{"_id":"637e67d8988f3f3fec5e0674","slug":"unsc-counter-terrorism-committee-plans-open-briefing-in-december","type":"story","status":"publish","title_hn":"UNSC: भारतीय राजदूत रुचिरा कंबोज ने भारत की अध्यक्षता में हुई सीटीसी की उपलब्धियों पर यूएनएससी को दी जानकारी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UNSC: भारतीय राजदूत रुचिरा कंबोज ने भारत की अध्यक्षता में हुई सीटीसी की उपलब्धियों पर यूएनएससी को दी जानकारी
Thu, 24 Nov 2022 12:05 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 24 Nov 2022 12:05 AM IST
सार
कंबोज ने कहा कि चूंकि अफगानिस्तान में आतंकवादी खतरा बना हुआ है, इसलिए समिति अगले महीने मध्य एशिया पर एक बैठक आयोजित करने वाली है।
विज्ञापन
Ruchira Kamboj
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से अक्तूबर में मुंबई के ताजमहल पैलेस होटल में आतंकवाद विरोधी समिति की विशेष बैठक का आयोजन किया गया था। वहीं अब संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को काउंटर-टेररिज्म कमेटी (सीटीसी) द्वारा किए गए कार्यों के प्रमुख पहलुओं और काउंटर-टेररिज्म कमेटी को लेकर भारत की अध्यक्षता में सीटीसी की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
रुचिरा कंबोज ने काउंटर-टेररिज्म कमेटी के अध्यक्ष के रूप में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अक्तूबर में दिए गए अपने बयान को याद किया और कहा कि समिति ने आतंकवादियों के नई और उभरती टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के खतरे के व्यापक विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित की थी। बता दें कि आतंकवाद विरोधी समिति के पहले दिन सम्मेलन का आयोजन 28 अक्तूबर को मुंबई में और दूसरे दिन सम्मेलन का आयोजन 29 अक्तूबर को नई दिल्ली में हुआ था।
विज्ञापन
आतंकवादी खतरा लगातार बढ़ रहा
कंबोज ने कहा कि चूंकि अफगानिस्तान में आतंकवादी खतरा बना हुआ है, इसलिए समिति अगले महीने मध्य एशिया पर एक बैठक आयोजित करने वाली है। खतरा लगातार बढ़ रहा है, खासकर मध्य पूर्व, मध्य एशिया, दक्षिण एशिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में, काउंटर टेररिज्म कमेटी ने इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है।
विज्ञापन
आतंकवादी हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
समिति के सदस्यों ने अमेरिका पर 9/11 के हमले और भारत में 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के पीड़ितों सहित आतंकवाद के सभी पीड़ितों को भी श्रद्धांजलि दी। विशेष बैठक में समिति ने आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग का मुकाबला करने पर दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया।
आगे कंबोज ने कहा कि इन मुद्दों पर अपने काम को प्राथमिकता देने और जोर देने दोनों के लिए अपनी प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, समिति अगले महीने की शुरुआत में विशेष बैठक के नतीजे पर एक मीटिंग आयोजित करने की योजना बना रही है, जहां यह अन्य विषयगत मुद्दों के संबंध में अपनी उपलब्धियों को उजागर करेगी।
एस जयशंकर भी जता चुके हैं चिंता
आतंकवाद विरोधी समिति की विशेष बैठक में एस जयशंकर ने कहा था कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। पिछले दो दशकों में यूएनएससी ने इस खतरे से निपटने के लिए मुख्य रूप से आतंकवाद विरोधी प्रतिबंध शासन को विकसित किया है। यह उन देशों को सामने लाने में बहुत प्रभावी रहा है जिन्होंने आतंकवाद और टेरर फंडिग को एक बिजनिस बना लिया है। इन सबके बावजूद एशिया और अफ्रीका में आतंकवाद का खतरा बढ़ रहा है।