{"_id":"6332a939564e2851751db6ea","slug":"transgender-law-in-pakistan-23-thousand-people-changed-their-genders","type":"story","status":"publish","title_hn":"Transgenders in Pakistan: पाकिस्तान में 23 हजार मर्द बन गए औरत! कट्टरपंथियों को नहीं पच रहा ट्रांसजेंडर कानून","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Transgenders in Pakistan: पाकिस्तान में 23 हजार मर्द बन गए औरत! कट्टरपंथियों को नहीं पच रहा ट्रांसजेंडर कानून
Tue, 27 Sep 2022 01:11 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 27 Sep 2022 01:11 PM IST
सार
2018 का ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम नागरिकों को पुरुष, महिला या ट्रांसजेंडर के रूप में आत्म-पहचान के अधिकार की गारंटी देता है। यह इस समुदाय को पासपोर्ट, राष्ट्रीय पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी आधिकारिक दस्तावेजों पर अपनी पहचान पंजीकृत करने की गारंटी देता है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को कानूनी मान्यता प्रदान करने के लिए पाकिस्तान में लाया गया ट्रांसजेंडर कानून कई इस्लामी संगठनों को नहीं पच रहा है। इस्लामिक संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। 2018 में संसद द्वारा पारित किए गए इस कानून के खिलाफ अब कट्टरपंथी राजनीतिक दल जमात-ए-इस्लामी की ओर से याचिका दाखिल की गई। सीनेटर मुश्ताक अहमद खान ने याचिका में दावा किया है कि यह कानून समलैंगिक विवाह और समलैंगिकता को वैध बनाता है।
विज्ञापन
जबकि, पाकिस्तानी संसद के अध्यक्ष सादिक संजरानी ने कहा है कि ट्रांसजेंडर कानून को लेकर प्राप्त संशोधनों पर विचार करने के लिए गठित समिति अगर आवश्यकता हुई तो इस्लामी विद्वानों से परामर्श लेगी। उन्होंने कहा, सीनेट इस्लामी कानूनों के खिलाफ कभी भी कुछ नहीं करेगी।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
ट्रांसजेंडर कानून को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावे किए जा रहे हैं कि यह कानून पाकिस्तान में रह रहे महिलाओं व पुरुषों को अपना लिंग परिवर्तन कराने का अधिकार देगा। इसके अलावा समान लिंग में विवाह की भी अनुमति देगा। कई सोशल मीडिया पोस्ट में तो यहां तक दावा किया जा रहा है कि 2018 में बिल पेश होने से 2021 तक पाकिस्तान में 23 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना लिंग परिवर्तन कराया। हालांकि, पाकिस्तानी मीडियो जियो न्यूज के फैक्ट चेक में इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
विज्ञापन
क्या है बिल?
2018 का ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम नागरिकों को पुरुष, महिला या ट्रांसजेंडर के रूप में आत्म-पहचान के अधिकार की गारंटी देता है। इसके अलावा वह इस समुदाय को पासपोर्ट, राष्ट्रीय पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी आधिकारिक दस्तावेजों पर अपनी पहचान पंजीकृत करने की गारंटी देता है। यह कानून स्कूलों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ भेदभाव को प्रतिबंधित करता है। साथ ही उनके वोट देने, संपत्ति के अधिकार को सुनिश्चित करता है।