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Pakistan: केन्या में पाक पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या मामले में उठ रहे कई सवाल, संयुक्त राष्ट्र से जांच की मांग
Sat, 29 Oct 2022 08:37 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 29 Oct 2022 08:37 PM IST
सार
पत्रकार शरीफ की रविवार रात केन्या में एक पुलिस चौकी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद देश में कोहराम मच गया। केन्याई पुलिस ने बाद में कहा कि ये एक बच्चे के अपहरण के मामले में इसी तरह की कार की तलाशी के दौरान गलत पहचान का मामला था।
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की केन्या में हत्या के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। इमरान खान से लेकर उनके कई समर्थक इसके लिए पाकिस्तानी सेना को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। इसी बीच, पाकिस्तान की एक प्रमुख मीडिया हस्ती और व्यवसायी सलमान इकबाल ने अरशद शरीफ की हत्या की संयुक्त राष्ट्र से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें वर्तमान पीएमएल-एन सरकार द्वारा की गई जांच में विश्वास नहीं है।
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सलमान इकबाल ने यह आरोप लगाया है कि उन्होंने शरीफ को देश से भागने के लिए कहा और उन्हें केन्या जाने के लिए भी राजी किया था। इकबाल ने शुक्रवार को ट्विटर पर एक बयान जारी किया जब आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर आरोप लगाए और मांग की कि उन्हें जांच के लिए यूएई से वापस लाया जाए।
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इकबाल ने कहा कि अरशद की हत्या की जांच में मुझे शामिल किया जाए। मैं वर्तमान (पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) पीएमएल-एन सरकार द्वारा की जा रही जांच की स्वतंत्रता में विश्वास नहीं करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की देखरेख में एक स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा हूं। साथ ही, ऐसी किसी भी जांच में अपना पूरा सहयोग प्रदान करूंगा, जो कि अरशद शरीफ की हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई का खुलासा करने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे लेकर आए।
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इकबाल ने यह भी बताया कि अरशद को पाकिस्तान में बराबर धमकियां मिल रही थीं। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हम जानते थे कि अरशद शरीफ की जान को खतरा जायज है। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए लिखित रूप में बार-बार अपील की थी। ऐसे में शरीफ को सहायता देने के बजाय, उन्हें देशद्रोह और गिरफ्तारी वारंट के मामलों में निशाना बनाया गया। जिसके कारण वे देश छोड़ने के लिए मजबूर हुए।
गौरतलब है कि पत्रकार शरीफ की रविवार रात केन्या में एक पुलिस चौकी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद देश में कोहराम मच गया। केन्याई पुलिस ने बाद में कहा कि ये एक बच्चे के अपहरण के मामले में इसी तरह की कार की तलाशी के दौरान गलत पहचान का मामला था।