{"_id":"63edfd49cd7ca51b510527c7","slug":"turkey-earthquake-children-homeless-experience-trauma-stress-2023-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Turkey Earthquake: भूकंप से बेघर हुए हजारों बच्चे अभी तक सदमे में! मनोचिकित्सक बोले- उबरने में लगेगा लंबा समय","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Turkey Earthquake: भूकंप से बेघर हुए हजारों बच्चे अभी तक सदमे में! मनोचिकित्सक बोले- उबरने में लगेगा लंबा समय
Thu, 16 Feb 2023 06:25 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 16 Feb 2023 06:25 PM IST
सार
शरणार्थी शिविर में काम कर रहीं मनोचिकित्सक हासिबे एबरु का कहना है कि भूकंप का लोगों की मनोस्थिति पर गहरा असर पड़ा है। लोग भारी पीड़ा और तनाव से गुजर रहे हैं।
विज्ञापन
तुर्किये में भूकंप से हजारों लोगों की हुई मौत
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीते हफ्ते तुर्किये और सीरिया में आए शक्तिशाली भूकंप से बड़ी संख्या में बच्चे बेघर हो गए हैं। साथ ही प्रभावित बच्चे अभी तक भूकंप से लगे सदमे से उबर नहीं पाए हैं और कई तनाव के शिकार हो गए हैं। शरणार्थी कैंपों में बच्चों को पढ़ा रहीं एक महिला अध्यापक ने बताया कि बच्चे अभी तक भूकंप के बारे में बात करते हैं और वह बिल्डिंग ब्लॉक बनाकर पूछते हैं कि क्या ये बिल्डिंग भूकंप के लिहाज से ठीक है? क्या यह पर्याप्त मजबूत है? इसके अलावा बच्चे खिलौनों से खेलते हुए भी भूकंप के बारे में बात करते रहते हैं।
विज्ञापन
बता दें कि भूकंप के चलते तुर्किये और सीरिया में कुल 41 हजार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कई लोग कई दिनों तक मलबे में दबे रहने के बाद सुरक्षित बाहर निकाले गए हैं। इस दौरान उन्होंने जिस डर और ठंड का सामना किया, उसके तनाव से वह अब तक उबर नहीं पाए हैं। कई लोगों ने भूकंप में अपनों को खो दिया है और कई लोगों का भूकंप में सबकुछ तबाह हो गया है।
विज्ञापन
शरणार्थी शिविर में काम कर रहीं मनोचिकित्सक हासिबे एबरु का कहना है कि भूकंप का लोगों की मनोस्थिति पर गहरा असर पड़ा है। लोग भारी पीड़ा और तनाव से गुजर रहे हैं। कई लोगों को लगता है कि वह पागल हो जाएंगे। एबरु बताती हैं कि वह लोगों से कहती हैं कि वह जो महसूस कर रहे हैं, यह सामान्य है। जैसे जैसे वह सुरक्षित वातावरण में जाएंगे तो उनकी परेशानी कम होती जाएगी। लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
डॉक्टरों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों को मानसिक आघात लगा है। जिसके चलते उन्हें स्ट्रेस डिसऑर्डर और पैनिक अटैक आ रहे हैं।
बेंगलुरू के स्वयंसेवक कर रहे तुर्की और सीरिया की मदद
बेंगलुरू के स्वयंसेवकों के एक समूह ने नई दिल्ली में दूतावास के माध्यम से तुर्किए और सीरिया के भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी है। बुधवार को इन स्वयंसेवकों द्वारा, आरोग्य सेवा और वन्नम वेंचर्स के सहयोग से तुर्की के दूतावास को 1,000 से अधिक कंबल और सीरिया के दूतावास को धनदान दिया।
बेंगलुरु के एक स्वयंसेवक पुनीत टी ने कहा कि हम तुर्किए और सीरिया में भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए राहत प्रयासों में अपना योगदान कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि तुर्किए के दूतावास को 1,000 कंबल का दान और सीरिया के दूतावास को मौद्रिक दान त्रासदी से प्रभावित लोगों की पीड़ा को कम करने में कुछ मदद करेगा।
गौरतलब है कि छह फरवरी को दक्षिण-पूर्वी तुर्की और पड़ोसी सीरिया में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इतना ही नही इसके बाद आए एक के बाद एक कई बड़े झटकों के कारण 40 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।