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Hindi News ›   World ›   UNHRC 50th Session India said instability in neighboring country is a matter of concern women children suffer the most due to humanitarian crisis

UNHRC 50th Session: भारत ने कहा, म्यांमार में अस्थिरता चिंता का विषय, मानवीय संकट से सबसे ज्यादा महिलाएं और बच्चे पीड़ित

Tue, 14 Jun 2022 10:57 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 14 Jun 2022 10:57 PM IST
सार

भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, "म्यांमार में जारी मानवीय संकट से सबसे ज्यादा पीड़ित महिलाएं और बच्चे हैं। म्यांमार के लोगों के बीच लंबे समय से मित्र के रूप में हम अपनी विकासात्मक और मानवीय सहायता जारी रखेंगे।"

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UNHRC 50th Session India said instability in neighboring country is a matter of concern women children suffer the most due to humanitarian crisis
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 50वे संत्र के दौरान म्यांमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि एक देश के रूप में म्यांमार के साथ भारत एक लंबी सीमा साझा करता है, म्यांमार में लगातार अस्थिरता भारत के लिए चिंता और प्रत्यक्ष प्रभाव का विषय है। 
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भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, "म्यांमार में जारी मानवीय संकट से सबसे ज्यादा पीड़ित महिलाएं और बच्चे हैं। म्यांमार के लोगों के बीच लंबे समय से मित्र के रूप में हम रखाइन प्रांत सहित अपनी विकासात्मक और मानवीय सहायता जारी रखेंगे।"
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उच्चायुक्त ने कहा, भारत ने म्यांमार को देश में मौजूदा खाद्य कमी की स्थिति को कम करने के लिए अनुदान सहायता के तहत 10,000 टन चावल और गेहूं प्रदान किया है। हमने म्यांमार को कोविड-19 के प्रभाव को कम करने के लिए टीके भी दिए हैं। 
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म्यांमार के लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने म्यांमार में लोकतंत्र की जल्द से जल्द वापसी, बंदियों और कैदियों की रिहाई, आपसी बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान और सभी तरह की हिंसा को पूरी तरह से खत्म करने पर बल दिया है। हमें किसी भी पक्ष द्वारा की गई हिंसा पर चिंता है। शांतिपूर्ण संवाद और सुलह सभी  हितधारकों को आगे बढ़ाने का एकमात्र तरीका है। 

म्यांमार के लोकतांत्रिक पड़ोसी के रूप में भारत ने 2011 से देश में लोकतातंत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करन के लिए निवेश किया है। हम म्यांमार को स्थिर लोकतांत्रिक संघीय संघ के रूप में उभरने के इन प्रयासों को नवीनीकृत कर रहे हैं। 

भारत ने आगे कहा, "हमने आसियान पहल के लिए अपने मजबूत और निरंतर समर्थन की पुष्टि की है। हमें उम्मीद है कि पांच सूत्रीय सहमति के आधार पर व्यावहारिक और रचनात्मक तरीके से प्रगति की जाएगी। जरूरतमंद आबादी के लिए मानवीय सहायता पर प्रगति की जानी चाहिए। हम सभी हितधारकों की भागीदारी के साथ एक विश्वसनीय राजनीतिक प्रक्रिया का भी आह्वान करते हैं, भारत उस बड़े उद्देश्य को सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम करेगा।"

उच्चायुक्त ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि बांग्लादेश से विस्थापित व्यक्तियों के म्यांमार के रखाइन प्रांत में सुरक्षित, त्वरित और स्थायी प्रत्यावर्तन की दिशा में हमारे जारी प्रयास कमजोर न हों। एकमात्र देश के रूप में हमारी सीमा म्यांमार और बांग्लादेश दोनों के साथ लगती है, इस मुद्दे में हमारा बहुत बड़ा दांव है।"


भारत ने आगे कहा, "इस संबंध में, हम इस संबंध में बांग्लादेश सरकार के प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेंगे और म्यांमार में रखाइन राज्य में क्षमता निर्माण करना जारी रखेंगे।"
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