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Gaza Crisis: गाजा पर कब्जे की इस्राइल की योजना के खिलाफ तुर्किये, कहा- एकजुट होकर काम करें मुस्लिम देश
Sun, 10 Aug 2025 08:14 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 10 Aug 2025 08:14 AM IST
सार
इस्राइली सुरक्षा परिषद ने गाजा पर कब्जे की योजना को मंजूरी दी थी। इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि कैबिनेट ने पांच सिद्धांतों को अपनाया है। इस्राइल के इस फैसले की तुर्किये और मिस्र ने निंदा की है।
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हकान फिदान
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
गाजा पर कब्जा करने की इस्राइल की योजना के खिलाफ तुर्किये उतर आया है। तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान ने इस्राइल के फैसले कर निंदा करते हुए कहा कि सभी मुस्लिम देशों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। साथ ही इस्राइल की योजना का वैश्विक स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए। मिस्र ने भी इस्राइल के फैसले की निंदा की। हालांकि इस्राइल ने गाजा में कब्जे की योजना से इनकार किया है।
मिस्र में राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी और विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती से मुलाकात के बाद तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि यह इस्राइल की नरसंहारकारी और विस्तारवादी नीतियों का एक नया दौर है। इसे रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर उपाय करने की जरूरत है। इसलिए हमने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को आपातकालीन बैठक के लिए बुलाया है। फिदान ने कहा कि इस्राइल की नीति का उद्देश्य फलस्तीनियों को भुखमरी के जरिये उनकी जमीन से बाहर निकालना है। साथ ही गाजा पर स्थायी रूप से हमला करना है। फिदान ने कहा कि मुस्लिम देशों के पास इस्राइल का समर्थन करने का कोई बहाना नहीं है।
वहीं मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती ने कहा कि यह भी बेहद खतरनाक है। यह न केवल फलस्तीनियों के लिए खतरा है बल्कि पड़ोसी देशों के लिए भी खतरनाक है। इस्राइल की योजनाएं अस्वीकार्य हैं। गाजा पर तुर्किये के साथ पूर्ण समन्वय है। उन्होंने ओआईसी मंत्रिस्तरीय समिति के इस्राइल की योजना की निंदा के बारे में जानकारी दी।
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इस्लामिक सहयोग संगठन ने भी की निंदा
ओआईसी समिति ने कहा कि इस्राइल की योजना एक खतरनाक और अस्वीकार्य वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन और अवैध कब्जे को मजबूत करने का प्रयास है। यह शांति के किसी भी अवसर को नष्ट कर देगा। ओआईसी ने वैश्विक शक्तियों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा है कि वे अपनी कानूनी और मानवीय जिम्मेदारियों को समझें। इस्राइल की गाजा पर कब्जे की योजना को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के लिए तत्काल जवाबदेही सुनिश्चित करें।
हाल ही में इस्राइली सुरक्षा परिषद ने गाजा पर कब्जे को मंजूरी दी थी। इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि कैबिनेट ने पांच सिद्धांतों को अपनाया है। इसमें हमास का निरस्त्रीकरण, शेष बचे सभी 50 बंधकों की वापसी, गाजा पट्टी का विसैन्यीकरण, गाजा पट्टी पर इस्राली सुरक्षा नियंत्रण और एक वैकल्पिक नागरिक सरकार का अस्तित्व।
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मिस्र में राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी और विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती से मुलाकात के बाद तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि यह इस्राइल की नरसंहारकारी और विस्तारवादी नीतियों का एक नया दौर है। इसे रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर उपाय करने की जरूरत है। इसलिए हमने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को आपातकालीन बैठक के लिए बुलाया है। फिदान ने कहा कि इस्राइल की नीति का उद्देश्य फलस्तीनियों को भुखमरी के जरिये उनकी जमीन से बाहर निकालना है। साथ ही गाजा पर स्थायी रूप से हमला करना है। फिदान ने कहा कि मुस्लिम देशों के पास इस्राइल का समर्थन करने का कोई बहाना नहीं है।
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वहीं मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती ने कहा कि यह भी बेहद खतरनाक है। यह न केवल फलस्तीनियों के लिए खतरा है बल्कि पड़ोसी देशों के लिए भी खतरनाक है। इस्राइल की योजनाएं अस्वीकार्य हैं। गाजा पर तुर्किये के साथ पूर्ण समन्वय है। उन्होंने ओआईसी मंत्रिस्तरीय समिति के इस्राइल की योजना की निंदा के बारे में जानकारी दी।
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इस्लामिक सहयोग संगठन ने भी की निंदा
ओआईसी समिति ने कहा कि इस्राइल की योजना एक खतरनाक और अस्वीकार्य वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन और अवैध कब्जे को मजबूत करने का प्रयास है। यह शांति के किसी भी अवसर को नष्ट कर देगा। ओआईसी ने वैश्विक शक्तियों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा है कि वे अपनी कानूनी और मानवीय जिम्मेदारियों को समझें। इस्राइल की गाजा पर कब्जे की योजना को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के लिए तत्काल जवाबदेही सुनिश्चित करें।
हाल ही में इस्राइली सुरक्षा परिषद ने गाजा पर कब्जे को मंजूरी दी थी। इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि कैबिनेट ने पांच सिद्धांतों को अपनाया है। इसमें हमास का निरस्त्रीकरण, शेष बचे सभी 50 बंधकों की वापसी, गाजा पट्टी का विसैन्यीकरण, गाजा पट्टी पर इस्राली सुरक्षा नियंत्रण और एक वैकल्पिक नागरिक सरकार का अस्तित्व।
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