UN: ईरान और पाकिस्तान से लौटने को मजबूर हुए 12 लाख अफगान, देश वापसी से और बिगड़ सकती है अफगानिस्तान की स्थिति
ईरान और पाकिस्तान ने लाखों अफगानों को वापस उनके देश भेज दिया है। इससे अफगानिस्तान में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि वहां पहले से ही हालात खराब हैं। लोगों को डर है कि उन्हें आजादी और जरूरी सुविधाएं मिलेंगी भी या नहीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने शनिवार को बताया कि इस साल ईरान और पाकिस्तान से कम से कम 12 लाख अफगानों को अफगानिस्तान लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की वापसी से अफगानिस्तान की नाजुक स्थिति और बिगड़ सकती है।
ईरान और पाकिस्तान ने 2023 में उन विदेशियों को बाहर करने के लिए अलग-अलग अभियान शुरू किए, जो उनके अनुसार देश में अवैध रूप से रह रहे थे। दोनों देशों ने समय सीमा तय करते हुए धमकी दी कि अगर वे वापस नहीं लौटे तो उन्हें निर्वासित कर दिया जाएगा। दोनों सरकारें उन अफगानों को निशाना बनाने से इनकार करती हैं, जो युद्ध, गरीबी या तालिबान शासन से बचने के लिए अपने वतन से भाग गए हैं।
ये भी पढ़ें: Iran: इस्राइली हमलों में मारे गए ईरानी सैन्य कमांडरों और वैज्ञानिकों को दी गई अंतिम विदाई, तेहरान में जनसैलाब
20 मार्च के बाद लौटे आधे से अधिक अफगान
शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने कहा कि जो 12 लाख अफगान वापस लौटे हैं, उनमें से आधे से अधिक 20 मार्च की समय सीमा के बाद ईरान से आए, जिसे सरकार ने तय किया था। इस दौरान उनसे कहा गया कि वे स्वेच्छा से देश छोड़ दें, नहीं तो उन्हें निष्कासन का सामना करना पड़ सकता है।
इस्राइल-ईरान युद्ध के कारण भी वापस गए अफगान
एजेंसी के अुसार, ईरान ने इस वर्ष 366,000 से अधिक अफगानों को निर्वासित किया है, जिनमें शरणार्थी और शरणार्थी जैसी स्थिति वाले लोग शामिल हैं। वहीं, इस्राइल के साथ ईरान के 12 दिनों के युद्ध के कारण भी लोग वापस चले गए हैं। सबसे अधिक वापसी 26 जून को हुई, जब एक दिन में 36,100 अफगान सीमा पार कर गए।
ये भी पढ़ें: Jeff Bezos Wedding: बेजोस की ₹478 करोड़ की शादी, जितने के फूल लगे उतने में भारत में होती हैं 12 शादियां
महिलाएं और लड़कियां विशेष रूप से चिंतित
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में UNHCR के प्रतिनिधि अराफात जमाल ने कहा कि अफगान परिवार एक बार फिर से उजड़ रहे हैं, वे बहुत कम सामान लेकर आ रहे हैं। वह इस बात से डरे हुए हैं कि एक ऐसे देश में उनका क्या होगा, जहां उनमें से कई ने कभी पैर भी नहीं रखा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं और लड़कियां विशेष रूप से चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें आवागमन की स्वतंत्रता, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी अधिकारों पर प्रतिबंधों का डर है।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.