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US: जहां बंद होनी है पेट्रोल-डीजल कारों की बिक्री, वहां इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग पर लगी रोक? जानें क्यों
Thu, 01 Sep 2022 08:44 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैलिफोर्निया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैलिफोर्निया
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 01 Sep 2022 08:44 PM IST
सार
कुछ देश जीवाश्म ईंधन से चालित वाहनों को बंद करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में लगे हैं। इस बीच एक नई परेशानी आई है अमेरिका के कैलिफोर्निया में, जहां लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज न करें। खासकर दिन में। आइये जानते हैं कि इसकी वजह क्या है...
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इलेक्ट्रिक कार।
- फोटो : Social Media
विस्तार
दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन के जबरदस्त प्रभाव के चलते अब ज्यादातर देश जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को कम करने की कोशिशों में जुटे हैं। अमेरिका और अधिकतर पश्चिमी देशों ने तो खुद ही जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देने वाले कारकों को कम करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इन लक्ष्यों में से एक है अगले कुछ वर्षों में ईंधन से चलने वाली कारों को पूरी तरह चलन से बाहर करना और उनकी जगह पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना।
हालांकि, ज्यादातर देशों को इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिर चाहे वह इलेक्ट्रिक वाहनों को बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले जरूरी रेयर अर्थ मिनरल्स (खनिजों) की कमी हो या चीन की तरफ से सेमीकंडक्टर के निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों की वजह से आई दिक्कतें। इसके बावजूद कुछ देश जीवाश्म ईंधन से चालित वाहनों को बंद करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में लगे हैं। इस बीच एक नई परेशानी आई है अमेरिका के कैलिफोर्निया में, जहां लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज न करें। खासकर दिन में। आइये जानते हैं कि इसकी वजह क्या है...
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हालांकि, ज्यादातर देशों को इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिर चाहे वह इलेक्ट्रिक वाहनों को बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले जरूरी रेयर अर्थ मिनरल्स (खनिजों) की कमी हो या चीन की तरफ से सेमीकंडक्टर के निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों की वजह से आई दिक्कतें। इसके बावजूद कुछ देश जीवाश्म ईंधन से चालित वाहनों को बंद करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में लगे हैं। इस बीच एक नई परेशानी आई है अमेरिका के कैलिफोर्निया में, जहां लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज न करें। खासकर दिन में। आइये जानते हैं कि इसकी वजह क्या है...
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इलेक्ट्रिक वाहन।
- फोटो : प्रतीकात्मक
कैलिफोर्निया में क्या है प्रशासन का आदेश?
अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया में पावर ग्रिड संचालकों ने कहा है- "उपभोक्ताओं से अपील है कि वे बिजली को बचाएं और अपने एयर कंडीशनरों को 24-25 डिग्री से ऊपर रखें। इसके अलावा जरूरी न हो तो अप्लायंसेज और लाइटों का इस्तेमाल न करें।" पावर ग्रिड ने यह भी अपील की है कि लोग अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को 4 बजे से लेकर 9 बजे तक चार्ज न करें, क्योंकि इससे घरों में बिजली जाने की नौबत नहीं आएगी।"
अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया में पावर ग्रिड संचालकों ने कहा है- "उपभोक्ताओं से अपील है कि वे बिजली को बचाएं और अपने एयर कंडीशनरों को 24-25 डिग्री से ऊपर रखें। इसके अलावा जरूरी न हो तो अप्लायंसेज और लाइटों का इस्तेमाल न करें।" पावर ग्रिड ने यह भी अपील की है कि लोग अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को 4 बजे से लेकर 9 बजे तक चार्ज न करें, क्योंकि इससे घरों में बिजली जाने की नौबत नहीं आएगी।"
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Odisha Electric Vehicle Subsidy Scheme
- फोटो : Pixabay
आखिर क्या है एडवायजरी जारी करने की वजह?
बताया गया है कि कैलिफोर्निया की ऊर्जा कंपनियां अक्सर ही ग्राहकों को इस तरह की एडवायजरी जारी करती हैं और उनसे बिजली की खपत सीमित करने के लिए कहती है। इस बीच अमेरिका में इस साल पड़ रही भीषण गर्मी ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं। आलम यह है कि दिन में अधिकतर वक्त लोगों को एसी चलाना पड़ता है, जिससे बिजली ग्रिड पर जबरदस्त बोझ रहता है। हालांकि, अधिकतर लोगों के घरों पर सोलर पैनल होने की वजह से दिन में तो ऊर्जा कंपनियों को बिजली के प्रबंधन में खासी दिक्कत नहीं आती। लेकिन सूर्यास्त के बाद जब सोलर पैनल से मिलने वाली बिजली भी कम हो जाती है, तो ज्यादातर लोग घरों के लिए भी ग्रिड से मिलने वाली बिजली पर ही निर्भर हो जाते हैं। नतीजतन भीषण गर्मी के बीच पूरे राज्य में ग्रिड फेल होने का खतरा बना रहता है।
बताया गया है कि कैलिफोर्निया की ऊर्जा कंपनियां अक्सर ही ग्राहकों को इस तरह की एडवायजरी जारी करती हैं और उनसे बिजली की खपत सीमित करने के लिए कहती है। इस बीच अमेरिका में इस साल पड़ रही भीषण गर्मी ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं। आलम यह है कि दिन में अधिकतर वक्त लोगों को एसी चलाना पड़ता है, जिससे बिजली ग्रिड पर जबरदस्त बोझ रहता है। हालांकि, अधिकतर लोगों के घरों पर सोलर पैनल होने की वजह से दिन में तो ऊर्जा कंपनियों को बिजली के प्रबंधन में खासी दिक्कत नहीं आती। लेकिन सूर्यास्त के बाद जब सोलर पैनल से मिलने वाली बिजली भी कम हो जाती है, तो ज्यादातर लोग घरों के लिए भी ग्रिड से मिलने वाली बिजली पर ही निर्भर हो जाते हैं। नतीजतन भीषण गर्मी के बीच पूरे राज्य में ग्रिड फेल होने का खतरा बना रहता है।
Electric Vehicle Subsidy
- फोटो : Istock
इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज से रोकने का क्या तर्क?
गौरतलब है कि कैलिफोर्निया राज्य ने कुछ दिन पहले ही एलान किया है कि वहां 2035 तक पेट्रोल-डीजल वाहनों की बिक्री पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। ऐसा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए किया गया। कैलिफोर्निया का ईवी मार्केट भी कई इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनियों के लिए बड़ा सौदा साबित हो सकता है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कैलिफोर्निया मॉडल को बढ़ावा दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, मौजूदा समय की बात की जाए तो कैलिफोर्निया के ऊर्जा उत्पादकों को भीषण गर्मी की वजह से भविष्य में बिजली की कमी की चिंता सताने लगी है। चूंकि एक इलेक्ट्रिक कार अपनी बैटरी की क्षमता के हिसाब से चार्जिंग के लिए जबरदस्त ऊर्जा लेती हैं। ऐसे में ग्रिड संचालकों को एडवायजरी जारी कर लोगों से अपील करनी पड़ रही है कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 4 बजे से 9 बजे तक चार्ज न करें, ताकि बिजली के संचार को बनाए रखा जा सके और किसी आपात स्थिति से भी बचा जा सके।
गौरतलब है कि कैलिफोर्निया राज्य ने कुछ दिन पहले ही एलान किया है कि वहां 2035 तक पेट्रोल-डीजल वाहनों की बिक्री पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। ऐसा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए किया गया। कैलिफोर्निया का ईवी मार्केट भी कई इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनियों के लिए बड़ा सौदा साबित हो सकता है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कैलिफोर्निया मॉडल को बढ़ावा दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, मौजूदा समय की बात की जाए तो कैलिफोर्निया के ऊर्जा उत्पादकों को भीषण गर्मी की वजह से भविष्य में बिजली की कमी की चिंता सताने लगी है। चूंकि एक इलेक्ट्रिक कार अपनी बैटरी की क्षमता के हिसाब से चार्जिंग के लिए जबरदस्त ऊर्जा लेती हैं। ऐसे में ग्रिड संचालकों को एडवायजरी जारी कर लोगों से अपील करनी पड़ रही है कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 4 बजे से 9 बजे तक चार्ज न करें, ताकि बिजली के संचार को बनाए रखा जा सके और किसी आपात स्थिति से भी बचा जा सके।
सोशल मीडिया पर क्या रही लोगों की प्रतिक्रिया
जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों को बैन करने के एलान के कुछ ही दिन बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर जारी एडवायजरी पर लोगों ने भी नाराजगी जाहिर की है। ट्विटर पर एक यूजर ने कहा कि पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों को बैन करने से पहले हमें बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए। एक और यूजर ने कहा कि पहले पेट्रोल-डीजल वाले वाहन और अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी पाबंदियां। ये लोग क्या चाहते हैं? हम पैदल चलें।
जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों को बैन करने के एलान के कुछ ही दिन बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर जारी एडवायजरी पर लोगों ने भी नाराजगी जाहिर की है। ट्विटर पर एक यूजर ने कहा कि पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों को बैन करने से पहले हमें बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए। एक और यूजर ने कहा कि पहले पेट्रोल-डीजल वाले वाहन और अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी पाबंदियां। ये लोग क्या चाहते हैं? हम पैदल चलें।