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UK: ब्रेवरमैन ने अवैध शरण मामलों के लिए देश की चर्चों को ठहराया जिम्मेदार, कहा- हमें इसे रोकना होगा

Sun, 04 Feb 2024 11:17 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 04 Feb 2024 11:17 PM IST
सार

UK: ब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने आरोप लगाया है कि देश के चर्च शरण चाहने वाले लोगों का गलत ढंग से समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इसे रोकना होगा। 

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UK's Suella Braverman attacks churches behind bogus asylum cases
सुएला ब्रेवरमैन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन अक्सर अपने बयानों से चर्चाओं में रहती हैं। अब उन्होंने देश के कई चर्च पर आरोप लगाया है कि वे शरण चाहने वाले लोगों का गलत तरीके से समर्थन करते हैं। 

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दरअसल, भारतीय मूल की कंजर्वेटिव नेता ने 'टेलीग्राफ' में एक लेख लिखा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि कई चर्च गैर-इसाइयों को अवैध तरीके से प्रमाणित करके 'फर्जी' शरण दावों की सुविधा प्रदान करते हैं। लेख में उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बात से भी नाखुश हैं कि ब्रेग्जिट के बाद संप्रभुत्ता की बहाली के बावजूद ब्रिटेन अपनी सीमाओं पर नियंत्रण हासिल करने से बहुत दूर है। 
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इसमें उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी चर्च को निशाना बनाते हैं। चर्च ही इस बात को प्रमाणित करते हैं कि शरण चाहने वाले लोग अगर अपने इस्लामी मूल देश में वापस लौटेंगे तो उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, गृह मंत्रालय में रहते हुए मुझे देशभर की उन चर्च के बारे में पता चला, जो बड़े पैमाने पर फर्जी शरण दावों की सुविधा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, हमें इसे रोकना होगा। 
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ब्रेवरमैन ने कहा, कई शरण चाहने वाले असली भी हैं। यह सही है कि जब उचित कारण हो तो हम मदद की पेशकश करते हैं। लेकिन, बहुत से लोग फर्जी हैं और हमारे खिलाफ हमारे ही कानूनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 


पूर्व मंत्री ने जोर देकर कहा कि उनका इरादा विदेश में बेहतर ढंग से जीने की चाह रखने वाले लोगों को खलनायक के रूप में पेश करना नहीं है। उन्होंने कहा, मेरे माता-पिता की भी वही इच्छा थी, जब वे 1960 के दशक में केन्या और मॉरीशस से कानूनी तरीके से ब्रिटेन आए थे। लोग यहां कानूनी तरीके से आ सकते हैं। लेकिन, हम जिस अवैध आव्रजन के बारे में बात कर रहे हैं, वह छल, आपराधिकता और व्यवस्था का खेल है। 

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