फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   United States: Joe Biden Democratic Party may defeat in the mid-term elections

United States: अमेरिका में सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी पर मंडरा रहा है हार का खतरा

Thu, 06 Oct 2022 05:23 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 06 Oct 2022 05:23 PM IST
सार

United States: अमेरिका में हर दो साल पर संसदीय और अन्य चुनाव होते हैं। राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच की अवधि में होने वाले चुनावों को मिड टर्म्स कहा जाता है। संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के अलावा ऊपरी सदन सीनेट की एक तिहाई सदस्यों का चुनाव हर दो साल पर होता है...

विज्ञापन
United States: Joe Biden Democratic Party may defeat in the mid-term elections
Joe Biden - फोटो : ANI (File Photo)

विस्तार

अगले महीने अमेरिका में होने वाले मिड टर्म चुनावों में राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी को करारी हार का मुंह देखना पड़ सकता है। यह निष्कर्ष सर्वे एजेंसी गैलप के जनमत सर्वेक्षण आंकड़ों के विश्लेषण आधार पर टीवी चैनल सीएनएन ने निकाला है। सीएनएन ने कहा है कि गैलप सर्वे में जनमत को भांपने का बेहतर तरीका अपनाया जाता है। इससे सही संकेत मिलता है। ताजा सर्वे से संकेत मिला है कि अगले महीने होने वाले चुनाव में पलड़ा रिपब्लिकन पार्टी की तरफ झुकेगा।

विज्ञापन

अमेरिका में हर दो साल पर संसदीय और अन्य चुनाव होते हैं। राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच की अवधि में होने वाले चुनावों को मिड टर्म्स कहा जाता है। संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के अलावा ऊपरी सदन सीनेट की एक तिहाई सदस्यों का चुनाव हर दो साल पर होता है। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर और राज्य की विधायिकाओं के चुनाव के लिए भी इस वर्ष आठ नवंबर को वोट डाले जाएंगे।

विज्ञापन

सीएनएन ने कहा है कि जनमत सर्वेक्षणों के दौरान आम तौर पर मतदाताओं से यह पूछा जाता है कि उनकी नजर में कौन-से मुद्दे सबसे अहम हैं। लेकिन गैलप ऐसे सवाल पूछने के बजाय मतदाताओं से यह प्रश्न पूछती है कि उनकी राय में देश की समस्याओं का सामना करने के लिए कौन-सी पार्टी बेहतर साबित होगी। गैलप के ताजा सर्वे से सामने आया कि 48 फीसदी मतदाताओं ने राय जताई कि रिपब्लिकन पार्टी मौजूदा समस्याओं से निपटने में ज्यादा सक्षम है। सिर्फ 37 फीसदी मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी के बारे में ऐसी राय जताई।

विज्ञापन
विज्ञापन

चुनाव विश्लेषकों के मुताबिक इस प्रश्न पर 11 अंकों की रिपब्लिकन पार्टी की बढ़त 76 साल में सबसे ज्यादा है। सीएनएन ने 1946 के बाद हुए 20 मिड टर्म चुनावों से पहले इस प्रश्न पर आए सर्वे नतीजों का विश्लेषण किया है। इसके पहले 1946 में रिपब्लिकन पार्टी को डेमोक्रेटिक पार्टी पर 17 अंकों की बढ़त दिखाई गई थी। 1946 में हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी को डेमोक्रेटिक पार्टी से 55 सीटें ज्यादा मिली थीं। उसे कुल 246 सीटें मिली थीं। हाउस में कुल 438 सदस्य होते हैं। उस समय भी ह्वाइट हाउस में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति थे।

इस बीच व्हाइट हाउस में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति के रहते ऐसे चार मौके आए, जब मिडटर्म चुनावों के पहले के गैलप पोल में रिपब्लिकन पार्टी पीछे नजर आई। उन सभी मौकों पर वह औसतन 189 सीटें ही जीत सकी। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदें इस बार काफी हद तक गर्भपात के मुद्दे पर टिकी हुई हैं। जून में सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को वैध ठहराने वाले अपने पांच दशक पुराने फैसले को पलट दिया था। डेमोक्रेटिक पार्टी का आकलन है कि इससे नाराज और महिला अधिकारों के समर्थक मतदाता गर्भपात के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए उसके हक में गोलबंद होंगे।

लेकिन ताजा गैलप पोल के दौरान सिर्फ चार फीसदी मतदाताओं गर्भपात को राष्ट्र के सामने मौजूद सबसे महत्त्वपूर्ण मुद्दा बताया। जबकि जुलाई में हुए गैलप सर्वे में आठ फीसदी मतदाताओं ने ऐसी राय जताई थी। इसका यह निष्कर्ष निकाला गया है कि मतदाताओं के लिए इस मुद्दे की अहमियत घट रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed