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पाकिस्तान: ईरान से दूसरे दौर की वार्ता के लिए आज इस्लामाबाद पहुंचेंगे अमेरिकी वार्ताकार, बढ़ाई गई सुरक्षा

Mon, 20 Apr 2026 01:42 AM IST
Nirmal Kant पीटीआई, इस्लामाबाद/वॉशिंगटन।
पीटीआई, इस्लामाबाद/वॉशिंगटन। Published by: Nirmal Kant Updated Mon, 20 Apr 2026 01:42 AM IST
सार

Islamabad Talks: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को इस्लामाबाद रवाना होंगे। हालांकि, इस वार्ता में ईरान शामिल होगा या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं की गई है। उधर, पाकिस्तान और ईरान के नेताओं के बीच बातचीत हुई। इस अहम वार्ता के मद्देनजर इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ाई गई है। पढ़िए रिपोर्ट-

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Trump says US negotiators to be in Islamabad on Monday for Iran talks, Pakistan beefs up security
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए इस्लामाबाद में होंगे। इस बीच, पाकिस्तान ने राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है।
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बिना नतीजे के खत्म हुई थी पहले दौर की वार्ता 
ईरान और अमेरिका के बीच पहले भी बातचीत हुई थी। यह वार्ता 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई थी। इस वार्ता का उद्देश्य दोनों के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करना था। हालांकि, उस समय कोई समझौता नहीं बन पाया और वार्ता बिना नतीजे के खत्म हो गई।
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आगे बढ़ाया जा सकता है युद्धविराम
दो हफ्ते का युद्धविराम जारी है। अब ट्रंप की ओर से नए दौर की वार्ता की घोषणा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है। अस्थायी युद्धविराम बुधवार को समाप्त हो रहा है। 
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा, मेरे प्रतिनिधि पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा रहे हैं। वे बातचीत के लिए कल शाम तक वहां होंगे। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दोहराई कि अगर तेहरान शांति समझौते तक नहीं पहुंचता है तो अमेरिका ईरान में पुलों और बिजली संयंत्रों को नष्ट कर सकता है।

वेंस करेंगे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व: व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। जरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी उनकी टीम का हिस्सा होंगे। पिछले सप्ताह पहले दौर की वार्ता का नेतृत्व भी वेंस ने किया था। 

ईरान से मंगलवार सुबह बैठक होगी: अमेरिकी राष्ट्रपति
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा उनके दामाद जरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ पश्चिम एशिया जा रहे हैं। वे सोमवार को रवाना होंगे। उनकी बैठक मंगलवार सुबह शुरू होगी। यह एक बहुत ही सरल समझौता है। वे इसके बहुत से हिस्सों पर सहमत हो चुके हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध बढ़ा
होर्मुज जलडमरूमध्य पहले दौर की बातचीत में प्रमुख मुद्दों में से एक था। इसको लेकर शनिवार को और गतिरोध बढ़ गया, जब ईरान ने इस संकरे जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई की। अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी आगे बढ़ाने के बाद यह स्थिति बनी।

ट्रंप ने आईआरजीसी पर क्या आरोप लगाए?
ट्रंप ने ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की आलोचना करते हुए कहा कि उसने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा, ईरान ने कल होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलियां चलाईं। यह हमारे युद्धविराम समझौते का पूरी तरह उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी बलों ने इस रणनीतिक जलमार्ग में एक फ्रांसीसी जहाज और एक ब्रिटिश ध्वज वाले मालवाहक सहित कई जहाजों को निशाना बनाया। ट्रंप ने भारत के उन दो जहाजों का जिक्र नहीं किया, जिन पर शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी की गई थी।

समझौता करे ईरान वरना तबाह होंगे प्रत्येक बिजली संयंत्र-पुल: ट्रंप
उन्होंने कहा, अब समय आ गया है कि ईरान के हिंसक तंत्र का खात्मा हो।  उन्होंने कहा, हम एक बहुत ही निष्पक्ष और उचित समझौता दे रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार करेंगे, क्योंकि अगर नहीं किया तो अमेरिका ईरान के हर बिजली संयंत्र और हर पुल को नष्ट कर देगा। अब कोई नरमी नहीं। 

ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना उनके लिए 'सम्मान' की बात होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले 47 वर्षों में अमेरिका के अन्य राष्ट्रपतियों को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था।
 
उन्होंने ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के फैसले को 'अनुचित' बताया और कहा कि यह जलमार्ग पहले से ही अमेरिकी नाकेबंदी के कारण बंद था। ईरान की ओर से दूसरे दौर की बातचीत में भागीदारी की कोई पुष्टि नहीं की गई है।

पाकिस्तान और ईरान के बीच बातचीत
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। डार ने कहा कि मौजूदा मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने के लिए बातचीत और संवाद आवश्यक है, ताकि क्षेत्र में आगे शांति और स्थिरता बनी रहे। दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने और बाद में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज के बीच फोन कॉल पर भी सहमति जताई।

ये भी पढ़ें: ट्रंप की आखिरी चेतावनी: राष्ट्रपति बोले- डील मानो, वरना अंधेरे में डूबेगा ईरान; पाकिस्तान में कल फिर वार्ता

इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ाई गई
ट्रंप की घोषणा से पहले ही इस्लामाबाद और रावलपिंडी प्रशासन ने संकेत दिए थे कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए आ रहे हैं। इस्लामाबाद पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स खाते पर कहा कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आगमन के कारण संवेदनशील इलाके और विस्तारित संवेदनशील इलाके पूरी तरह से बंद रहेंगे। लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात पुलिस के साथ सहयोग करने की सलाह दी गई है।

पहले एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया था कि 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और रावलपिंडी में 600 से अधिक चेकप्वाइंट बनाए गए हैं। अधिकारियों ने नूर खान एयरबेस और इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास कई संवेदनशील क्षेत्रों को रविवार आधी रात से बंद करने की घोषणा की है। अधिकारियों को छतों पर भी तैनात किया जाएगा, ताकि निगरानी मजबूत की जा सके। इस्लामाबाद प्रशासन ने सार्वजनिक और भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है।


नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। रावलपिंडी में ड्रोन उड़ाने, कबूतर उड़ाने और हवाई गोलीबारी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एक उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

शरीफ और मुनीर ने किए विदेश दौरे
पहले दौर की वार्ता विफल होने के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर कूटनीतिक प्रयास तेज किए हैं, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता हो सके। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 15 अप्रैल से सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के दौरे किए हैं। जबकि, पाकिस्तान के रक्षा प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तीन दिन ईरान में बिताए, ताकि विवादित मुद्दों पर सहमति बन सके।


 
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