{"_id":"5ec1d9403329761dbf720c6b","slug":"uk-media-watchdog-fines-zakir-naik-s-peace-tv-300-000-pounds-for-hate-speech","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाकिर नाईक के पीस टीवी पर ब्रिटेन में तीन लाख पाउंड का जुर्माना","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
जाकिर नाईक के पीस टीवी पर ब्रिटेन में तीन लाख पाउंड का जुर्माना
Mon, 18 May 2020 06:09 AM IST
Rajeev Rai
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Mon, 18 May 2020 06:09 AM IST
सार
नफरत फैलाने और आपत्तिजनक सामग्रियों के प्रसारण का आरोप
विज्ञापन
zakir naik
विस्तार
इस्लामी धर्म प्रचारक जाकिर नाईक के पीस टीवी नेटवर्क पर नफरत फैलाने और भड़काऊ सामग्री के प्रसारण के कारण ब्रिटेन में 3,00,000 पाउंड (2.77 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना ब्रिटेन के मीडिया वाचडॉग ऑफकॉम ने लगाया है। लंदन स्थित सूचना प्रसारण सेवा नियामक ने नियम का उल्लंघन करने को लेकर लाइसेंसधारी पीस टीवी उर्दू पर 2,00,000 पाउंड और पीस टीवी पर 1,00,000 पाउंड का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
नियामक ने कहा है कि उसे जांच में पता चला कि पीस टीवी उर्दू और पीस टीवी पर नफरत फैलाने वाली और आपत्तिजनक सामग्रियों का प्रसारण किया गया। कई बार तो इससे दंगा तक भड़कने की आशंका रहती है। पीस टीवी का स्वामित्व लॉर्ड प्रोडक्शन के पास है और क्लब टीवी के पास पीस टीवी उर्दू का लाइसेंस है। दोनों चैनलों का स्वामित्व 54 वर्षीय जाकिर नाईक के पास है। बताया जाता है कि पीस टीवी गैरलाभकारी सेटेलाइट टीवी नेटवर्क ‘फ्री टू एयर’ है और इसका प्रसारण दुबई से अंग्रेजी, बांग्ला और उर्दू में किया जाता है। नाईक इसका संस्थापक है।
विज्ञापन
भारत ने मलयेशिया से नाईक को सौंपने का किया आग्रह
विवादास्पद धर्म प्रचारक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारत का वांछित अपराधी है। नाईक अपने भाषणों से चरमपंथी विचारों को बढ़ावा देता है। वह 2016 में भारत से भाग कर मलयेशिया पहुंच गया था, जहां उसे स्थायी नागरिकता मिल गई। पिछले हफ्ते भारत ने मलयेशिया की सरकार से जाकिर नाईक को भारत प्रत्यर्पित करने का औपचारिक आग्रह किया था। नाईक के ब्रिटेन में प्रवेश पर भी 2010 से रोक लगी है।
विज्ञापन