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विश्वासघात: भारत की मदद के लिए जुटाए चंदे में पाक एनजीओ ने किया घोटाला

Wed, 16 Jun 2021 01:43 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन Published by: देव कश्यप Updated Wed, 16 Jun 2021 01:43 AM IST
सार

  • अमेरिकी थिंकटैंक की रिपोर्ट में खुलासा, जुटाए गए धन का इस्तेमाल आतंकी हमले प्रायोजित करने में हो सकता है
  • ‘कोविड-19 स्कैम 2021’ नाम से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका स्थित पाक से जुड़े चैरिटी संगठनों ने कोरोना संकट में भारत की मदद करने के नाम पर चंदा जुटाया जिसमें लॉखों डॉलर की चोरी की गई

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US based Pak NGOs mop up funds raised to help India in COVID-19 crisis
भारत में कोरोना संकट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

एक बड़े अमेरिकी थिंकटैंक की रिपोर्ट में पाकिस्तानियों का वह चेहरा उजागर किया है जो बताता है कि इस देश के लोग किस तरह दान में जुटाए धन को आतंकी गतिविधियों में लगाते हैं। ‘कोविड-19 स्कैम 2021’ नाम से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका स्थित पाक से जुड़े चैरिटी संगठनों ने कोरोना संकट में भारत की मदद करने के नाम पर चंदा जुटाया और लॉखों डॉलर की चोरी की गई। रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि पाक सेना के साथ मिलकर चलाए जा रहे ये संगठन दान का दुरुपयोग विरोध भड़काने और आतंकी हमलों को प्रायोजित करने के लिए किया जा सकता है।

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अमेरिका स्थित डिसइंफो लैब नामक संस्था ने अपनी इस रिपोर्ट में बताया कि मानवीय सहायता ‘हेल्पिंग इंडिया ब्रीद’ के नाम पर किस तरह दुनिया में सबसे बुरा घोटाला किया गया। बता दें कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहे भारत को दुनिया भर से मदद मिली। लेकिन कुछ संगठनों ने दान के नाम पर अवैध रूप से धन एकत्र करने के लिए संकट का उपयोग किया। बताया गया कि इन संगठनों का कट्टरपंथी इस्लामी और आतंकी गुटों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। इन्हें पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। डिसइंफो लैब ने ऐसे कई चैरिटी संगठनों का पर्दाफाश किया है जो दान की रकम आतंकी हमलों को प्रायोजित करने में लगा सकते हैं।
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पाक सेना से हैं करीबी संबंध
डिसइंफो लैब के अनुसार, दिसंबर 2017 में हेल्पिंग हैंड फॉर रिलीफ एंड डेवलपमेंट ने पाकिस्तान में एक सम्मेलन का आयोजन किया। इसे प्रायोजित करने वाले संगठनों में फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन और लश्कर-ए-ताइबा जैसे आतंकी संगठन शामिल रहे। संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले इन संगठनों को पाकिस्तान में धर्मार्थ शाखा के रूप में जाना जाता है और इनसे संबंध पाक सेना के साथ काफी करीबी हैं।
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इन संगठनों ने जुटाया फंड
डिसइंफो लैब ने जिन संगठनों का खुलासा किया उनमें से एक इस्लामी संगठन उत्तरी अमेरिका का है। इसका नाम आईएमएएनए-इस्लामी मेडिकल एसोसिएशन है। इसने भारत की मदद के बहाने दुनियाभर के लोगों से हासिल दान का दसियों करोड़ फंड चोरी किया। 1967 में इस्लामी मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के रूप में स्थापित इस संगठन नें बाद में नाम बदल लिया। फंड एकत्रित करने वाले संगठनों में आईसीएनए रिलीफ कनाडा, ह्यूमन कंसर्न इंटरनेशनल, हेल्पिंग हैंड फॉर रिलीफ एंड डेवलपमेंट और इस्लामी रिलीफ यूके भी शामिल हैं। इनके अलावा हेल्पिंग हैंड फॉर रिलीफ एंड डेवलपमेंट यूएसए, इस्लामी सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका, रिलीफ यूएसए जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी धन जुटाया। 


करोड़ों रुपयों का दान प्राप्त हुआ
आईएमएएनए के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. इस्माइल मेहर ने 27 अप्रैल, 2021 को इंस्टाग्राम पर ‘हेल्प इंडिया ब्रीद’ अभियान शुरू किया और 1.8 करोड़ का शुरुआती लक्ष्य रखा। आईएमएएनए का न तो भारत में कोई कार्यालय है और ना ही कोई प्रतिनिधि। डिसइन्फो लैब की रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएएनए को कम समय में भारी मात्रा में धन मिला और तय किए गए लक्ष्य के पूरा होते ही लक्ष्य राशि को बार-बार संशोधित भी किया गया। डिसइन्फो लैब की गणना के अनुसार, इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन को कुल राशि 30 करोड़ रुपये से 158 करोड़ रुपये के बीच दान प्राप्त हुआ है।

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