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भारत, अमेरिका के बीच ‘टू प्लस टू’ वार्ता में कश्मीर पर होगी चर्चा, अमेरिकी मंत्री ने दी जानकारी

Thu, 12 Dec 2019 12:41 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 12 Dec 2019 12:41 PM IST
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Two plus Two talks between India and US, Kashmir to be discussed, says minister Alice Wells
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अमेरिका की एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि अगले सप्ताह भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ‘टू प्लस टू’ वार्ता में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाएगी लेकिन कश्मीर से संबंधित मुद्दों पर बात होगी।

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दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी. वेल्स ने पूर्व राष्ट्रपति ड्वाइट डेविड आइजनहावर की भारत की ऐतिहासिक यात्रा की 60वीं वर्षगांठ पर बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि अगले सप्ताह हो रही ‘टू प्लस टू’ वार्ता में मानवाधिकारों पर चर्चा नहीं की जाएगी। हालांकि मुझे भरोसा है कि कश्मीर के मुद्दे और भारत के समक्ष पेश आ रहे खतरे निश्चित तौर पर एजेंडे का हिस्सा होंगे।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अमेरिका के अपने समकक्षों विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर के साथ 18 दिसंबर को दूसरे दौर की ‘टू प्लस टू’ वार्ता करने के लिए अगले सप्ताह यहां आएंगे। ‘टू प्लस टू’ भारत-अमेरिका वार्ता पहली बार पिछले साल सितंबर में नई दिल्ली में हुई थी।
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वेल्स ने कहा कि कश्मीर की स्थिति पर अमेरिका करीबी नजर रख रहा है और वह भारत सरकार से उम्मीद करता है कि वह हिरासत में लिए लोगों को रिहा करने तथा राजनीतिक एवं आर्थिक हालात सामान्य बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाएगी जिससे स्थानीय तनाव कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि सीमा पार सक्रिय आतंकवादी समूहों के कारण भारत को गंभीर सुरक्षा स्थिति का सामना करना पड़ता है लेकिन कश्मीरी लोग भारतीय संविधान के तहत पूर्ण अधिकारों के हकदार हैं और संविधान में सभी भारतीयों की धार्मिक आजादी के लिए सम्मान का प्रावधान है।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाकर उसे एक केंद्रशासित प्रदेश बनाने की घोषणा की थी।

पाकिस्तान ने इस पर कड़ा विरोध जाहिर करते हुए, द्विपक्षीय संबंधों को कमतर कर भारतीय दूत को निष्कासित कर दिया था। वहीं भारत लगातार यह कहता रहा है कि यह स्पष्ट रूप से उसका आंतरिक मामला है। वेल्स ने साथ ही कहा कि अमेरिकी संसद कश्मीर और विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लेकर चिंतित है।

सीमा पार आतंकी खतरनाक

अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि सीमा पार सक्रिय आतंकी समूहों के कारण भारत को गंभीर सुरक्षा स्थिति का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत की समस्या को अमेरिका भलीभांति समझता है। लेकिन अमेरिकी सांसद कश्मीर व नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर चिंतित हैं।

वार्ता का मकसद ठोस नतीजा निकले
वेल्स ने कहा, भारत-अमेरिका में टू प्लस टू वार्ता का मकसद है कि रणनीतिक तौर पर कुछ ठोस नतीजा निकले। यह व्यापक बदलाव लाने वाला साबित होगा। दोनों देश लगातार रक्षा समझौतों को लागू करने की दिशा में काम करते रहेंगे। उदाहरण के तौर पर औद्योगिक सुरक्षा समझौता अब हमारे निजी क्षेत्रों के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास की दिशा में एक नई राह खोलने वाला साबित होगा। हालांकि, इस समझौते पर अभी दस्तखत किया जाना बाकी है और यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

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