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Snapback Sanctions: महंगाई से त्रस्त ईरान पर UN के प्रतिबंध लागू, बंद हुए हथियार सौदे और फ्रीज हुई संपत्तियां

Sun, 28 Sep 2025 06:24 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 28 Sep 2025 06:24 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर फिर से स्नैपबैक प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे विदेशी संपत्ति फ्रीज होगी, हथियार सौदे रुकेंगे और मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगेगी। पहले से कमजोर ईरानी अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ा है। ईरान की रियाल मुद्रा रिकॉर्ड निचले स्तर पर है और खाने-पीने की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

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United Nations imposes snapback sanctions on hungrier, poorer and more anxious Iran
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं। ये प्रतिबंध रविवार रात (स्थानीय समयानुसार) से लागू हो गए। संयुक्त राष्ट्र के इस कदम से इस्लामी गणराज्य पर और दबाव बढ़ गया है, क्योंकि उसके लोग जीवित रहने के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। 

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इन प्रतिबंधों के तहत विदेशों में ईरानी संपत्तियों को फिर से फ्रीज किया जाएगा, हथियार सौदों पर रोक लगाई जाएगी, और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी रोक लगा दी जाएगी। इसके अलावा अन्य उपाय भी किए जाएंगे। यह कार्रवाई 'स्नैपबैक' नामक व्यवस्था के तहत हुई है, जो विश्व शक्तियों के साथ ईरान के 2015 के परमाणु समझौते में शामिल थी। 
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ईरान के लोगों को फिर लड़ाई भड़कने की सता रही चिंता 
पहले से कमजोर ईरानी अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ा है। ईरान की रियाल मुद्रा रिकॉर्ड निचले स्तर पर है और खाने-पीने की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। मांस, चावल और दूसरी चीजें आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। वहीं, लोगों को डर है कि ईरान और इस्राइल व अमेरिका के बीच फिर से लड़ाई भड़क सकती है, क्योंकि जून में 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान जिन मिसाइल ठिकानों पर हमला किया गया था, अब उनका पुनर्निर्माण किया जा रहा है। 


मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अंदरूनी दमन बढ़ने की आशंका
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आशंका है कि ईरान सरकार अंदरूनी दमन और बढ़ा सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस साल ईरान में फांसी की सजा पाना पिछले 30 वर्षों से ज्यादा हो गया है। लोगों का कहना है कि हालात 1980 के दशक में हुए ईरान-इराक युद्ध और पुराने प्रतिबंधों से भी कठिन हो गए हैं। महंगाई 34.5 फीसदी तक पहुंच गई है और जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतें 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ी हैं। बीन्स, चावल, मक्खन, चिकन जैसी चीजें बेहद महंगी हो गई हैं।

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वीटो-प्रूफ बनाने के लिए डिजाइन किया गया था स्नैपबैक
दरअसल, स्नैपबैक को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वीटो-प्रूफ बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। इसका अर्थ यह है कि चीन और रूस इसे अकेले नहीं रोक सकते, क्योंकि उन्होंने अतीत में ईरान के खिलाफ अन्य प्रस्तावित कार्रवाइयां की हैं। फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम ने 30 दिन पहले ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी को और प्रतिबंधित करने और अमेरिका के साथ उसकी वार्ता में गतिरोध के कारण स्नैपबैक शुरू किया था।

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