फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UAE arrested several individuals sharing fake videos AI clips related to Iran conflict West Asia crisis

West Asia Crisis: ईरान युद्ध के बीच फर्जी एआई वीडियो से प्रोपेगैंडा फैलाने का आरोप, यूएई में 10 गिरफ्तार

Sun, 15 Mar 2026 07:23 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: अमन तिवारी Updated Sun, 15 Mar 2026 07:23 AM IST
सार

यूएई ने सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो फैलाने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने एआई की मदद से धमाकों और हमलों के झूठे वीडियो बनाकर लोगों को डराने की कोशिश की।

विज्ञापन
UAE arrested several individuals sharing fake videos AI clips related to Iran conflict West Asia crisis
Anuj Crime - फोटो : istock

विस्तार

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यूएई में ईरान युद्ध को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किए गए हैं। इसके साथ ही इन लोगों के खिलाफ त्वरित सुनवाई के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


सरकारी समाचार एजेंसी वाम के अनुसार यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें लोगों को गुमराह करने वाली सामग्री साझा की गई। आरोपियों की राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया गया है।
विज्ञापन


जांच में पाया गया कि कुछ वीडियो में वास्तविक फुटेज का इस्तेमाल करते हुए उन्हें गलत संदर्भ में पेश किया गया। वहीं, कई क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किए गए थे। इनमें विस्फोट, प्रमुख इमारतों पर हमले या यूएई के अलग-अलग इलाकों में बड़े पैमाने पर आग लगने जैसे दृश्य दिखाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Israel Iran War: ईरान में सत्ता परिवर्तन की उम्मीदें धूमिल, इस्राइली PM नेतन्याहू के सामने नई राजनीतिक चुनौती

अटॉर्नी जनरल के अनुसार, कुछ वीडियो में बच्चों की भावनाओं का इस्तेमाल करते हुए सुरक्षा खतरे का झूठा संकेत दिया गया। वहीं, अन्य क्लिप में विदेशी घटनाओं को यूएई से जोड़कर दिखाया गया। उनका कहना है कि ऐसे प्रयासों का उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना और डर का माहौल पैदा करना था।


अभियोजन पक्ष ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के अपराधों के लिए कम से कम एक वर्ष की जेल और 1 लाख दिरहम से कम नहीं जुर्माने का प्रावधान है।

अटॉर्नी जनरल ने साफ चेतावनी दी है कि साइबर स्पेस या नई तकनीक का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं होगा। देश की सुरक्षा और शांति से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे रक्षा प्रणालियों से जुड़े वीडियो या ऐसी कोई भी जानकारी शेयर न करें जिससे समाज में डर पैदा हो।


अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed