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Ukrain Crisis: युद्ध की भविष्यवाणी को लेकर सीआईए की साख पर उठ रहे हैं सवाल, जानें क्या है मामला

Fri, 18 Feb 2022 06:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, ब्रसेल्स
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, ब्रसेल्स Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 18 Feb 2022 06:25 PM IST
सार

पश्चिमी देशों का कहना है कि रूस अब भी यूक्रेन पर हमला करने के इरादे पर कायम है। अब वह कभी भी हमले की शुरुआत कर सकता है।

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Ukrain Russia Crisis CIA NATO USA Questions are being raised on the credibility of the CIA regarding the prediction of war
सांकेतिक फोटो। - फोटो : self

विस्तार

अमेरिका और उसके नेतृत्व वाले सैनिक गठबंधन नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) की तरफ से अब ये आरोप लगाया जा रहा है कि इस हफ्ते रूस ने यूक्रेन से लगी अपनी सीमा से फौज हटाने की खबर पश्चिमी देशों को भ्रमित करने के लिए फैलाई थी। पश्चिमी देशों का कहना है कि रूस अब भी यूक्रेन पर हमला करने के इरादे पर कायम है। अब वह कभी भी हमले की शुरुआत कर सकता है। इसी बीच खबर है कि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सीधी बातचीत के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन का न्योता स्वीकार कर लिया है। लेकिन अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि ये मुलाकात तभी होगी, अगर तब तक रूस ने यूक्रेन पर हमला नहीं किया।

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रूस लगातार खंडन कर रहा है कि वह यूक्रेन पर हमला करने वाला है। लेकिन पश्चिमी देशों को उसकी बात पर भरोसा नहीं है। अमेरिका इस महीने के आरंभ से अपनी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (सीआईए) के हवाले से कह रहा है कि रूस ने हमले की पूरी तैयारी कर रखी है। पहले अमेरिका ने यह भी कहा था कि ये हमला 16 फरवरी को होगा। उसके पहले सीआईए के हवाले से कहा गया था कि बीजिंग में जारी विंटर ओलंपिक खेलों के खत्म होने के पहले हमला होगा। ये खेल 20 फरवरी को खत्म होने वाले हैं।
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इस बीच 16 फरवरी को रूसी हमला ना होने के बाद कई हलकों से सीआईए के आकलन पर सवाल उठाए गए हैं। कुछ टिप्पणियों में उसका मजाक भी उड़ाया गया है। जिन लोगों ने सीआईए की साख पर सवाल उठाए हैं, उनमें चेक रिपब्लिक के राष्ट्रपति मिलोस जिमान भी हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि गलत भविष्यवाणियां करने का सीआईए का पुराना रिकॉर्ड रहा है। चेक अखबार एमएफ डीनेस को दिए एक इंटरव्यू में जिमान ने कहा- ‘पहले इराक में सीआईए की बात गलत सबित हुई। वहां व्यापक विनाश के कोई हथियार नहीं मिले। फिर उन्होंने अफगानिस्तान के बारे में दावा किया कि तालिबान कभी काबुल पर कब्जा नहीं कर पाएगा। और अब उनकी तीसरी बात भी गलत साबित हुई है।’
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गौरतलब है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेन्स्की भी सीआईए के आकलन पर संदेह जताते रहे हैं। वे 16 फरवरी को छुट्टी मनाने चले गए, जबकि सीआईए के आकलन के मुताबिक उसी रोज हमला होना था।


इस मामले में चीन के सरकारी मीडिया ने भी चुटकी ली है। वहां सरकार समर्थक अखबार द ग्लोबल टाइम्स ने गुरुवार को एक टिप्पणी में लिखा- ‘अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने गणना की थी कि बुधवार, 16 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला करने की योजना बनाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस बारे में यूरोपियन यूनियन और नाटो को आधिकारिक सूचना दी थी। लेकिन असल में जो हुआ, वह अमेरिका के मचाए गए शोर से उलट है। तय तारीख के एक दिन पहले ही रूस ने रूस-यूक्रेन सीमा से सेना लौटाने का एलान कर दिया। इस तरह यूक्रेन युद्ध संकट का जो गुब्बारा अमेरिका और पश्चिमी देशों ने फुलाया था, आखिरकार वह फट गया।’

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