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UK PM Liz Truss: लिज ट्रस के सामने बड़ा सवाल, कर्ज के बढ़ते बोझ के बीच कैसे देंगी टैक्स छूट?

Tue, 06 Sep 2022 05:17 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 06 Sep 2022 05:17 PM IST
सार

UK PM Liz Truss: अर्थशास्त्रियों के मुताबिक विकसित देशों के बीच ब्रिटेन पर चढ़ा कर्ज अभी भी जापान और अमेरिका से कम है। जापान में कर्ज इस समय 263 फीसदी है, जबकि अमेरिका में जीडीपी की तुलना में ये मात्रा सवा सौ फीसदी तक पहुंच चुकी है...

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UK PM Liz Truss: economy could trouble during Liz tenure as prime minister
UK PM Liz Truss - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

प्रधानमंत्री के रूप में लिज ट्रस के कार्यकाल में ब्रिटेन की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों को अंदेशा है कि लिज ट्रस के प्रधानमंत्री बनने पर सरकार पर कर्ज के बोझ की स्थिति और खराब होगी। ट्रस ने टैक्स में भारी छूट देने का वादा किया है। साथ ही उन्होंने ऊर्जा संकट से जूझ रहे लोगों को अधिक राहत पहुंचाने का वादा भी किया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कर्ज पर काबू पाने में सरकारों की नाकामी के कारण निवेशकों का भरोसा टूट रहा है। उनके मुताबिक अगर अगली सरकार ने कर्ज और बढ़ाने वाली नीतियां अपनाईँ, तो ब्रिटेन लंबी मंदी के दौर में फंस सकता है।

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ब्रिटेन पहले ही अब उन देशों में शामिल हो चुका है, जिन पर उनके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बराबर कर्ज चढ़ गया है। बीते छह दशक में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, जब ब्रिटेन में जीडीपी और कर्ज अनुपात 100 फीसदी हुआ हो। इसे ब्रिटेन की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का एक और संकेत माना जा रहा है। कोरोना महामारी और यूक्रेन युद्ध के बाद से गहराते गए ऊर्जा संकट के बीच ब्रिटिश सरकार को बाजार से अधिक कर्ज लेना पड़ा है।

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कोरोना महामारी आने के बाद ब्रिटिश सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए अधिक कर्ज लेना शुरू किया था। महामारी के पहले जीडीपी- कर्ज अनुपात 83 फीसदी था, जो महामारी के तुरंत बाद 94 फीसदी तक पहुंच गया। अब सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 2021 के अंत तक यह अनुपात 104 फीसदी हो चुका था। लेकिन उसके बाद ये आंकड़ा 100 फीसदी से नीचे आ गया। अब फिर से इसके 100 प्रतिशत से अधिक हो जाने का अनुमान लगाया गया है।

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अर्थशास्त्रियों के मुताबिक विकसित देशों के बीच ब्रिटेन पर चढ़ा कर्ज अभी भी जापान और अमेरिका से कम है। जापान में कर्ज इस समय 263 फीसदी है, जबकि अमेरिका में जीडीपी की तुलना में ये मात्रा सवा सौ फीसदी तक पहुंच चुकी है। लेकिन जापान के बारे में अच्छी बात यह है कि वहां कर्ज का ज्यादातर हिस्सा घरेलू स्रोतों से लिया गया है। अमेरिका पर मौजूद कर्ज की मात्रा में पिछले दो साल में तेजी से इजाफा हुआ है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े आर्थिक विशेषज्ञ पॉल डेल्स ने अखबार द गार्जियन को बताया- अगर चार से पांच साल में ब्रिटेन पर उसकी जीडीपी की तुलना में 100 फीसदी से भी ज्यादा बने रहना सामान्य बात हो जाएगा। पिछले दस साल में सरकारों ने कर्ज की मात्रा घटाने की कोशिशें की। लेकिन कोरोना महामारी ने उनकी कोशिशों पर पानी फेर दिया। अब देश गहरे ऊर्जा संकट में है, जिसके बीच लोगों को राहत पहुंचाने पर सरकार को अपने खजाने से खर्च करना पड़ रहा है।

द गार्जियन के मुताबिक हाल में लगभग सभी विकसित देशों में सरकारों पर कर्ज बढ़ा है। जिन देशों में अनुपात 100 फीसदी से ऊपर हो चुका है, उनमें फ्रांस, बेल्जियम, स्पेन, पुर्तगाल, ग्रीस, इटली और कनाडा भी शामिल हैं। फ्रांस में जीडीपी की तुलना में कर्ज का अनुपात 114 फीसदी है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वीकार किया है कि 2016 में उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से सरकार ने अधिक मात्रा में कर्ज लिया है। लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस रकम का निवेश कौशल विकास, निवेश पर टैक्स छूट देने और महामारी के दौरान परिवारों को मदद पहुंचाने में किया।

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