फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   un resolution against iran hormuz strait us gulf countries maritime security sanctions warning us iran war

UN में ईरान के खिलाफ कड़ा प्रस्ताव: जहाजों पर हमले रोकने की चेतावनी, नहीं माना तो भुगतने होंगे गंभीर नतीजे

Wed, 06 May 2026 01:27 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 06 May 2026 01:27 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और खाड़ी देशों ने ईरान के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया है। इसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले रोकने और अवैध वसूली बंद करने की मांग की गई है। शर्तें न मानने पर ईरान पर कड़े प्रतिबंध और सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

विज्ञापन
un resolution against iran hormuz strait us gulf countries maritime security sanctions warning us iran war
अफगानिस्तान के नए कानून पर संयुक्त राष्ट्र चिंतित - फोटो : ANI

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के खिलाफ एक कड़ा प्रस्ताव पेश किया गया है। इस प्रस्ताव में ईरान को चेतावनी दी गई है कि अगर उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले नहीं रोके, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका और खाड़ी देशों ने मिलकर यह मसौदा तैयार किया है। इसमें मांग की गई है कि ईरान जहाजों से अवैध टोल वसूलना बंद करे। इसके अलावा, ईरान को समुद्र में बिछाई गई सभी बारूदी सुरंगों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सुरक्षित हो सके।
विज्ञापन


प्रस्ताव में क्या?
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि ईरान को संयुक्त राष्ट्र की उन कोशिशों में तुरंत मदद करनी चाहिए, जो वहां एक मानवीय गलियारा बनाने के लिए की जा रही हैं। इस गलियारे की मदद से खाद और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने उम्मीद जताई है कि इस बार 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव को जरूरी समर्थन मिल जाएगा। उन्हें लगता है कि इस बार ईरान के सहयोगी देश भी इसका विरोध नहीं करेंगे और न ही वीटो का इस्तेमाल होगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: US: अमेरिका के टेक्सास में अंधाधुंध गोलीबारी में दो की मौत, तीन घायल; जांच में जुटी एजेंसियां
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले भी समुद्री रास्ता खोलने के लिए एक प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन चीन और रूस ने उस पर वीटो लगा दिया था। उसके कुछ घंटों बाद ही अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की घोषणा हुई थी। ट्रंप प्रशासन अब इस समुद्री रास्ते पर व्यापार को पूरी तरह बहाल करना चाहता है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर जाता था। फिलहाल वहां युद्धविराम तो है, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

नियम न मानने पर भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
यह नया प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात के तहत लाया गया है। इसका मतलब है कि इन शर्तों को मनवाने के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। अगर ईरान नियमों का पालन नहीं करता है, तो उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध और अन्य प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि सभी देशों को अपने जहाजों की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है। साथ ही, दुनिया के अन्य देशों को निर्देश दिया गया है कि वे रास्ता रोकने या टोल वसूलने में ईरान की किसी भी तरह की मदद न करें। यह मसौदा क्षेत्र में शांति बनाए रखने और आपसी बातचीत को बढ़ावा देने की कोशिशों का भी समर्थन करता है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed