फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Trade war: China lost millions of jobs  American economy is also in crisis

ट्रेड वॉर: चीन में लाखों नौकरियां गईं तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था भी संकट में

Tue, 03 Sep 2019 05:45 AM IST
Nilesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Nilesh Kumar Updated Tue, 03 Sep 2019 05:45 AM IST
सार

  • चीन में एक साल में 19 लाख नौकरियां अकेले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में खत्म
  • अमेरिका से चल रही ट्रेड वॉर के बीच चीन के विनिर्माण क्षेत्र में मांग घटी 
  • अमेरिका में भी अर्थव्यवस्था संकट में, महंगाई बढ़ने के संकेत

विज्ञापन
Trade war: China lost millions of jobs  American economy is also in crisis
डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग

विस्तार

अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर के चलते चीन की पहले से गिर रही अर्थव्यवस्था में और गिरावट दर्ज हुई है। हाल ही में सामने आए चायना इंटरनेशनल कैपिटल कॉर्प (सीआईसीसी) के आंकड़ों के मुताबिक चीन में जुलाई 2018 से मई 2019 के बीच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ट्रेड वॉर के चलते 19 लाख नौकरियां चली गई हैं। 

विज्ञापन


इसका श्रेय भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने लेने की कोशिश की है लेकिन ट्रेड वॉर के चलते अमेरिका में भी हालात बहुत अच्छे नहीं हैं क्योंकि व्हाइट हाउस को मंदी से निपटने के उपायों की तैयारी शुरू करनी पड़ी है। 
विज्ञापन


दरअसल, यह वह वक्त है जब अमेरिका ने बारी-बारी से चीन के उत्पादों पर अमेरिका में आयात शुल्क में बढ़ोतरी की थी। फिर भी अभी यह कहना मुश्किल लग रहा है कि चीन में नौकरियां खत्म होने का कारण सिर्फ ट्रेड वॉर है या कुछ और भी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिकी थिंकटैंक पीटरसन इंस्टिीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल इकोनोमिक्स ने कहा है कि चीन में नौकरियों की गिरावट तो आई है लेकिन यह गिरावट पहले से आ रही है। इसका कारण है चीन का सेवा आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ना। इसलिए बदलाव का यह दौर पहले से ही शुरू हो चुका होना चाहिए। फिर भी यह सच है कि चीन में नौकरियों की हालत बेहद खराब है। 

सार्वजनिक ऋण प्रणाली पर संशय के बादल

चीन सरकार द्वारा विकसित सामाजिक ऋण प्रणाली की सफलता पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। आलोचकों ने चेतावनी दी कि है 2020 तक लागू होने वाली यह प्रणाली अधिकारियों को वांछनीय और अवांछनीय व्यवहार परिभाषित करने में सक्षम बनाती है और इसके लागू होने से नागरिकों के जीवन के अभूतपूर्व नियंत्रण की अनुमति भी मिल जाती है। इसलिए इसके प्रभावी ढंग से लागू होने में संदेह है।

यूएस में बढ़ेगी महंगाई, अर्थव्यवस्था संकट में

वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन से 112 अरब डॉलर के वार्षिक आयात पर 15 प्रतिशत शुल्क लगाने से अमेरिका में कपड़े, जूते, खेल सामान और कुछ उपभोक्ता सामान महंगे होना तय है। इस शुल्क बढ़ोत्तरी के बाद अमेरिका में चीन से आयातित लगभग दो तिहाई उपभोक्ता सामान अब महंगा हो जाएगा। इससे पहले अमेरिका ने चीनी माल पर आयात शुल्क बढ़ाते वक्त उपभोक्ता सामानों को छोड़ दिया था।

इस बढ़ोतरी के बाद अमेरिका में खुदरा सामान की कीमतें बढ़ने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को झटका लगने का खतरा है। कई अमेरिकी कंपनियों ने सरकार को आगाह किया है कि उन्हें यह बढ़ी लागत ग्राहकों से वसूलने पर मजबूर होना पड़ेगा और उन्हें चीन से आयातित सामान महंगा खरीदना पड़ेगा। शुल्क बढ़ोतरी के बाद से चीन से आयातित कपड़ों पर शुल्क 87 प्रतिशत और जूतों पर 52 प्रतिशत हो गया है।

ट्रेड वॉर के बीच चीन में विनिर्माण मांग घटी

अमेरिका से चल रही ट्रेड वॉर के बीच चीन के विनिर्माण क्षेत्र में मांग घटी है। दो सर्वेक्षणों में यह तथ्य उजागर हुआ है। कारोबार पत्रिका काइजिन का कहना है कि नए ऑर्डरों की तादाद इस साल के सबसे निचले स्तर पर है। वहीं, एक औद्योगिक समूह द्वारा शनिवार को जारी हुए सर्वे में भी मांग में गिरावट की बात कही गई है। 

अमेरिका में टैरिफ में हुई बढ़ोतरी के चलते चीनी निर्यातकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चीन के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है और उसे होने वाला निर्यात इस साल जुलाई में 6.5 फीसदी के स्तर पर आ गया। 

रविवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे के माल पर अतिरिक्त टैरिफ बढ़ाकर ट्रेड वॉर को और गहरा कर दिया। जून में खत्म हुई तिमाही में चीन की विकास दर 6.2 फीसदी रही, जो पिछले 26 साल में सबसे निचले स्तर पर है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed