ब्रिटेन की अदालत ने सट्टेबाज चावला के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी, साल 2000 में की थी मैच फिक्सिंग
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ब्रिटेन की एक अदालत ने वर्ष 2000 में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए की संलिप्तता वाले मैच फिक्सिंग मामले में मुख्य आरोपी कथित सट्टेबाज संजीव चावला के प्रत्यर्पण को सोमवार को मंजूरी दे दी।
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा 50 वर्षीय चावला के प्रत्यर्पण की अनुमति के बाद औपचारिक प्रत्यर्पण आदेश के लिए मामला अब गृह मंत्री साजिद जाविद के पास जाएगा।
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक दिल्ली में जन्मा कारोबारी चावला 1996 में कारोबारी वीजा पर ब्रिटेन जाकर बस गया और भारत आता-जाता रहता था।
मालूम हो कि वर्ष 2000 में अपना भारतीय पासपोर्ट रद्द होने के बाद चावला ने 2005 में ब्रिटिश पासपोर्ट हासिल कर लिया और अब वह ब्रिटिश नागरिक है।
ब्रिटिश हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था निचली अदालत का फैसला
नवंबर में ब्रिटिश हाईकोर्ट ने चावला को भारत प्रत्यर्पित करने के खिलाफ निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और डिस्ट्रिक्ट जज को उसके खिलाफ प्रत्यर्पण कार्यवाही फिर शुरू करने का निर्देश दिया। नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में कारागार की सुरक्षा स्थिति पर भारत सरकार के आश्वासन को मानने के बाद ये निर्देश दिया गया।
चावला 2017 में खुद को भारत प्रत्यर्पित किये जाने के खिलाफ मामला जीत गया था। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में मामले में उससे पूछताछ जरूरी है, लेकिन तिहाड़ जेल में रखे जाने के दौरान उसके मानवाधिकार के संबंध में कोई गारंटी नहीं दी गई।
चावला के प्रत्यर्पण के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को खारिज करते हुए अपने फैसले में हाई कोर्ट ने कहा कि वह तिहाड़ जेल में कारागार की सुरक्षा की स्थिति के संबंध में दिए गए आश्वासन पर भरोसा करता है।
अदालत के फैसले में कहा गया कि फरवरी-मार्च 2000 में क्रोनिए की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी टीम के भारत दौरे के दौरान क्रिकेट मैच फिक्स करने में प्रारंभिक नजर में चावला की भूमिका लगती है।