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शर्मनाक करतूत: बच्चों के यौन उत्पीड़न में शीर्ष पादरी का इस्तीफा
Sun, 06 Jun 2021 05:47 AM IST
Jeet Kumar
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 06 Jun 2021 05:47 AM IST
सार
3700 बच्चोंके यौन उत्पीड़न मामले में जर्मनी कैथोलिक चर्च के शीर्ष पादरी ने ली जिम्मेदारी
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पादरियों द्वारा 3700 बच्चों के यौन उत्पीड़न के मामले में जर्मन कैथोलिक चर्च के एक शीर्ष पादरी (कार्डिनल) ने इस्तीफे की पेशकश की है। पोप फ्रांसिस से उन्होंने दायित्व मुक्त किए जाने की गुजारिश की है।
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पोप फ्रांसिस को भेजे पत्र में रीनहार्ड मार्क्स ने लिखा है कि उन्होंने चर्च में सुधार के लिए यह कदम उठाया है। पोप फ्रांसिस की सलाहकार परिषद के सदस्य मार्क्स खुद यौन उत्पीड़न के आरोपी नहीं हैं, लेकिन वह चर्च में हुई इन घटनाओं को लेकर दुखी थे।
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मार्क्स के मुताबिक मार्क्स ने कहा, चर्च में नई शुरुआत के लिए उठाया कदम इसमें दो राय नहीं है कि बीते दशकों में कैथोलिक प्रशासन बाल यौन उत्पीड़न को रोकने में विफल रहा। लिहाजा, इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेना जरूरी था। इसके लिए वह पिछले कई महीनों से पद छोड़ने पर विचार कर रहे थे।
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दूसरों के सामने रखना था उदाहरण
2018 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जर्मन विशपों ने रिपोर्ट जारी कर बताया था कि सात दशकों में 3,700 बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न हुआ है। तब कॉन्फ्रेंस में मौजूद कार्डिनल मार्स से पत्रकारों ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी के लिए धर्मगुरुओं के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा था।
मास के मुताबिक, उस दौरान किसी ने भी नैतिक आधार पर पद नहीं छोड़ा था, लेकिन यह सवाल मेरे जेहन में बैठ गया। ऐसे में अब मैंने खुद ही उदाहरण पेश करने का फैसला लिया है।
आग्रह करता हूं, पोप स्वीकार करें इस्तीफा
21 मई को वेटिकन को भेजे पत्र में मार्क्स ने लिखा , मेरा यह कदम न सिर्फ जर्मनी , बल्कि बाकी चर्चा में भी एक नई शुरुआत और नवजागरण को जन्म दे सकता है। ऐसे में मैं आग्रह करता हूं कि पोप फ्रांसिस मेरा इस्तीफा मंजूर करें।
मार्क्स ने कहा है, वह पदमुक्त होने के बाद भी चर्च में सुधार के लिए प्रयासरत रहेंगे। हालांकि, फ्रांसिस के कार्यालय ने इस्तीफे पर फैसला होने तक उन्हें अपना दायित्व निभाते रहने को कहा है।