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US: 'टैरिफ अमेरिकी व्यापार नीति का अहम हिस्सा, बीजिंग पर दबाव बढ़ाएंगे', चीन दौरे से पहले ट्रंप का बड़ा बयान
Tue, 05 May 2026 09:33 AM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, वाशिंगटन।
आईएएनएस, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 05 May 2026 09:33 AM IST
सार
US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन दौरे से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने टैरिफ को अपनी व्यापार नीति का प्रमुख साधत बताते हुए संकेत दिया कि वह चीन व अन्य देशों पर टैरिफ की दरें बढ़ाएंगे, जिन्होंने उनके देश के व्यापार को नुकसान पहुंचाया है। पढ़िए रिपोर्ट-
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आयात शुल्क (टैरिफ) अब भी अमेरिकी व्यापार नीति का एक मुख्य साधन (टूल) रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि इन कदमों का उद्देश्य चीन और अन्य देशों पर दबाव बनाना है, जिन्होंने अमेरिकी कारोबार को नुकसान पहुंचाया।
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि सस्ते आयात से घरेलू कंपनियों को नुकसान हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति इस महीने के आखिर में चीन के दौरे पर जाएंगे, जहां वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। चीन की यात्रा से पहले उन्होंने कहा, चीन और दूसरे देशों के ऐसे उत्पाद बनाने से आपको नुकसान हो रहा है जो उतने अच्छे नहीं हैं, लेकिन उनमें कम पैसे लगते हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि टैरिफ इस प्रवृत्ति को बदलने और राजस्व बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, टैरिफ के इस्तेमाल की वजह से हमारे पास यह सारा पैसा है। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा टैरिफ दरें पर्याप्त नहीं हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां विदेशी प्रतिस्पर्धा का दबाव लगातार बना हुआ है।
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उन्होंने कहा कि अगर कंपनियां उत्पादन अमेरिका में करेंगी तो उन्हें टैरिफ नहीं देना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे कई उद्योग फिर से देश में लौट रहे हैं, खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र। उन्होंने टैरिफ को अमेरिकी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) में बड़े स्तर पर सुधार से जोड़ा और कहा, हमने अपने जिस कार उद्योग को खो दिया था, वो सब वापस आ रहा है।
ट्रंप ने अमेरिका-चीन संबंधों को प्रतिस्पर्धी लेकिन मित्रतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अमेरिका चीन से आगे है। हमारे बीच मित्रतापूर्ण प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने पिछली व्यापार नीतियों की आलोचना की। ट्रंप ने कहा, इस देश में हमे दशकों से ठगा गया है। पहले की सरकारें घरेलू उद्योगों को बचाने में नाकाम रही हैं। टैरिफ ने हमारे देश को अमीर बनाया है।
उन्होंने फर्नीचर और अन्य निर्माण क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्पादन को फिर से अमेरिका में लाने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही उन्होंने माना कि टैरिफ नीतियों को लेकर कानूनी चुनौतियां भी मौजूद हैं, लेकिन सरकार के पास अन्य मजबूत विकल्प भी हैं।
छोटे व्यवसाय अमेरिका की रीढ़: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि छोटे व्यवसाय अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने टैक्स में कटौती और नियमों में ढील के साथ टैरिफ को विकास का प्रमुख कारक बताया। नेशनल स्मॉल बिजनेस वीक के मौके पर ट्रंप ने कहा कि यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधि में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, इस कमरे में बैठे लोग 36 मिलियन छोटे कारोबार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अमेरिका में सभी आर्थिक गतिविधियों का 40 फीसदी बनाते हैं।
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व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि सस्ते आयात से घरेलू कंपनियों को नुकसान हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति इस महीने के आखिर में चीन के दौरे पर जाएंगे, जहां वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। चीन की यात्रा से पहले उन्होंने कहा, चीन और दूसरे देशों के ऐसे उत्पाद बनाने से आपको नुकसान हो रहा है जो उतने अच्छे नहीं हैं, लेकिन उनमें कम पैसे लगते हैं।
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उन्होंने तर्क दिया कि टैरिफ इस प्रवृत्ति को बदलने और राजस्व बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, टैरिफ के इस्तेमाल की वजह से हमारे पास यह सारा पैसा है। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा टैरिफ दरें पर्याप्त नहीं हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां विदेशी प्रतिस्पर्धा का दबाव लगातार बना हुआ है।
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उन्होंने कहा कि अगर कंपनियां उत्पादन अमेरिका में करेंगी तो उन्हें टैरिफ नहीं देना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे कई उद्योग फिर से देश में लौट रहे हैं, खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र। उन्होंने टैरिफ को अमेरिकी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) में बड़े स्तर पर सुधार से जोड़ा और कहा, हमने अपने जिस कार उद्योग को खो दिया था, वो सब वापस आ रहा है।
ट्रंप ने अमेरिका-चीन संबंधों को प्रतिस्पर्धी लेकिन मित्रतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अमेरिका चीन से आगे है। हमारे बीच मित्रतापूर्ण प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने पिछली व्यापार नीतियों की आलोचना की। ट्रंप ने कहा, इस देश में हमे दशकों से ठगा गया है। पहले की सरकारें घरेलू उद्योगों को बचाने में नाकाम रही हैं। टैरिफ ने हमारे देश को अमीर बनाया है।
उन्होंने फर्नीचर और अन्य निर्माण क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्पादन को फिर से अमेरिका में लाने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही उन्होंने माना कि टैरिफ नीतियों को लेकर कानूनी चुनौतियां भी मौजूद हैं, लेकिन सरकार के पास अन्य मजबूत विकल्प भी हैं।
छोटे व्यवसाय अमेरिका की रीढ़: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि छोटे व्यवसाय अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने टैक्स में कटौती और नियमों में ढील के साथ टैरिफ को विकास का प्रमुख कारक बताया। नेशनल स्मॉल बिजनेस वीक के मौके पर ट्रंप ने कहा कि यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधि में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, इस कमरे में बैठे लोग 36 मिलियन छोटे कारोबार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अमेरिका में सभी आर्थिक गतिविधियों का 40 फीसदी बनाते हैं।
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