{"_id":"5f0e98458ebc3e63bc3cbef5","slug":"united-america-calls-china-the-modern-east-india-company-at-the-south-china-sea","type":"story","status":"publish","title_hn":"दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को अमेरिका ने किया खारिज, चीन को बताया ईस्ट इंडिया कंपनी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को अमेरिका ने किया खारिज, चीन को बताया ईस्ट इंडिया कंपनी
Wed, 15 Jul 2020 11:16 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 15 Jul 2020 11:16 AM IST
विज्ञापन
South China Sea
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण चीन सागर पर चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने बीजिंग के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है और चीन की ब्रिटिश कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी से तुलना की है। एक दिन पहले विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को गैर-कानूूनी बताया था।
विज्ञापन
अमेरिका के विदेश मंत्रालय के उपसचिव डेविड स्टिलवेल ने कहा कि तेल प्रमुख CNOOC और दूसरी कंपनियां, अन्य देशों को डराने के लिए तख्तों के घर की तरह काम कर रही हैं। स्टिलवेल ने कहा कि हमारे समाज में जनता को ये जानने का पूरा हक है कि कर्मिशियल एंटरप्राइसेज और इंस्ट्रूमेंट फॉर फॉरेन स्टेट पावर के बीच क्या अंतर है।
विज्ञापन
स्टिलवेल ने कहा कि ये स्टेट एंटरप्राइसेज ईस्ट इंडिया कंपनी के मॉडर्न तरीके की तरह काम कर रहे हैं। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने ज्यादातर भारतीय उपमहाद्विपों पर कब्जा कर लिया था, कंपनी ने चाय, कपास, मसाले और दूसरे सामान के व्यापार के ढोंग में भारत में कब्जा किया था।
विज्ञापन
अमेरिका ने चीन को ईस्ट इंडिया कंपनी इसलिए कहा क्योंकि चीन को अफीम की तस्करी करने में ईस्ट इंडिया कंपनी का बहुत बड़ा हाथ था। चीन ने अभी हाल ही में हॉन्ग-कॉन्ग की आजादी छीनने वाले कानून को लाकर अंतराराष्ट्रीय नाराजगी अपनी ओर ले ली है।
अमेरिका और चीन के बीच चल रहे मतभेद के चलते विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने फिलीपीन्स, वियतनाम, अन्य दक्षिणपूर्वी एशिया के देशों का पक्ष लेते हुए दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को खारिज किया है। इससे पहले अमेरिका ये कह चुका है कि चीन का दावा गैर-कानूनी है।
स्टिलवेल ने कहा कि बीजिंग अपनी 2021 की डेडलाइन से भले ही पीछे हट गया हो लेकिन चीन के शासकों वाले लक्ष्य वैसे के वैसे ही हैं। हालांकि दक्षिण चीन सागर पर अमेरिका का कोई दावा नहीं है लेकिन आचार संहिता को लेकर अमेरिका का रुख एकदम साफ है।