Putin in Turkey: पुतिन पहुंचे तुर्की, लेकिन एर्दोगन ने कराया इंतजार तो बेचैन नजर आए, वीडियो वायरल
पुतिन उस कमरे में दाखिल हुए जहां दोनों नेताओं के बीच बैठक होने वाली थी, लेकिन उनका अभिवादन करने के लिए कोई भी मौजूद नहीं था।
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विस्तार
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तुर्की पहुंचे तो उनके साथ जो हुआ उसकी कल्पना उन्होंने कभी नहीं की होगी। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के साथ बैठक से पहले पुतिन असहाय उनका इंतजार करते नजर आए। एक वायरल हो रही एक क्लिप में पुतिन की बेचैनी साफ देखी गई। फरवरी के अंत में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से ईरान में पुतिन की नाटो गठबंधन के नेता एर्दोगन के साथ पहली बैठक थी। एर्दोगन को रूसी नेता के साथ बैठक के लिए देर हो गई थी और तभी ये पल कैमरे में कैद हो गया।
बैठक कक्ष में पहुंचे पुतिन, लेकिन मौजूद नहीं थे एर्दोगन
पुतिन उस कमरे में दाखिल हुए जहां दोनों नेताओं के बीच बैठक होने वाली थी, लेकिन उनका अभिवादन करने के लिए कोई भी मौजूद नहीं था। वीडियो में दिख रहा है कि पुतिन अपनी कुर्सी और राष्ट्रों के दो झंडों के सामने 50 सेकंड के लिए खड़े रहते हैं, उनके हाथ बंधे हुए हैं, उनका मुंह चल रहा है और एर्दोगन के सामने आने से पहले उनका रुख लगातार बदल रहा है। तभी एर्दोगन आते हैं और पुतिन अपने हाथों को उठाते हैं। एर्दोगन कहते हैं- हेलो, आप कैसे हैं? फिर दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते हैं और हाथ मिलाते हैं।
... pic.twitter.com/oyTubLlJtA
— Christo Grozev (@christogrozev) July 19, 2022
एर्दोगन ने लिया मॉस्को की बैठक का बदला
वैसे पुतिन विश्व नेताओं को प्रतीक्षा करने के लिए जाने जाते हैं। तुर्की मीडिया में चर्चा है कि यह मॉस्को में 2020 की बैठक का बदला हो सकता है जब एर्दोगन को एक बैठक से पहले पुतिन ने लगभग दो मिनट तक इंतजार कराया था। तुर्की की T24 वेबसाइट ने एक हेडलाइन में पूछा- "क्या यह बदला था?" इस क्लिप की काफी ऑनलाइन चर्चा हो रही है। मिडिल ईस्टर्न मीडिया ऑर्गनाइजेशन नेशनल न्यूज के वरिष्ठ संवाददाता जॉयस करम ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा, वे 50 सेकंड जो एर्दोगन ने पुतिन को इंतजार कराया, कैमरों के सामने असहाय दिखना बहुत कुछ कहता है कि यूक्रेन के बाद समय कितना बदल गया है।
फरवरी में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने हजारों लोगों की जान चली गई है और लाखों लोगों को विस्थापित कर दिया। लेकिन दुनिया के सबसे बड़े गेहूं और अन्य अनाज के निर्यातकों में से एक यूक्रेन से शिपमेंट में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे वैश्विक खाद्य कमी की आशंका बढ़ गई है।