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ट्रंप ने किया वीटो : अमेरिकी रक्षा विधेयक को चीन और रूस के लिए तोहफा बताते हुए रोका
Thu, 24 Dec 2020 08:02 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Thu, 24 Dec 2020 08:02 AM IST
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : ANI
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की सालाना डिफेंस पॉलिसी यानी महत्वपूर्ण रक्षा विधेयक पर वीटो कर लिया है। ट्रंप का कहना है कि यह रक्षा विधेयक रूस और चीन की मदद करने वाला था। बता दें कि एक हफ्ते पहले ही अमेरिकी संसद ने 740 अरब डॉलर के डिफेंस पॉलिसी बिल को पारित किया था, जिसे ट्रंप ने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर रोक दिया है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में पहला और एकमात्र ओवरराइड वीटो लगाया है। इस बिल के माध्यम से अमेरिकी सेना के वेतन में तीन फीसदी की बढ़ोतरी होनी थी और सैन्य कार्यक्रमों और निर्माण में 740 अरब डॉलर से ज्यादा राशि मिलती।
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अमेरिकी संसद से पारित होने के बाद यह बिल नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन एक्ट बनने वाला था। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव औऱ सीनेट में इस बिल का सांसदों ने समर्थन किया था। इसे बस राष्ट्रपति की मंजूरी मिलनी बाकी थी। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही कह दिया था कि बिल में सोशल मीडिया कंपनियों के लिए कानूनी सुरक्षा के प्रावधान नहीं हैं। इसलिए वो इस बिल को वीटो करने के लिए विशेष अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
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वीटो करते हुए ट्रंप ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इस एक्ट के महत्व को प्रशासन ने समझ लिया है। दुर्भाग्य से एक्ट में गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा मापदंड शामिल नहीं है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी इस बिल का समर्थन नहीं किया था, क्योंकि इसमें एक प्रावधान ऐसा था जो ट्विटर और फेसबुक जैसी टेक कंपनियों को कानूनी सुरक्षा देने का खंडन करता था।
बिल में भारत-चीन तनाव का भी जिक्र
ट्रंप के ओवरराइड वीटो के लिए सीनेट या संसद को दो तिहाई सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी। सीनेट में यह बिल 84-13 वोटों से पहले ही पास हो चुका है और संसद में 355-78 वोट का आंकड़ा है। इस बिल में भारत और चीन के बीच वास्तविक रेखा नियंत्रण पर हुए तनाव का भी जिक्र किया है।