{"_id":"5f5a80ed8ebc3e36bd573316","slug":"un-chief-antonio-guterres-said-that-it-is-very-important-for-big-countries-like-india-and-us-to-reduce-carbon-emissions","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्बन उत्सर्जन करने वाले बड़े देशों को इसे कम करने के लिए दिखानी होगी प्रतिबद्धता : गुटेरस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
कार्बन उत्सर्जन करने वाले बड़े देशों को इसे कम करने के लिए दिखानी होगी प्रतिबद्धता : गुटेरस
Fri, 11 Sep 2020 01:11 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 11 Sep 2020 01:11 AM IST
विज्ञापन
एंतोनियो गुटेरेश (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि अमेरिका, चीन और भारत जैसे देशों के लिए कार्बन तटस्थता और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गैसों का उत्सर्जन कम करना बहुत ही जरूरी है।
विज्ञापन
उन्होंने चेताया कि विश्व में प्रदूषण फैलाने वाले बड़े देशों द्वारा कार्रवाई के लिए ठोस कदम उठाए बिना जलवायु परिवर्तन की दिशा में कोई भी पहल नाकाफी होगी।
विज्ञापन
गुटेरस ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों को कम करना है और तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करना है तो देरी करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि 120 देशों ने 2050 तक कार्बन उत्सर्जन घटाने के प्रस्ताव को स्वीकार किया है और इसे लागू करने के लिए योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन
ऐसे में बड़ा सवाल है कि उत्सर्जन फैलाने वाले बड़े देश क्या कर रहे हैं? अमेरिका, चीन, यूरोपीय संघ, जापान, रूस, भारत सबसे ज्यादा उत्सर्जन कर रहे हैं। इन देशों द्वारा कदम उठाए बिना कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि ज्यादा उत्सर्जन कर रहे देशों को मनाने के लिए वह सरकारों और नागरिक संगठनों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़े देशों द्वारा 2050 तक कार्बन उत्सर्जन में कटौती और 2030 तक उत्सर्जन में 45 प्रतिशत की कटौती को लेकर प्रतिबद्धता दिखाना जरूरी है।