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US: अमेरिका की पाकिस्तान को सलाह- रक्षा बजट पारदर्शी बनाएं, राजकोषीय पारदर्शिता रिपोर्ट में कीं कई सिफारिशें

Mon, 22 Sep 2025 04:27 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 22 Sep 2025 04:27 AM IST
सार

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को जारी वर्ष 2025 की राजकोषीय पारदर्शिता रिपोर्ट में कई सिफारिशें की गई हैं। यह वार्षिक मूल्यांकन विभिन्न सरकारों के बजटीय खुलेपन की समीक्षा करता है और इस बात पर केंद्रित होता है कि राज्य सार्वजनिक धन का खुलासा, लेखा-परीक्षण व प्रबंधन कैसे करते हैं। 

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US advises Pakistan to make its defence budget transparent
अमेरिका पाकिस्तान फ्लैग - फोटो : एएनआई

विस्तार

पाकिस्तान के रक्षा बजट पर अमेरिका की नजर है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से उसके रक्षा व खुफिया बजट को पारदर्शी तथा वित्तीय रूप से जवाबदेह बनाने को कहा है।

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अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को जारी वर्ष 2025 की राजकोषीय पारदर्शिता रिपोर्ट में कई सिफारिशें की गई हैं। यह वार्षिक मूल्यांकन विभिन्न सरकारों के बजटीय खुलेपन की समीक्षा करता है और इस बात पर केंद्रित होता है कि राज्य सार्वजनिक धन का खुलासा, लेखा-परीक्षण व प्रबंधन कैसे करते हैं। रिपोर्ट के पाकिस्तान खंड के अनुसार, सैन्य व खुफिया बजट की पर्याप्त संसदीय या नागरिक सार्वजनिक निगरानी नहीं हुई। राजकोषीय पारदर्शिता में सुधार के लिए पाकिस्तान को सैन्य व खुफिया एजेंसियों के बजट को संसदीय या नागरिक सार्वजनिक निगरानी में रखना चाहिए।
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पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश विभाग ने पाकिस्तान से अपने कार्यकारी बजट प्रस्ताव को समय पर प्रकाशित करने की भी सलाह दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार ने अपने कार्यकारी बजट प्रस्ताव को उचित समय सीमा के भीतर प्रकाशित नहीं किया। बजट को पहले जारी करने से इस पर विस्तृत बहस व जांच-पड़ताल का अवसर मिलेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के राजकोषीय पारदर्शिता रिपोर्ट में 140 सरकारों व प्रतिष्ठान शामिल हैं।

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सस्ते ऋण का प्रमुख स्रोत बना सऊदी अरब
बता दें कि सऊदी अरब पाकिस्तान के लिए सस्ते ऋण का प्रमुख स्रोत बन चुका है। यही वजह है कि इसके साथ रक्षा समझौता करना पाकिस्तान की सामरिक से अधिक आर्थिक मजबूरी है। खस्ताहाल पाकिस्तान किसी भी रूप में सऊदी अरब को नाखुश नहीं करना चाहता, क्योंकि वह इस्लामाबाद के लिए सस्ते विदेशी ऋण का प्रमुख स्रोत है। पाकिस्तान से सऊदी अरब सिर्फ चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज वसूल रहा है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, रियाद ने हाल के वर्षों में इस्लामाबाद को दिए दो अलग-अलग नकद ऋणों पर चार प्रतिशत ब्याज दर वसूली।

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