{"_id":"68a9e099d2fd20736e097aca","slug":"un-tom-fletcher-says-gaza-famineis-world-famine-israel-blockade-food-humanitarian-crisis-malnutrition-death-2025-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"UN: ‘ये दुनिया का अकाल’, गाजा पर बोला संयुक्त राष्ट्र; इस्राइल को ठहराया जिम्मेदार, बाकी देशों पर कही ये बात","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UN: ‘ये दुनिया का अकाल’, गाजा पर बोला संयुक्त राष्ट्र; इस्राइल को ठहराया जिम्मेदार, बाकी देशों पर कही ये बात
Sat, 23 Aug 2025 09:09 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 23 Aug 2025 09:09 PM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र राहत प्रमुख टॉम फ्लेचर ने गाजा में जारी अकाल को "दुनिया का अकाल" बताया। उन्होंने इस्राइल की रोक-टोक और वैश्विक समुदाय की नाकामी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। गाजा में भोजन सीमा पर रुका है लेकिन लोगों तक नहीं पहुंच रहा।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र का झंडा।
- फोटो : ANI
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख और आपात राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने गाजा में जारी अकाल को 'दुनिया का अकाल' कहा। उन्होंने बताया कि यह संकट पूरी तरह टाला जा सकता था, लेकिन इस्राइल की व्यवस्थित बाधाओं और वैश्विक समुदाय की लापरवाही ने इसे जन्म दिया है। फ्लेचर ने चेतावनी दी कि यह त्रासदी मानवता के लिए शर्म और पीड़ा की वजह बनेगी।
संयुक्त राष्ट्र समर्थित इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (आईपीसी) रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि गाजा में अकाल शुरू हो चुका है। फ्लेचर ने कहा कि खाद्य सामग्री सीमा पर पड़ी हुई है, लेकिन इस्राइल की पाबंदियों के कारण लोगों तक नहीं पहुंच पा रही। उन्होंने इसे उपजाऊ जमीन पर कुछ सौ मीटर की दूरी पर पड़ा अकाल" बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति गहरी पीड़ा और गुस्से से पढ़ी जानी चाहिए क्योंकि यह सिर्फ आंकड़े नहीं बल्कि हजारों इंसानी ज़िंदगियों की कहानी है।
बच्चों और कमजोरों पर सबसे बड़ा असर
फ्लेचर ने कहा कि अकाल सबसे पहले बच्चों और कमजोर तबकों को प्रभावित कर रहा है। "यह अकाल इंसान से पहले उनकी गरिमा छीनता है और फिर जीवन। यह माता-पिता को मजबूर करता है कि वे चुनें किस बच्चे को खिलाएं और किसे भूखा रहने दें। संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने बताया कि मीडिया को गाजा में रिपोर्टिंग की अनुमति नहीं है, जबकि यह 21वीं सदी का ऐसा अकाल है जिसे ड्रोन और अत्याधुनिक हथियारों की निगरानी में चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- 'धर्मस्थल मंदिर को बदनाम करने की हो रही साजिश', कर्नाटक मामले पर फूटा अन्नामलाई का गुस्सा
दुनिया की जिम्मेदारी पर सवाल
फ्लेचर ने कहा कि गाजा का अकाल पूरी दुनिया का अकाल है। यह हमारी नजरों के सामने हो रहा है और हम सब इसके जिम्मेदार हैं। यह अकाल पूछता है ‘तुमने क्या किया?’ और आने वाले समय में यह हमें सताएगा। उन्होंने इसे क्रूरता से जन्मा, प्रतिशोध से जायज ठहराया गया और उदासीनता व मिलीभगत से कायम रखा गया अकाल बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दुनिया को झकझोरने और शर्मिंदा करने के लिए काफी है।
ये भी पढ़ें- सीपी राधाकृष्णन-सुदर्शन रेड्डी के अलावा 46 उम्मीदवारों ने किया था नामांकन, जानें अब कितने मैदान में
तात्कालिक कार्रवाई की मांग
संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विश्व नेताओं से तत्काल युद्धविराम और सभी सीमा चौकियों को खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो गया। रास्ते खोलो, बड़े पैमाने पर भोजन और दवाइयां गाजा पहुंचने दो। हजारों लोगों के लिए बहुत देर हो चुकी है, लेकिन बाकी को अभी भी बचाया जा सकता है। अल जजीरा के मुताबिक, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक कुपोषण और भूख से 273 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 112 बच्चे शामिल हैं। वहीं, अक्टूबर 2023 से जारी इस्राइल के हमलों में अब तक 62,622 लोग मारे गए और 1.57 लाख से ज्यादा घायल हुए हैं।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र समर्थित इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (आईपीसी) रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि गाजा में अकाल शुरू हो चुका है। फ्लेचर ने कहा कि खाद्य सामग्री सीमा पर पड़ी हुई है, लेकिन इस्राइल की पाबंदियों के कारण लोगों तक नहीं पहुंच पा रही। उन्होंने इसे उपजाऊ जमीन पर कुछ सौ मीटर की दूरी पर पड़ा अकाल" बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति गहरी पीड़ा और गुस्से से पढ़ी जानी चाहिए क्योंकि यह सिर्फ आंकड़े नहीं बल्कि हजारों इंसानी ज़िंदगियों की कहानी है।
विज्ञापन
बच्चों और कमजोरों पर सबसे बड़ा असर
फ्लेचर ने कहा कि अकाल सबसे पहले बच्चों और कमजोर तबकों को प्रभावित कर रहा है। "यह अकाल इंसान से पहले उनकी गरिमा छीनता है और फिर जीवन। यह माता-पिता को मजबूर करता है कि वे चुनें किस बच्चे को खिलाएं और किसे भूखा रहने दें। संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने बताया कि मीडिया को गाजा में रिपोर्टिंग की अनुमति नहीं है, जबकि यह 21वीं सदी का ऐसा अकाल है जिसे ड्रोन और अत्याधुनिक हथियारों की निगरानी में चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- 'धर्मस्थल मंदिर को बदनाम करने की हो रही साजिश', कर्नाटक मामले पर फूटा अन्नामलाई का गुस्सा
दुनिया की जिम्मेदारी पर सवाल
फ्लेचर ने कहा कि गाजा का अकाल पूरी दुनिया का अकाल है। यह हमारी नजरों के सामने हो रहा है और हम सब इसके जिम्मेदार हैं। यह अकाल पूछता है ‘तुमने क्या किया?’ और आने वाले समय में यह हमें सताएगा। उन्होंने इसे क्रूरता से जन्मा, प्रतिशोध से जायज ठहराया गया और उदासीनता व मिलीभगत से कायम रखा गया अकाल बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दुनिया को झकझोरने और शर्मिंदा करने के लिए काफी है।
ये भी पढ़ें- सीपी राधाकृष्णन-सुदर्शन रेड्डी के अलावा 46 उम्मीदवारों ने किया था नामांकन, जानें अब कितने मैदान में
तात्कालिक कार्रवाई की मांग
संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विश्व नेताओं से तत्काल युद्धविराम और सभी सीमा चौकियों को खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो गया। रास्ते खोलो, बड़े पैमाने पर भोजन और दवाइयां गाजा पहुंचने दो। हजारों लोगों के लिए बहुत देर हो चुकी है, लेकिन बाकी को अभी भी बचाया जा सकता है। अल जजीरा के मुताबिक, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक कुपोषण और भूख से 273 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 112 बच्चे शामिल हैं। वहीं, अक्टूबर 2023 से जारी इस्राइल के हमलों में अब तक 62,622 लोग मारे गए और 1.57 लाख से ज्यादा घायल हुए हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन