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यूक्रेन संकट: क्या रूस ने फर्जी वीडियो से डोनेत्स्क और लुहांस्क को मान्यता देने का माहौल बनाया?

Thu, 24 Feb 2022 08:42 AM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 24 Feb 2022 08:42 AM IST
सार

यूक्रेन के विश्लेषकों ने कहा है कि इन वीडियो में जो विवरण दिखाया गया है, वह असलियत से मेल नहीं खाता। उधर अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन अपने एक विश्लेषण में दावा किया है कि दोनों वीडियो की शूटिंग किसी एक ही जगह पर की गई थी। उसमें जो स्थान दिख रहे हैं वे एक दूसरे से कुछ ही मीटर की दूर पर हैं...

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Ukraine crisis: Did Russia planted fake videos to recognize Donetsk and Luhansk
खार्किव में घुसे रूसी सैनिक - फोटो : Agency

विस्तार

यूक्रेन के डोनबास इलाके में मौजूद अलगाववादी दो गणराज्यों- डोनेत्स्क और लुहांस्क को कथित तौर पर स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने से पहले इसके हक में माहौल बनाने के लिए रूस ने दो वीडियो क्लिप्स का इस्तेमाल किया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उनमें एक वीडियो में दिखाया गया कि रोस्तोव इलाके में सीमा पर मौजूद एक रूसी चौकी पर दूसरी तरफ से गोलीबारी हो रही है। ये वीडियो अभी चर्चित हुआ ही था कि टेलीग्राम एप पर एक दूसरा वीडियो भी वायरल होने लगा। उसमें दिखाया गया कि उसी क्षेत्र में यूक्रेन से कुछ लोग रूस की सीमा के अंदर घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।

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इन वीडियो के आने के बाद रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने कहा कि यूक्रेन की दो बख्तरबंद गाड़ियों को रोस्तोव क्षेत्र में रूसी सीमा का उल्लंघन करते हुए देखा गया है। उसके बाद रूस के दक्षिणी सैन्य जिला कमांड ने बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे पांच लोग मारे गए हैं।
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राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में हुआ फैसला

बताया जाता है कि इन खबरों के बाद ही रूस के राष्ट्रपति ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई। बैठक में मौजूद विशेषज्ञों ने उन्होंने संभावित कदमों के बारे में सलाह मांगी। बैठक एफएसबी के निदेशक एलेक्जेंडर बोर्तिकोव ने रूसी सीमा के अंदर दूसरी तरफ से आए गोलों को गिरने की सूचना दी। उन्होंने कहा कि दो यूक्रेनी सैनिक समूह लुहांस्क और दोनेत्स्क क्षेत्र में रूस की लगी सीमा के पास पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से उस क्षेत्र में स्थिति बिगड़ रही है। बताया जाता है कि इसी आकलन के आधार पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लुहांस्क और दोनेत्स्क को मान्यता देने का फैसला कर लिया।

दोनों वीडियो के सच होने को लेकर उठे सवाल

लेकिन अब यूक्रेन और अन्य पश्चिमी देशों में सामने आए दोनों वीडियो के सच होने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। यूक्रेन के विश्लेषकों ने कहा है कि इन वीडियो में जो विवरण दिखाया गया है, वह असलियत से मेल नहीं खाता। उधर अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन अपने एक विश्लेषण में दावा किया है कि दोनों वीडियो की शूटिंग किसी एक ही जगह पर की गई थी। उसमें जो स्थान दिख रहे हैं वे एक दूसरे से कुछ ही मीटर की दूर पर हैं। सीएनएन ने कहा है कि जिस स्थान पर शूटिंग हुई, वह दोनेत्स्क और रूस की सीमा पर मौजूद है। यह उस इलाके से बहुत दूर है, जहां असल में यूक्रेन के सैनिक तैनात हैं।



अमेरिकी रक्षा खुफिया संस्थान जेन्स के विश्लेषकों ने अमेरिकी मीडिया से कहा है कि जो वाहन एक वीडियो में दिख रहा है, अधिक संभावना यह है कि वह अपग्रेड किया गया रूसी वाहन हो। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि निश्चित रूप से यह नहीं जा सकता कि वह यूक्रेन सेना का वाहन नहीं है।

एक वीडियो में यूक्रेन के एक अधिकारी को देखा गया। लेकिन उस अधिकारी ने सीएनएन से बातचीत में उस फुटेज को ‘बॉलीवुड’ कहा। उसने कहा कि ये वीडियो रूस की ‘फेक फैक्टरी’ में तैयार किया गया है।

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