{"_id":"68368ec703692362770fffa8","slug":"two-indian-peacekeepers-to-be-honoured-posthumously-peacekeepers-day-by-un-for-sacrifice-in-line-of-duty-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"UN: दो भारतीय शांति रक्षकों को संयुक्त राष्ट्र मरणोपरांत करेगा सम्मानित, मिशन के दौरान दिया सर्वोच्च बलिदान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UN: दो भारतीय शांति रक्षकों को संयुक्त राष्ट्र मरणोपरांत करेगा सम्मानित, मिशन के दौरान दिया सर्वोच्च बलिदान
Wed, 28 May 2025 10:09 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 28 May 2025 10:09 AM IST
सार
29 मई को होने वाले सम्मान समारोह में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनिया गुटेरेस 1948 से अब तक संयुक्त राष्ट्र मिशन में बलिदान हुए 4,400 शांति रक्षकों की याद में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। सम्मान समारोह में कुल 57 सैन्य, पुलिस और सामान्य नागरिक शांति रक्षकों को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र सैनिक
- फोटो : एक्स/UNMISS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र दो भारतीय शांतिरक्षकों को मरणोपरांत सम्मानित करेगा। दोनों भारतीय शांतिरक्षक अपने कर्तव्य को निभाने के दौरान बलिदान हो गए थे। यह सम्मान समारोह 29 मई को अंतरराष्ट्री शांति रक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। जिन दो भारतीय शांतिरक्षकों को सम्मानित किया जाएगा, उनमें ब्रिगेडियर जनरल अमिताभ झा और हवलदार संजय सिंह शामिल हैं।
इन दो भारतीय सैनिकों को मरणोपरांत किया जाएगा सम्मानित
ब्रिगेडियर जनरल अमिताभ झा, यूएन डिसइंगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स और हवलदार संजय सिंह यूएन स्टैबलाइजेशन मिशन, कांगो में तैनात थे। दोनों को मरणोपरांत डैग हैमर्सजोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। भारत संयुक्त राष्ट्र शाति सेना में चौथा सबसे ज्यादा योगदान करने वाला देश है। फिलहाल विभिन्न यूएन शांति रक्षक अभियानों में भारत के 5300 सैन्य और पुलिस जवान तैनात हैं। ये सैनिक अबेई, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन ऑफ कांगो, लेबनान, सोमालिया, साउथ सूडान और वेस्टर्न सहारा जैसे देशों में तैनात हैं।
29 मई को होने वाले सम्मान समारोह में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनिया गुटेरेस 1948 से अब तक संयुक्त राष्ट्र मिशन में बलिदान हुए 4,400 शांति रक्षकों की याद में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। सम्मान समारोह में कुल 57 सैन्य, पुलिस और सामान्य नागरिक शांति रक्षकों को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। ये 57 शांति सैनिक बीते साल विभिन्न यूएन मिशन में बलिदान हुए। बीते साल भारतीय सेना की मेजर राधिका सेन को '2023 यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड' से सम्मानित किया गया था। 2024 का मिलिट्री जेंडर एडवोकेट सम्मान घाना के स्क्वाड्रन लीडर शैरोन मिनसोटे और यूएन की महिला पुलिस अधिकारी सिएरा लिओन की सुपरीटेंडेंट जैनब गबला को दिया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Students Visa: ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर छात्रों के वीजा साक्षात्कार क्यों रोके, भारत पर क्या असर? जानें सबकुछ
साल 1948 से शांति सेना विभिन्न संघर्ष जोन्स में तैनात
अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक दिवस की शुरुआत साल 2002 में की गई थी। यह दिन शांति मिशन के दौरान सेवा करने वाले सैनिकों के सम्मान में मनाया जाता है। साल 1948 में पहली बार पश्चिम एशिया में इस्राइल और अरब देशों के बीच हुए युद्ध में शांति सैनिकों की तैनाती की गई थी। उसके बाद से दुनियाभर में करीब 20 लाख शांति सैनिक 71 ऑपरेशन में सेवाएं दे चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में 68 हजार महिला और पुरुष सैनिक हैं, जो अफ्रीका, एशिया, यूरोप और पश्चिम एशिया में 11 संघर्ष जोन्स में तैनात हैं। फिलहाल दुनिया के 119 देशों के सैनिक संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
इन दो भारतीय सैनिकों को मरणोपरांत किया जाएगा सम्मानित
ब्रिगेडियर जनरल अमिताभ झा, यूएन डिसइंगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स और हवलदार संजय सिंह यूएन स्टैबलाइजेशन मिशन, कांगो में तैनात थे। दोनों को मरणोपरांत डैग हैमर्सजोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। भारत संयुक्त राष्ट्र शाति सेना में चौथा सबसे ज्यादा योगदान करने वाला देश है। फिलहाल विभिन्न यूएन शांति रक्षक अभियानों में भारत के 5300 सैन्य और पुलिस जवान तैनात हैं। ये सैनिक अबेई, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन ऑफ कांगो, लेबनान, सोमालिया, साउथ सूडान और वेस्टर्न सहारा जैसे देशों में तैनात हैं।
विज्ञापन
29 मई को होने वाले सम्मान समारोह में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनिया गुटेरेस 1948 से अब तक संयुक्त राष्ट्र मिशन में बलिदान हुए 4,400 शांति रक्षकों की याद में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। सम्मान समारोह में कुल 57 सैन्य, पुलिस और सामान्य नागरिक शांति रक्षकों को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। ये 57 शांति सैनिक बीते साल विभिन्न यूएन मिशन में बलिदान हुए। बीते साल भारतीय सेना की मेजर राधिका सेन को '2023 यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड' से सम्मानित किया गया था। 2024 का मिलिट्री जेंडर एडवोकेट सम्मान घाना के स्क्वाड्रन लीडर शैरोन मिनसोटे और यूएन की महिला पुलिस अधिकारी सिएरा लिओन की सुपरीटेंडेंट जैनब गबला को दिया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Students Visa: ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर छात्रों के वीजा साक्षात्कार क्यों रोके, भारत पर क्या असर? जानें सबकुछ
साल 1948 से शांति सेना विभिन्न संघर्ष जोन्स में तैनात
अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक दिवस की शुरुआत साल 2002 में की गई थी। यह दिन शांति मिशन के दौरान सेवा करने वाले सैनिकों के सम्मान में मनाया जाता है। साल 1948 में पहली बार पश्चिम एशिया में इस्राइल और अरब देशों के बीच हुए युद्ध में शांति सैनिकों की तैनाती की गई थी। उसके बाद से दुनियाभर में करीब 20 लाख शांति सैनिक 71 ऑपरेशन में सेवाएं दे चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में 68 हजार महिला और पुरुष सैनिक हैं, जो अफ्रीका, एशिया, यूरोप और पश्चिम एशिया में 11 संघर्ष जोन्स में तैनात हैं। फिलहाल दुनिया के 119 देशों के सैनिक संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में सेवाएं दे रहे हैं।