{"_id":"5fcd2d188ebc3ecf80744b61","slug":"united-nation-show-confidence-in-indian-leadership-on-solar-energy","type":"story","status":"publish","title_hn":"संयुक्त राष्ट्र ने सौर ऊर्जा पर भारतीय नेतृत्व को लेकर जताया विश्वास","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
संयुक्त राष्ट्र ने सौर ऊर्जा पर भारतीय नेतृत्व को लेकर जताया विश्वास
Mon, 07 Dec 2020 01:18 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 07 Dec 2020 01:18 AM IST
विज्ञापन
united nation
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व निकाय ने सौर ऊर्जा पर भारतीय नेतृत्व को लेकर भरोसा जताया है। उसने कहा कि सौर ऊर्जा पर भारत का नेतृत्व और उद्योगों का सौर ऊर्जा को अपनाना यह भरोसा करने की एक वजह देता है कि दुनिया जलवायु संबंधी लक्ष्यों को हासिल कर सकती है। संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने यह बात कही।
विज्ञापन
उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा, यह भरोसा जलवायु लक्ष्यों के लिए अहम
अमीना मोहम्मद ने जोर देकर कहा कि कोविड-19 महामारी से बेहाल हुई अर्थव्यवस्थाओं को अब जब सरकारें दोबारा खोल रही हैं तो ऐसे में जरूरी है कि इसे पटरी पर उस तरीके से लाया जाए जो न केवल टिकाऊ, लचीला और निष्पक्ष हो, बल्कि रोजगारों से समृद्ध भी हो। अमीना ने पिछले हफ्ते ‘पीपुल एंड क्लाइमेट- जस्ट ट्रांजिशन इन प्रैक्टिस’ नामक एक वेबिनार में जलवायु परिवर्तन से उबरने के वैश्विक प्रयासों को उत्साहजनक खबर बताया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, जापान और कोरिया गणराज्य समेत कुल 110 देशों ने 2050 तक कार्बन उत्सर्जन शून्य करने का संकल्प लिया है। चीन ने कहा है कि वह 2060 तक ऐसा करेगा। सौर ऊर्जा को लेकर भारत का नेतृत्व और उद्योगों द्वारा इस ऊर्जा को अपनाया जाना बताता है कि हम जलवायु संबंधी लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
जलवायु चुनौतियों से सामना करना जरूरी
संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा कि अक्षय ऊर्जा में निवेश जीवाश्म ईंधन में निवेश की तुलना में तीन गुना अधिक रोजगार देता है। उन्होंने सभी सरकारों से हितधारकों के साथ काम करने के लिए एक विश्वसनीय योजना विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जलवायु चुनौतियों का सामना करना हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।