पाक की फजीहत: यूरोपीय संघ से लगाई धार्मिक स्वतंत्रता भंग करने वाले देश की सूची में डालने की गुहार
- यूरोपीय संघ की बैठक में यूएनपीओ (अनप्रजेंटेड नेशन एंड पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन) के महासचिव ने उठाया मुद्दा
- महासचिव राल्फ बुनचे ने पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा बहुत दिनों से उठता आ रहा है और यह अहम है
- पिछले साल नबंवर में अमेरिका भी पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता के मामलों में विशेष चिंता वाला देश नामित कर चुका है
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यूएनपीओ (अनप्रजेंटेड नेशन एंड पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन) के महासचिव राल्फ बुनचे ने यूरोपीय संघ से पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करने वाले देशों की सूची में डालने के लिए गुहार लगाई है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की विकट परिस्थितियों को लेकर जेनेवा में गुरुवार को यूरोपीय संघ की बैठक में बुनचे ने यह आग्रह किया। बुनचे बैठक में पाकिस्तान और खासकर सिंध इलाके में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर जेनेवा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा बहुत दिनों से उठता आ रहा है और यह बहुत ही महत्वपूर्ण है।
राल्फ ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले साल नबंवर में अमेरिकी गृह विभाग ने पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियमों के तहत विशेष चिंता वाले देश के रूप में नामित किया था। जो इसे धार्मिक स्वतंत्रता के लिहाज से भयानक देशों की श्रेणी में शामिल करता है। इसलिए पाकिस्तान में धार्मिक अतिवाद से पैदा होने वाले उत्पीड़न को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।
पाकिस्तान को अपने देश में रहने वाले अल्पसंख्यकों पर नकेल कसने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई है। पाकिस्तान धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भी भेदभाव करता रहा है। यह अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, सामूहिक हत्याओं, असाधारण हत्याओं, अपहरण, बलात्कार, इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन आदि के रूप में सामने आता रहा है। पाकिस्तानी हिंदू, ईसाई, सिख, अहमदिया और शिया इस क्षेत्र में सबसे अधिक उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों में से एक हैं।
उन्होंने कहा कि यूएनपीओ को उम्मीद है कि यूरोपीय संघ इस मामले में अमेरिका से एक कदम आगे बढ़कर पाक को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मानकों के भारी उल्लंघनकर्ता के रूप में मान्यता देगा। साथ ही कार्रवाई कर यह सुनिश्चित करेगा कि उसे सामान्य हालात में दी जाने वाली मदद पर अंकुश लगाया जा सके।
R Bunche: Last Nov US Dept of State designated Pak as a country of particular concern under Int'l Religious Freedom Acts which puts it in company of some horrible states in terms of religious freedom & says you can’t ignore problems with religious extremism & persecution in Pak. https://t.co/vLzSJYVPco
— ANI (@ANI) September 12, 2019