अमेरिका में भारत के राजदूत का खुलासा, ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन कर बताई थीं दो इच्छाएं
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भारत और अमेरिका के रिश्ते किस तरह परवान चढ़ रहे हैं, इसका अंदाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई 'फोन पर चर्चा' से लगाया जा सकता है। दरअसल, अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने इस बारे में खुलासा करते हुए कहा है कि दोनों ही नेता लगातार संपर्क में रहते हैं। दोनों के बीच दो जून को फोन पर कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी दो इच्छाएं भी प्रधानमंत्री मोदी को बताई थीं।
संधू ने बताया कि फोन पर दोनों नेताओं के बीच कई पहलुओं पर बात हुई, लेकिन दो मुद्दे सबसे अहम रहे। इनमें पहला यह था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को जी7 शिखर सम्मेलन में आने और भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। दूसरा यह था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी से जी7 के विस्तार और उसमें भारत के शामिल होने को लेकर इच्छा जाहिर की।
इस पर संधू ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ काम करके बहुत खुश होगा। हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि मुझे लगता है कि कोई निश्चत तारीख को अंतिम रूप से तय किया जाना अभी बाकी है। एक बार जब तारीखें तय हो जाएंगी तो उसकी जानकारी दी जाएगी।
गांधी की प्रतिमा से दुर्व्यवहार मानवता के खिलाफ अपराध: संधू
इसके साथ ही संधू ने वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ कुछ अराजक तत्वों की ओर से की गई हरकत पर कहा कि यह मानवता के खिलाफ अपराध है। हमने तुरंत इसकी सूचना विदेश विभाग को दी।
हमने मेट्रोपॉलिटन पुलिस और पार्क पुलिस के पास मामले दर्ज कराए हैं, वे इस मामले में जांच कर रहे हैं। जहां तक प्रतिमा दुरुस्त किए जाने की बात है, यह काम चल रहा है। हमें अमेरिका के अधिकारियों की ओर से इस संबंध में अनुरोध भी मिला है, मुझे लगता है कि अगले हफ्ते तक यह काम पूरा हो जाएगा।
बता दें कि इस घटना पर भारत में अमेरिकी राजदूत केन जस्टर ने माफी भी मांगी थी। दरअसल, अमेरिका में आगजनी और हिंसा के बीच कुछ अज्ञात बदमाशों ने वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर ग्राफिटी और स्प्रे पेंटिंग से छेड़खानी की थी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया था।
इस मामले में भारतीय दूतावास ने अमेरिका के सामने इस मुद्दे को उठाया और मेट्रोपोलिटन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इस घटना के सामने आने के तुरंत बाद भारत में अमेरिकी राजदूत केन जस्टर ने माफी मांगते हुए कहा था, वाशिंगटन डीसी में महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ हुए दुर्व्यवहार से हम शर्मिंदा हैं। इसके लिए हम माफी मांगते हैं।
चिकित्सा-दवाओं के क्षेत्र में भी बढ़ा रहे सहयोग
इस दौरान संधू ने कहा कि भारत और अमेरिका भी मिलकर कोरोना महामारी का सामना कर रहे हैं। भारत ने अमेरिका को जरूरी दवाओं की आपूर्ति की है। भारत एक बड़ा दवा निर्माता देश है और जरूरी दवाओं की आपूर्ति करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं अमेरिका की निजी कई कंपनियां भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इसके अलावा कोरोना की वैक्सीन बनाने के लिए भी भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ा है। उम्मीद है आगे चलकर भारत और अमेरिका इस क्षेत्र में आपसी सहयोग कोई नई ऊंचाई तक ले जाएंगे।
#WATCH— On this aspect,there has been a very close collaboration: Taranjit Singh Sandhu, Indian Envoy to US on,"In telephonic conversation, the two leaders (PM Modi&US President Trump) also exchanged views on #COVID19. Can you spell out finer details in terms of collaborations?" pic.twitter.com/6G8J5hQtDm
— ANI (@ANI) June 9, 2020