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UK Visa: वीजा नीति पर ब्रिटेन सख्त, किए कई बदलाव; समझिए नए नियमों से भारतीय छात्रों-कामगारों पर कैसा होगा असर?

Tue, 14 Oct 2025 08:07 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 14 Oct 2025 08:07 PM IST
सार

ब्रिटेन सरकार ने वीजा नियमों को कड़ा करते हुए विदेशी छात्रों और पेशेवरों के लिए नई शर्तें लागू की हैं। अब अंग्रेजी में बेहतर स्तर साबित करना होगा, वित्तीय योग्यता बढ़ाई गई है और पढ़ाई के बाद नौकरी खोजने का समय भी घटाया गया है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि इन बदलावों से भारतीय छात्रों और कामगारों की योजना पर क्या प्रभाव पड़ेगा? आइए जानते है।

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ब्रिटेन का वीजा (एआई से बनाई गई तस्वीर) - फोटो : Google Gemini

विस्तार

ब्रिटेन सरकार ने आव्रजन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशियों के लिए वीजा नियमों को सख्त करने का एलान किया है। ब्रिटेन की संसद में पेश किए गए इन नियमों के तहत अब स्किल्ड वर्क वीजा के लिए आवेदन करने वालों को ए-लेवल (कक्षा 12) के बराबर अंग्रेजी (बी2 स्तर) बोलने, पढ़ने, लिखने और समझने की क्षमता साबित करनी होगी। यह 'सिक्योर इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट' जनवरी 8, 2026 से लागू होगा। बता दें कि ब्रिटेन सरकार द्वारा किए गए ये बदलाव विशेष रूप से भारतीय छात्रों और कामकाज करने वाले दुनियाभर के लोगों को प्रभावित करेंगे। 

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वीजा को लेकर इन बदलावों की जानकारी देते हुए गृह सचिव शबाना महमूद ने कहा कि अगर आप ब्रिटेन आना चाहते हैं, तो आपको हमारी भाषा सीखनी होगी और समाज में योगदान देना होगा। यह नियम इमिग्रेशन व्हाइट पेपर का हिस्सा है, जो अप्रवासन नियंत्रण को सख्त करने के लिए लाया गया है।
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भारतीय छात्रों के लिए क्या बदला?
बात अगर भारतीय छात्रों के लिए हुए बदलावों की करें तो ब्रिटेन में पढ़ाई पूरी करने के बाद 'ग्रेजुएट रूट वीजा' के तहत नौकरी खोजने की मौजूदा 2 साल की अवधि को घटाकर 18 महीने कर दिया गया है। यह नियम एक जनवरी 2027 से लागू होगा। हालांकि, पीएचडी पास छात्रों को तीन साल की अनुमति पहले की तरह मिलती रहेगी। ब्रिटेन सरकार का कहना है कि यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि बहुत से छात्र ग्रेजुएट लेवल की नौकरियों में नहीं जा पा रहे थे, जिससे उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा था।
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वीजा के लिए वित्तीय शर्तें भी बढ़ीं, समझिए क्या हुए अहम बदलाव
अब ये समझना होगा कि ब्रिटेन के लिए मिलने वाले वीजा में क्या और कितना वित्तीय बदलाव हुए है। ध्यान रहे कि ब्रिटेन में पढ़ाई या काम करने के लिए अब विदेशी नागरिकों को पहले से ज्यादा पैसे दिखाने होंगे, ताकि यह साबित हो सके कि वे अपना खर्च खुद उठा सकते हैं। छात्रों के लिए लागू किए नए नियम कि तहत 2025-26 सेशन से ब्रिटेन में पढ़ने वाले छात्रों को यह दिखाना होगा कि उनके पास रहने और खाने-पीने के लिए पर्याप्त पैसे हैं।

इसके तहत लंदन में पढ़ने वाले छात्रों को हर महीने £1,529 (करीब ₹1.80 लाख) दिखाना होगा। पहले यह रकम £1,483 ( करीब174000 रुपये) थी। इसके अलावा लंदन के बाहर पढ़ने वाले छात्रों को अब £1,171 (लगभग 138000 रुपये) प्रति माह दिखाना होगा। पहले यह £1,136 (लगभग 133000 रुपये) था। इसका मतलब है कि वीजा मिलने से पहले आपको यह साबित करना होगा कि आप आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं।

कंपनियों पर भी बढ़ा अतरिक्त बोझ
हालांकि ये बदलाव केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। इसका असर कंपनियों पर भी अच्छा-खासा पड़ेगा। जो कंपनियां विदेशी कर्मचारी को नौकरी पर रखती हैं, उन्हें अब ज्यादा पैसे देने होंगे। इसके तहत छोटी या चैरिटी संस्थाओं को अब £480 (लगभग 56,633 रुपये) एक व्यक्ति पर प्रति साल टैक्स देना होगा। पहले यह लगभग 42000 रुपये था। वहीं बड़ी कंपनियों को £1,320 (लगभग 155000 रुपये) प्रति व्यक्ति, प्रति साल देना होगा। पहले यह £1,000 (लगभग 117000 रुपये) के आसपास था। 

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उच्च योग्यता वाले विदेशी छात्रों के लिए अवसर
हालांकि ये भी नहीं है कि इन बदलावों से केवल नकारात्मक प्रभाव ही पड़ेगा। देखा जाए तो ब्रिटेन सरकार के इन नियमों के बाद हाई पोटेंशियल इंडिविजुअल (एचपीआई) वीजा के तहत अब 8,000 स्थानों की सीमा तय की गई है और इसमें शामिल विश्वविद्यालयों की संख्या भी दोगुनी की जाएगी। इससे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के छात्रों को ब्रिटेन में करियर बनाने का मौका मिलेगा।

 

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