कंपनी में 210000 डॉलर जमा कराए थे। वह अपनी इसी कीमत को कंपनी से वापस मांग रहे थे। सभी को उम्मीद थी कि कंपनी केस हार जाएगी और पहली बार इतनी बड़ी रकम अपने किसी ग्राहक को देगा।
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दंपती ने कहा कि जब हमने खबर पढ़ी की रश नहीं रहे तो हमें काफी दुख हुआ। हमने मानवता के खातिर फैसला लिया की इंसान से ज्यादा महत्वूपर्ण पैसे नहीं हैं। इसलिए मुकदमा को वापस लेने का विचार बनाया है। मार्क और शेरोन हेगल ने कहा कि हमने वकील को जानकारी दे दी है कि हम ओसियनगेट कंपनी के सीईओ स्टॉकटोन रश के ऊपर लगाए सभी मुकदमों को वापस ले रहे हैं।
यह है मामला
टाइटन पनडुब्बी के यात्रियों ने कनाडा के न्यूफाउंडलैंड से 16 जून को अपने सफर की शुरुआत की थी। ये सभी लोग एक जहाज से पहले अटलांटिक महासागर में उस जगह पहुंचे, जहां टाइटैनिक जहाज का मलबा मौजूद है। इसके बाद 19 जून को ये सभी यात्री समर्सिबल से पानी के अंदर उतरे। सुबह 9 बजे ये लोग समुद्र की गहराई में उतरे और सुबह करीब 11.47 बजे ही पनडुब्बी से संचार संपर्क टूट गया। टाइटन पनडुब्बी एक मिनी वैन के आकार का था और इसके फर्श पर पांच से छह लोग ही बैठ सकते थे। टाइटैनिक के मलबे तक पहुंचने के लिए इसका अभियान आम तौर पर आठ घंटे तक चलता है, हालांकि टाइटन के पांच यात्रियों के लिए लगभग 96 घंटे की ऑक्सीजन उपलब्ध थी। पांचों यात्रियों को शाम 6.10 बजे सतह पर वापस लौटना था। जिसके बाद शाम 6.35 बजे बचाव कार्य शुरू किया गया। गुरुवार को अथॉरिटीज ने सभी यात्रियों को मृत घोषित कर दिया और पनडुब्बी में अंतःस्फोट होने का खुलासा किया।
हादसे में मारे गए पांच लोग
समर्सिबल हादसे में मारे गए पांच यात्रियों में पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश अरबपति शहजादा दाऊद, उनके बेटे सुलेमान दाऊद, ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग, फ्रांस के एक्सप्लोरर पॉल हेनरी और पनडुब्बी का संचालन करने वाली कंपनी ओशनगेट के सीईओ स्टॉकटोन रश शामिल थे।